80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर एक्ट्रेस रेखा ने इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में तिरंगा फहराया। इस दौरान उनके साथ पंकज त्रिपाठी भी मौजूद रहे। वहीं दूसरी तरफ स्वतंत्रता दिवस के एक कार्यक्रम में साउथ एक्ट्रेस तृषा कृष्णन रूमर्ड बॉयफ्रेंड थलापति विजय के पेरेंट्स के साथ बैठी नजर आई हैं। जबकि कुछ समय पहले ही विजय की पत्नी ने तलाक का केस वापस लिया है। अजय देवगन, अक्षय कुमार, यश, प्रियंका चोपड़ा जोनस और अन्य कलाकारों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फैंस को शुभकामनाएं दी हैं। CM विजय ने किया ध्वजारोपण, आगे बैठीं तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने आज सुबह तिरंगा फहराया। इस दौरान उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन, विजय के पेरेंट्स के साथ आगे की लाइन में बैठी दिखीं। रेखा ने मंच पर पंकज त्रिपाठी को सिखाई अंग्रेजी एक्ट्रेस रेखा, हाल ही में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न का हिस्सा बनीं और ध्वजारोपण किया। एक्टर पंकज त्रिपाठी भी मौजूद थे। लोगों को संबोधित करने के बाद रेखा ने मंच पर अनाउंस किया कि अब पंकज त्रिपाठी हिंदी में कुछ कहेंगे। पंकज मंच पर आए और हिंदी में कुछ शब्द कहे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के बाहर भी मैं एक हिंदुस्तान देख रहा हूं। देख की सभ्यता को आगे बढ़ाने का शुक्रिया। तभी रेखा ने कहा कि अब जो मैं कहूंगी, पंकज उसे अंग्रेजी में कहेंगे। इस समय पंकज त्रिपाठी ने कहा, मैम, मैं हिंदी मीडियम का छात्र हूं। अजय देवगन, अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा जोनस ने दी शुभकामनाएं रवीना ने फहराया तिरंगा, शिल्पा ने बांटी मिठाइयां रवीना टंडन ने स्कूल में बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और तिरंगा फहराया। एक्ट्रेस बच्चों से गले मिलीं और हाथ मिलाकर बधाई दी।
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अमेरिका और इजराइल के रिश्तों में प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती को लंबे समय से अहम माना जाता रहा है। लेकिन अब दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगामी इजरायली आम चुनाव में नेतन्याहू का समर्थन करने से दूरी बना सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह इजराइल में नेतन्याहू की कमजोर होती राजनीतिक स्थिति और जनता का बदलता मूड है। इजराइल में अक्टूबर 2026 में आम चुनाव प्रस्तावित है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सओस की रिपोर्ट के मुताबिक जब नेतन्याहू हाल में वाशिंगटन पहुंचे थे तब ट्रंप ने उनसे बंद कमरे में चुनाव को लेकर सवाल किया था। ट्रंप ने कथित तौर पर पूछा था कि क्या वह चुनाव जीत रहे हैं? इस सवाल पर नेतन्याहू चुप रहे।
बैठक में मौजूद दूसरे लोगों ने हालांकि कहा कि नेतन्याहू चुनाव जीत सकते हैं। लेकिन इजराइल में सामने आ रहे प्रीपोल सर्वे अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। कई सर्वों में नेतन्याहू प्रधानमंत्री पद की दौड़ में पीछे दिखाई दे रहे हैं और उनके गठबंधन को सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों का आंकड़ा हासिल करने में मुश्किल बताई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ गादी आइजन कोर्ट यायर लैपिड और नफ्ताली बेनेट जैसे नेताओं की लोकप्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। कई सर्वों में आइजन कोर्ट को प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे लोकप्रिय दावेदार बताया गया है। यही स्थिति ट्रंप के लिए भी मुश्किल पैदा कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक आइजन कोर्ट, लैपिट और बेनेट ने वाइट हाउस से अपील की है कि ट्रंप इजराइली चुनाव को लेकर तठस्थ रुख अपनाएं। ऐसे में ट्रंप शायद इजराइली जनता के मूड के खिलाफ जाकर नेतन्या के समर्थन में खुलकर उतरने से बचना चाहते हैं। हालांकि ट्रंप और नेतन्या के बीच व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत माना जाता है। लेकिन नीतिगत मतभेद कई बार सामने आ चुके हैं।
ट्रंप ने अतीत में नेतन्याहू की नीतियों को लेकर नाराजगी जताई है। लेबनान को लेकर नेतन्याहू की नीति और गाजा को लेकर ट्रंप की शांति योजना दोनों नेताओं के बीच मतभेद का कारण बनी है। ट्रंप के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि दूसरे देशों के चुनावों में उतना समर्थन हमेशा कामयाब नहीं रहा। हंगरी में उन्होंने विक्टर ऑर्बन का समर्थन किया। जबकि चुनाव में ऑर्बन को हार का सामना करना पड़ा था। जर्मनी में ट्रंप ने एएफडी का समर्थन किया। लेकिन वहां भी उनकी पसंद के मुताबिक नतीजे नहीं आए। कनाडा में भी ट्रंप की राजनीतिक दखल की कोशिशों को झटका लगा। ऐसे में इजराइल में नेतन्याहू के साथ खड़ा होना ट्रंप के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
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