जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से आज प्रथम कार्गो उड़ान के संचालन के साथ ही उत्तर प्रदेश ने आर्थिक विकास, निर्यात संवर्धन एवं वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख दिया है। यह अवसर केवल एक कार्गो सेवा के शुभारंभ का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि “कुछ दिन पूर्व इसी धरती से जेवर के किसान पहली बार हवाई यात्रा कर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करने लखनऊ गए थे और आज यही धरती उत्तर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देने वाली कार्गो उड़ानों की साक्षी बनी है। यह परिवर्तन विकास, दूरदृष्टि और जनभागीदारी का अनुपम उदाहरण है।'' उन्होंने कहा कि आज जेवर एयरपोर्ट पर उतरने वाला प्रथम कार्गो विमान Afcom Cargo कंपनी द्वारा संचालित किया गया, जिसने नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को देश के नए उभरते हुए एयर कार्गो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
आज संचालित प्रथम कार्गो उड़ान के माध्यम से पठानकोट से आई ताज़ी लीची को जेवर एयरपोर्ट के माध्यम से चेन्नई भेजा गया, जबकि बेंगलुरु से मारुति के कुछ स्पेयर पार्ट्स भी जेवर एयरपोर्ट पर पहुँचे। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कृषि उत्पादों से लेकर ऑटोमोबाइल उद्योग तक, विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। विधायक श्री धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की कार्गो सेवाएँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, उद्यमियों, निर्यातकों एवं एमएसएमई इकाइयों के लिए वरदान सिद्ध होंगी। अब क्षेत्र में उत्पादित फल-सब्जियाँ, डेयरी उत्पाद, खाद्य प्रसंस्कृत वस्तुएँ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मेडिकल डिवाइस, इंजीनियरिंग उत्पाद एवं ई-कॉमर्स से जुड़ी सामग्री कम समय में देश और विदेश के बाजारों तक पहुँच सकेगी। जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह ने आगे कहा कि “जिस भूमि पर कभी किसान अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए खेती करते थे, आज वही भूमि लाखों युवाओं के लिए रोजगार, व्यापार और समृद्धि के अवसर सृजित कर रही है। जेवर क्षेत्र के किसानों का त्याग आने वाली पीढ़ियों के स्वर्णिम भविष्य का आधार बन गया है।”
उल्लेखनीय है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में एयर इंडिया सैट्स (AISATS) द्वारा अत्याधुनिक एकीकृत कार्गो टर्मिनल विकसित किया गया है, जिसकी प्रथम चरण में लगभग 2.55 लाख मीट्रिक टन वार्षिक कार्गो क्षमता है। भविष्य में इसे और विस्तारित कर उत्तर भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यह सुविधा सड़क, रेल और वायु परिवहन को एकीकृत कर उत्तर भारत की व्यापारिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।जेवर के विधायक श्री धीरेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि "उनके दूरदर्शी निर्णयों के कारण जेवर आज केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि उत्तर भारत के औद्योगिक, व्यापारिक और लॉजिस्टिक्स भविष्य का प्रतीक बन चुका है।"
जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह ने अंत में उन्होंने कहा कि “जेवर एयरपोर्ट की यह कार्गो उड़ान केवल सामान नहीं ले जा रही, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के किसानों की आशाओं, युवाओं के सपनों और नए भारत की आर्थिक शक्ति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रही है। आने वाले समय में जेवर विश्व मानचित्र पर भारत के सबसे महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स एवं व्यापारिक केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।”
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उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को धीरे-धीरे पोस्टपेड मोड में बदलने का निर्णय लिया है। इस बदलाव का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देना और बिजली उपयोग से जुड़ी कई परेशानियों को कम करना है। ऐसे में लाखों लोग यह जानना चाहते हैं कि उनके घर में लगा स्मार्ट मीटर पोस्टपेड में बदला है या अभी भी प्रीपेड मोड पर ही काम कर रहा है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा ज्यादा सुविधाजनक बिलिंग अनुभव
प्रीपेड मीटर व्यवस्था में उपभोक्ताओं को पहले से रिचार्ज कराना पड़ता था। बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती थी, जिससे कई बार लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। अब पोस्टपेड व्यवस्था में उपभोक्ता पहले बिजली का उपयोग करेंगे और उसके बाद हर महीने बिल का भुगतान कर सकेंगे। इससे बिजली सेवा का उपयोग अधिक सहज और सुविधाजनक बन जाएगा।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने के पीछे कई व्यावहारिक कारण हैं। कई उपभोक्ताओं को रिचार्ज से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा, अचानक बैलेंस खत्म होने पर बिजली कटने की शिकायतें भी सामने आती थीं। सरकार का मानना है कि पोस्टपेड व्यवस्था इन समस्याओं को काफी हद तक कम करेगी और उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराएगी।
क्या आपको बिजली विभाग का मैसेज मिला?
बिजली विभाग द्वारा उन उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजे जा रहे हैं जिनके मीटर का मोड बदला जा चुका है। इस संदेश में बताया जाता है कि आपका प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड में परिवर्तित कर दिया गया है।
हालांकि यदि आपको अभी तक ऐसा कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। कई क्षेत्रों में यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है और कुछ उपभोक्ताओं को सूचना बाद में भी मिल सकती है।
घर बैठे ऐसे करें मीटर की जांच
यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आपका स्मार्ट मीटर पोस्टपेड हुआ है या नहीं, तो इसके लिए किसी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। आप सीधे अपने मीटर की स्क्रीन पर इसकी जानकारी देख सकते हैं।
स्टेप 1: मीटर के कंट्रोल बटन का उपयोग करें
सबसे पहले अपने स्मार्ट मीटर के पास जाएं। मीटर पर दिए गए कंट्रोल या डिस्प्ले बटन को धीरे-धीरे दबाएं। हर बार बटन दबाने पर स्क्रीन पर अलग-अलग जानकारी दिखाई देगी।
स्टेप 2: मीटर मोड पर रखें नजर
बटन दबाते समय कुछ सेकंड के लिए मीटर का मोड भी स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसी जानकारी पर ध्यान देना सबसे जरूरी है।
- यदि स्क्रीन पर Postpaid लिखा दिखाई देता है, तो आपका मीटर सफलतापूर्वक पोस्टपेड मोड में बदल चुका है।
- यदि स्क्रीन पर Prepaid लिखा दिख रहा है, तो आपका मीटर अभी भी प्रीपेड व्यवस्था में ही संचालित हो रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या होगा फायदा?
पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं होगी। बिजली कटने की आशंका कम होगी और उपभोक्ता अपने मासिक बिजली खर्च को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे। साथ ही बिल भुगतान की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक हो जाएगी। यदि आप उत्तर प्रदेश के स्मार्ट मीटर उपभोक्ता हैं, तो अपने मीटर की स्क्रीन पर मोड जांचकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका कनेक्शन पोस्टपेड में बदला गया है या नहीं।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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