Canva का Offline Mode: फ्री और पेड दोनों यूजर्स को मिला बड़ा फायदा, बिना इंटरनेट के भी हो जाएगी एडिटिंग
Canva ने नया Offline Mode फीचर रोलआउट करना शुरू कर दिया है. अब यूजर्स बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी अपने डिज़ाइन एडिट कर सकेंगे. यह फीचर 14 दिन तक ऑफलाइन काम करने की सुविधा देता है और फ्री व पेड दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है.
20 जून को होगा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमि पूजन, CM डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल
मालवा क्षेत्र की लंबे समय से प्रतीक्षित इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन 20 जून को इंदौर जिले के चंद्रावतीगंज में होने जा रहा है। यह परियोजना लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए सफर को आसान बनाएगी। इस अहम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। यह एक्सेस-कंट्रोल्ड फोरलेन कॉरिडोर खास तौर पर सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है, जिससे महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को इंदौर से उज्जैन तक यात्रा करने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
दरअसल कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और कलेक्टर शिवम वर्मा ने चंद्रावतीगंज स्थित सागर गार्डन पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का विस्तार से निरीक्षण किया और मंच, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, पेयजल, बिजली, सुरक्षा इंतजाम और बैठक व्यवस्था सहित सभी जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं और कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों तथा आम लोगों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए
मंत्री सिलावट और कलेक्टर वर्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखने और सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए। जिला प्रशासन ने इस बड़े आयोजन को लेकर अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं, ताकि कार्यक्रम बेहतर और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके।
वहीं यह अहम परियोजना करीब 48.10 किलोमीटर लंबी होगी। इसे एक्सेस-कंट्रोल्ड फोरलेन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें भविष्य में विस्तार की भी संभावना रहेगी। यह कॉरिडोर इंदौर के पित्र पर्वत क्षेत्र के पास से शुरू होकर उज्जैन के सिंहस्थ बायपास क्षेत्र तक जाएगा। इस परियोजना का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जा रहा है। परियोजना की कुल निर्माण लागत करीब 1,089 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इसके बड़े आकार को दर्शाती है।
इंदौर से उज्जैन की यात्रा सिर्फ 30 से 35 मिनट में पूरी की जा सकेगी
इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के तैयार होने के बाद इंदौर से उज्जैन की यात्रा सिर्फ 30 से 35 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे समय की बड़ी बचत होगी। मौजूदा हाईवे पर वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात अधिक सुगम बनेगा। यह परियोजना सिंहस्थ, महाकाल दर्शन और धार्मिक पर्यटन को बड़ा लाभ पहुंचाएगी, जिससे मालवा क्षेत्र में पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी। इंदौर एयरपोर्ट और उज्जैन के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा, जो यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। इसके अलावा औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी इस कॉरिडोर से बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
निर्माण एजेंसी को इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए करीब 24 महीने का समय दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 से पहले पूरी तरह तैयार हो जाए, ताकि महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को इसका सीधा फायदा मिल सके। यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे इंदौर-उज्जैन के धार्मिक, आर्थिक और पर्यटन कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर, इंदौर एयरपोर्ट और क्षेत्र के औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाली यह परियोजना मालवा क्षेत्र के विकास में बेहद अहम भूमिका निभाएगी, जिससे यह क्षेत्र देश के विकास के नक्शे पर और अधिक मजबूत पहचान बनाएगा।
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