किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के छिड़काव पर मिलेगा 50% अनुदान, आधी होगी खेती की लागत
Agriculture Tips: किसानों की उत्पादन लागत कम करने और फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके तहत किसानों को इनके छिड़काव पर 50 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिल सकता है. नैनो तकनीक आधारित ये उर्वरक पारंपरिक खाद की तुलना में कम मात्रा में अधिक प्रभावी साबित होते हैं, जिससे पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं और उर्वरक की बर्बादी भी कम होती है. नैनो यूरिया फसलों को आवश्यक नाइट्रोजन उपलब्ध कराता है, जबकि नैनो डीएपी पौधों की जड़ों और शुरुआती वृद्धि को मजबूत बनाने में मदद करता है. इनके उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है तथा पर्यावरणीय प्रदूषण कम होता है.
बरेलीः सात पीढ़ी और 200 साल पुरानी है गट्टूमल की आयुर्वेदिक दुकान, गर्मी के लिए है खास जड़ी-बूटी, जाने
नाथ नगरी बरेली का प्रसिद्ध गट्टूमल आयुर्वेद परिवार पिछले 200 वर्षों से आयुर्वेद और पारंपरिक जड़ी-बूटियों के माध्यम से लोगों की सेवा कर रहा है. सात पीढ़ियों से चली आ रही इस विरासत को वर्तमान में रवि गट्टूमल अग्रवाल और उनका परिवार आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ा रहा है. करीब दो सौ वर्ष पहले लाला गिरधारी लाल अग्रवाल द्वारा शुरू किए गए इस आयुर्वेदिक व्यवसाय को उनके पौत्र लाला राम गोपाल उर्फ गट्टूमल ने नई पहचान दिलाई. आज बरेली के आलमगिरि गंज स्थित गट्टूमल आयुर्वेदा देशभर में अपनी प्रामाणिक जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक औषधियों के लिए प्रसिद्ध है. यहां 350 से अधिक प्रकार की जड़ी-बूटियां और आयुर्वेदिक उत्पाद उपलब्ध हैं.


























