जिनके नाम से जुड़े रहे विवाद, उनके हाथों में तिरंगा! आतंकी के पिता से ओवैसी तक, 15 अगस्त की ये तस्वीरें क्या कहती हैं?
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस सिर्फ तिरंगा फहराने का दिन नहीं बल्कि उन तस्वीरों को देखने का भी मौका है जो कई बार देश की बदलती तस्वीर का संकेत देती हैं. इस बार जम्मू-कश्मीर से सामने आई एक तस्वीर ने खास तौर पर ध्यान खींचा है.
दरअसल, शोपियां के चोटीपोरा गांव में आतंकी आबिद रमजान शेख के पिता मोहम्मद रमजान शेख ने अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. यह पहली बार नहीं है जब आतंकवाद से जुड़े किसी परिवार की ओर से तिरंगे के साथ ऐसी तस्वीर सामने आई हो.
आबिद रमजान शेख कौन है?
आबिद रमजान शेख का नाम दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है. जम्मू-कश्मीर के सरकारी रिकॉर्ड में उसके खिलाफ यूएपीए की धाराओं के तहत कार्रवाई और उसके फरार होने का उल्लेख है. 2026 में शोपियां पुलिस ने उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की थी और पुलिस ने उसे युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाने तथा कई आतंकी मामलों से जोड़ते हुए बताया था. एक तरफ बेटा सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में आतंकवाद से जुड़े मामलों का आरोपी है वहीं दूसरी तरफ उसी परिवार के मुखिया राष्ट्रीय पर्व पर अपने घर पर तिरंगा फहरा रहे हैं.
बुरहान वानी के पिता मुजफ्फर वानी ने तिरंगा फहराया
2021 में हिजबुल मुजाहिदीन के मारे जा चुके कमांडर बुरहान वानी के पिता मुजफ्फर वानी ने पुलवामा के त्राल स्थित सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया था. मुजफ्फर वानी पेशे से शिक्षक थे.
2023 में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मुदस्सिर हुसैन के परिवार की ओर से भी घर पर तिरंगा फहराने की खबर सामने आई थी. उस समय उसके पिता ने बेटे के आतंकवाद का रास्ता चुनने को गलत बताया था और लोगों से घरों पर तिरंगा लगाने की अपील की थी.
ओवैसी की तिरंगे वाली तस्वीर भी चर्चा में रही
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 15 अगस्त को तिरंगा फहराया. इस तस्वीर को अगर व्यापक संदर्भ में देखें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे राजनीतिक चेहरों की भी तस्वीरें सामने आती रही हैं जिनके बयानों को लेकर तीखी राजनीतिक बहस होती रही है. लेकिन 15 अगस्त को उन्होंने तिरंगा फहराया. हां. ये सही है कि इस लिस्ट में सबसे पहले नाम AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का आता है.
रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी में 220 फीट का तिरंगा
15 अगस्त 2026 की एक और तस्वीर उत्तर प्रदेश के रामपुर से आई जहां मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में 220 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया गया. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर जहीरुद्दीन ने रिमोट के जरिए ध्वजारोहण किया और करीब छह मिनट में तिरंगा 220 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा. यह ध्वज 2016 में यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर मोहम्मद आजम खान द्वारा स्थापित कराया गया था.
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यूपी में सरकारी नौकरी पाने का मौका, 1251 पदों पर निकली भर्ती, जल्द कर लें आवेदन
UPSSSC Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने पशुपालन विभाग में पशुधन प्रसार अधिकारी के 1,251 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है. जो भी उम्मीदवार इस पद के लिए योग्य और इच्छुक हैं, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर सकते हैं.
आवेदन से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां'
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन 9 सितंबर 2026 से शुरू हो रहे हैं. उम्मीदवारों को अपना फॉर्म भरने और आवेदन शुल्क जमा करने के लिए 29 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है. इसके अलावा, यदि आवेदन फॉर्म भरते समय कोई गलती हो जाती है, तो उसमें सुधार करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी समय में सर्वर डाउन होने जैसी तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना आवेदन पूरा कर लें.
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शैक्षणिक योग्यता और पीईटी स्कोर की अनिवार्यता
इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) का वैध स्कोरकार्ड होना सबसे ज्यादा जरूरी है. इसी स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. इसके साथ ही, आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से जीव विज्ञान या कृषि विज्ञान विषय में 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है. जिन उम्मीदवारों ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में डिप्लोमा या इसके समकक्ष कोई अन्य डिग्री हासिल की है, वे भी इस भर्ती के लिए पूरी तरह से योग्य माने जाएंगे.
निर्धारित आयु सीमा
इस सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 40 वर्ष होनी चाहिए. उत्तर प्रदेश सरकार के मौजूदा नियमों के अनुसार, आरक्षित श्रेणियों जैसे कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाएगी. इस भर्ती प्रक्रिया की एक बड़ी खासियत इसका बेहद कम आवेदन शुल्क है. सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी और एसटी समेत सभी वर्गों के उम्मीदवारों को आवेदन के लिए केवल 25 रुपये का भुगतान करना होगा. यह शुल्क केवल ऑनलाइन माध्यम (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग) से ही जमा किया जा सकेगा.
चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरण
उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा. सबसे पहले, प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों में से उम्मीदवारों के पीईटी स्कोर के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और उन्हें मुख्य लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को आयोग द्वारा आयोजित विषय-विशेष की मुख्य परीक्षा देनी होगी. इस परीक्षा को पास करने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और उसके बाद विभाग की ओर से अंतिम चयन सूची जारी कर दी जाएगी.
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