हम सभी बाजार से ढेर सारी हरे पत्तेदार सब्जियां लेकर आते हैं। हालांकि लंबे समय से फ्रिज में बनें रहने से सब्जियां सड़ने लगती हैं। यदि प्लास्टिक की थैलियों में नमी रहती है, तो धनिया, पुदीना, पालक या हरी मिर्च 2-3 दिन में गलने लगती है। इस समस्या से आप भी काफी परेशान होंगे। अब आपको टेंशन लेने की कोई जरुरत नहीं है। बस आप घर में पड़ी पुरानी सूती टी-शर्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पुरानी सूती टी-शर्ट के कपड़े से सब्जियों को हरी-भरी बनाएं रखा जा सकता है। कुछ लोगों के मन में सवाल आया होगा कि टी-शर्ट से कैसे सब्जियों को हरा बनाए रखता है। लंबे समय तक सबजियों को बिल्कुल ताजा, क्रिस्पी और हरा-भरा बनाए कैसे रखा जा सकता है।
सूती टी-शर्ट से कैसे रखें सब्जियों को हरा-भरा?
दरअसल, सब्जियों के खराब होने का कारण अधिक नमी होती है। हम जब सब्जियों को प्लास्टिक बैग में रखते हैं, तो उनके अंदर से निकलने वाली भाप पानी की बूंदों में बदल जाती है और सब्जियों सड़ने लगती हैं। लेकिन सूती कपड़ा या कॉटन टी-शर्ट जादू की तरह का काम करता है। असल में सूती कपड़े में नमी सोखने की अधिक क्षमता होती है। इसके साथ ही यह सब्जियों को पूरी तरह सूखने भी नहीं देता है, जिससे उनका जरुरी मॉइश्चर बना रहे।
पत्तेदार सब्जियों के लिए अपनाएं डैम्प क्लॉथ ट्रिक
पत्तेदार सब्जियों को 1-2 दिन तक फ्रेश बनाए रखने के लिए आप टी-शर्ट वाला ये तरीका अपना सकते हैं-
- सबसे पहले आप टी-शर्ट के कपड़े को हल्का-सा पानी छिड़क कर गीला कर लें।
- इसके बाद पत्तेदार सब्जियों की जड़ों को साफ करके इस नम कपड़े में ढीला-ढीला लपेट लें और फिर फ्रिज में रख दें।
- इस ट्रिक की मदद से आपकी सब्जियां हरी बनी रहेगी और यह एकदम बाजार जैसी ताजी बनीं रहेगी।
टी-शर्ट से बनाएं वेजी बैग्स
- सब्जियों के लिए पुरानी, साफ सूती टी-शर्ट ले लें।
- अब टी-शर्च के निचले हिस्से को कैंची से काटकर चौकोर टुकड़े बना लें।
- इसके बाद हरी सब्जियों को इन टुकड़ों के बीच में लपेटकर या पोटली की तरह बांधकर फ्रिज के वेजीटेबल बास्केट में रख लें।
- इस ट्रिक से आपकी सब्जियां हफ्तों तक हरी बनी रहेंगी।
ध्यान रखें ये बातें
- टी-शर्ट पूरी तरह से साफ और सूती होनी चाहिए। वहीं, सिंथेटिक और नायलॉन का कपड़ा बिल्कुल इस्तेमाल न करें।
- यदि आप बाजार से सब्जी लाकर उन्हें धोते हैं, तो उन्हें कपड़े में लपेटने से पहले पंखे के नीचे पूरी तरह से सुखा लें।
- यदि आप गीली सब्जियों को ही कपड़े में बांध देंगे, तो फ्रेश रहने की जगह पर जल्दी खराब हो जाएगी।
- हफ्ते में एक बार इन कपड़ों को बदलकर धो लें ताकि हाइजीन बनी रहें।
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का उद्घाटन अगले साल किया जाएगा और इसके पहले चालू होने वाले हिस्से के 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। इस पहल का मकसद दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को काफी कम करके लगभग दो घंटे सात मिनट तक लाना और भारत में रेल यात्रा के अनुभव को बदलना है। 508 किलोमीटर लंबे इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) की आर्थिक मदद से विकसित किया जा रहा है और इसमें जापान की एडवांस्ड शिंकानसेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पहला सेक्शन अगले साल चालू हो जाएगा और इसका उद्घाटन भी होगा। काम तेज़ी से चल रहा है। अब देश में बुलेट ट्रेन बनाने की क्षमता है। इसलिए प्रधानमंत्री ने एक कॉरिडोर बनाने का फ़ैसला किया है। इस फ़ैसले से मुंबई-पुणे कॉरिडोर (170 किलोमीटर लंबा) के ज़रिए दोनों शहरों के बीच का सफ़र सिर्फ़ 48 मिनट का हो जाएगा। इसका मतलब है कि मुंबई और पुणे जुड़वां शहर बन जाएंगे और यह सुविधा एक बहुत अच्छा इकोनॉमिक कॉरिडोर और बेहतरीन सांस्कृतिक केंद्र बन जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुणे से हैदराबाद का 500 किलोमीटर का रास्ता घटकर लगभग 2 घंटे 8 मिनट का रह जाएगा। इसका मतलब है कि पुणे, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, वापी और ठाणे मिलकर एक बहुत अच्छा इकोनॉमिक इकोसिस्टम बन जाएंगे। एक बार शुरू हो जाने पर, बुलेट ट्रेन से यात्री मुंबई और अहमदाबाद के बीच का सफ़र कुछ ही घंटों में पूरा कर सकेंगे, जबकि सड़क या आम ट्रेनों से इसमें काफ़ी ज़्यादा समय लगता है।
नया बुलेट ट्रेन कॉरिडोर मुंबई-पुणे रूट को पूरी तरह बदल देगा और यात्रा का समय घटाकर सिर्फ़ 48 मिनट कर देगा। उम्मीद है कि इस सुधार से मुंबई और पुणे 'ट्विन सिटी' (जुड़वां शहर) के तौर पर स्थापित होंगे और एक मज़बूत आर्थिक कॉरिडोर बनेगा, जिससे विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुणे की रेलवे क्षमता को दोगुना करने के लिए कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। पूरे इलाके का अच्छी तरह से अध्ययन करने के बाद एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। काफी काम पहले ही पूरा हो चुका है और आगे का काम चल रहा है... खड़की, पुणे, घोरपड़ी, हडपसर, शिवाजीनगर, फुरसुंगी और आलंदी समेत कई स्टेशनों पर काम शुरू किया गया है।
वैष्णव ने कहा कि यह पुणे शहर का सबसे बड़ा जंक्शन है और अब तक यहाँ 6 प्लेटफॉर्म थे। अब इसे दोगुना करके 12 प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं, जिससे पुणे की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। पुणे स्टेशन पर पहले होने वाले मेंटेनेंस का काम घोरपड़ी, फुरसुंगी और कुछ हद तक आलंदी में शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे क्षमता और बढ़ेगी। आलंदी में एक मेगा टर्मिनल बनाया जा रहा है... यह रोज़ाना 35 ट्रेनों को संभालने में सक्षम होगा। कुल मिलाकर, पुणे में इस काम को पूरा होने में लगभग 3 साल लगेंगे। अगले 1,000 दिनों में ज़्यादातर काम पूरा होने के साथ, पुणे की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। इसका मतलब है कि हम 20 अतिरिक्त ट्रेनें चला सकेंगे।
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