Responsive Scrollable Menu

Indian Health Heritage: आजादी का इतिहास ही नहीं, विरासत भी है खास; जानें आयुर्वेद की ये 6 देसी धरोहर

Indian Health Heritage: 15 अगस्त हमें देश की आजादी और गौरव की याद दिलाता है। लेकिन भारत की पहचान सिर्फ इतिहास और संस्कृति से नहीं, बल्कि उसकी पुरानी जीवनशैली और आयुर्वेदिक परंपरा से भी जुड़ी है। हमारे घरों में ऐसी कई चीजें इस्तेमाल होती हैं, जिन्हें पारंपरिक तौर पर सेहत से जोड़ा जाता रहा है। तुलसी, नीम, हल्दी और आंवला जैसी चीजें आज भी आसानी से घरों में मिल जाती हैं। जानिए भारत की ऐसी  6 पारंपरिक आयुर्वेदिक के बारे में जो सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।

1. तुलसी: घर-घर में दिखने वाला पौधा
तुलसी का पौधा भारतीय घरों में आम है। इसे पूजा के साथ-साथ पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों से चाय और काढ़ा जैसे पेय बनाए जाते हैं। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल सर्दी-जुकाम और पाचन से जुड़े घरेलू उपायों में भी किया जाता रहा है।

2. नीम: त्वचा की देखभाल में भी खास
नीम का पेड़ भारत में लंबे समय से लोगों की जीवनशैली का हिस्सा रहा है। इसकी पत्तियों और दूसरे हिस्सों का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर त्वचा और मुंह की सफाई के लिए किया जाता रहा है। गांव हो या शहर, नीम का पेड़ आज भी आसानी से देखने को मिल जाता है। भारतीय पारंपरिक ज्ञान में इसे खास जगह मिली हुई है।

भारत की विरासत, ये 6 देसी चीजें हैं खास

3. अश्वगंधा: आयुर्वेद की जानी-पहचानी जड़ी-बूटी
अश्वगंधा का नाम आपने जरूर सुना होगा। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है। इसे पारंपरिक तौर पर तनाव, थकान और नींद से जुड़े उपायों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। अश्वगंधा को बिना सलाह के सप्लीमेंट के रूप में लेना ठीक नहीं है। अगर आप कोई दवा लेते हैं या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लें।

4. शतावरी: महिलाओं की सेहत से जुड़ी जड़ी-बूटी
शतावरी भी आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख जड़ी-बूटियों में शामिल है। पारंपरिक रूप से इसे खासकर महिलाओं की सेहत और पोषण से जुड़े उपायों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसी वजह से आयुर्वेदिक परंपरा में शतावरी को लंबे समय से महत्व दिया जाता है।

5. हल्दी: रसोई की शान, परंपराओं में भी खास
हल्दी भारतीय रसोई का जरूरी मसाला है। खाने का रंग और स्वाद बढ़ाने के अलावा इसका इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू नुस्खों में भी किया जाता रहा है। आयुर्वेदिक परंपरा में हल्दी का इस्तेमाल त्वचा, पाचन और सूजन से जुड़े पारंपरिक उपायों में किया जाता रहा है। यही वजह है कि हल्दी भारतीय खान-पान और पारंपरिक स्वास्थ्य जीवनशैली का अहम हिस्सा बनी हुई है।

भारत की विरासत, ये 6 देसी चीजें हैं खास

6. आंवला: खट्टा स्वाद और पोषण दोनों
आंवला स्वाद में खट्टा जरूर होता है, लेकिन भारतीय खान-पान और आयुर्वेद में इसका खास महत्व है। इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। आंवले का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर पाचन, सामान्य स्वास्थ्य और बालों की देखभाल से जुड़े उपायों में किया जाता रहा है। इसे मुरब्बे, चटनी, कैंडी या जूस के रूप में भी खाया जाता है।

15 अगस्त पर तिरंगे को सलाम करने के साथ अपनी पुरानी परंपराओं और ज्ञान को जानना भी खास हो सकता है। तुलसी, नीम, हल्दी और आंवला जैसी चीजें बताती हैं कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में पारंपरिक ज्ञान की जड़ें कितनी गहरी हैं।

(disclaimer): आयुर्वेदिक या हर्बल चीजें प्राकृतिक होने के बावजूद हर व्यक्ति के लिए समान रूप से सुरक्षित हों, यह जरूरी नहीं है। किसी बीमारी के इलाज के लिए इनका इस्तेमाल करने या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लें।

यह भी पढ़ें: वजन कंट्रोल में मदद कर सकती है सहजन की फली, जानें इसके 6 बड़े फायदे

Continue reading on the app

Rakhi Gift Hamper: बहन की मुस्कान की गारंटी! ₹1000 में चुनें ये 5 ट्रेंडी राखी हैंपर

Rakhi Gift Hamper: राखी पर बहन को दें खास और ट्रेंडी गिफ्ट! ₹1000 के बजट में ब्यूटी, चॉकलेट, ज्वेलरी, सेल्फ-केयर और स्टेशनरी के 5 शानदार राखी हैंपर आइडिया जानें, जिन्हें देखकर बहन के चेहरे पर आ जाएगी प्यारी सी मुस्कान।

Continue reading on the app

  Sports

मौके के इंतजार में था बल्लेबाज, बैकफुट गेम पर किया काम, बैटिंग कोच ने बताई शतक की इनसाइड स्टोरी

Sintanshu Kotak Statement on Devdutt Padikkal Century Innings: भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में नाबाद 131 रन का पहला शतक जड़ने वाले देवदत्त पडिक्कल की जमकर सराहना की है. कोटक ने बताया कि पडिक्कल ने एनसीएमें अपने बैकफुट गेम, स्वीप शॉट और क्रीज से बाहर निकलकर खेलने पर कड़ी मेहनत की थी, जिसका फायदा उन्हें मिला. नियमित नंबर तीन बल्लेबाज साई सुदर्शन की वापसी के बाद पडिक्कल की जगह को लेकर कोटक ने साफ किया कि टीम नंबर 3, 4 या 5 के बजाय परिस्थितियों के अनुकूल ढलने वाले लचीले बल्लेबाजों को तवज्जो देती है. Sat, 15 Aug 2026 22:13:41 +0530

  Videos
See all

PM Modi Speech 2026 | लाल किले से PM मोदी के ये 10 बड़े ऐलान सुनो! Independence Day | Red Fort #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-15T16:45:27+00:00

Independence day 2026 : ''हमारे सपने और संकल्प बड़े होने चाहिए'' #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-15T16:45:40+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers