भारत इनोवेट्स 2026 में दूसरे दिन कंपनियों ने हासिल की 254.5 मिलियन डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। तीन दिवसीय कार्यक्रम भारत इनोवेट्स 2026 के दूसरे दिन कंपनियों ने 254.5 मिलियन डॉलर की निवेश प्रतिबद्धताएं हालिस की हैं। साथ ही, इसने निवेशकों में भारत के डीपटेक स्टार्टअप सिस्टम के प्रति गहरी रुचि पैदा की है। यह जानकारी आधिकारिक बयान में मंगलवार को दी गई।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस कार्यक्रम के दूसरे दिन ग्लोबल इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, नीति निर्धारक, स्टार्टअप्स और एकेडमिक संस्थान एक साथ आए। इसका मकसद इनोवेशन को बढ़ावा देना, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को मजबूत करना और डीप-टेक सॉल्यूशंस के कमर्शियलाइजेशन को आगे बढ़ाना था।
दिन की शुरुआत एक इनोवेशन शोकेस के साथ हुई, जिसमें भारतीय स्टार्टअप्स और प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा विकसित टेक्नोलॉजीज को दिखाया गया। ये टेक्नोलॉजीज बायोटेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, एनर्जी, मोबिलिटी, स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ी थीं।
इसके अलावा, समिट में ग्लोबल इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट और रिसर्च के लीडर्स के साथ बायो-इनोवेशन और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग से लेकर स्पेस, डिफेंस सप्लाई चेन और इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
भागीदारों ने लंबे समय के लिए निवेश, क्रॉस-बॉर्डर सहयोग और रिसर्च को कमर्शियल बनाने के लिए बेहतर रास्तों के महत्व पर जोर दिया।
मंत्रालय के अनुसार, इस दिन का एक मुख्य आकर्षण इन्वेस्टर-स्टार्टअप एंगेजमेंट प्रोग्राम था, जिसमें 80 से ज्यादा डीप-टेक स्टार्टअप्स ने 10 से ज्यादा देशों के 50 से अधिक ग्लोबल इन्वेस्टर्स के पैनल के सामने अपने इनोवेशन पेश किए।
स्टार्टअप्स ने छह खास क्षेत्रों में अपने सॉल्यूशंस को दिखाया, जिसमें स्पेस और डिफेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर, हेल्थकेयर और मेड-टेक, बायोटेक्नोलॉजी और एग्री-टेक, एनर्जी और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, इन सत्रों से ग्लोबल वेंचर फंड्स और कॉर्पोरेट वेंचर कैपिटल फर्म्स के साथ सीधे बातचीत संभव हुई, और 40 से अधिक स्टार्टअप्स को इन्वेस्टर्स से आगे की बातचीत के लिए प्रतिबद्धता मिली है।
इसके अलावा, समिट में पहले दिन घोषित लगभग 30 मिलियन डॉलर के निवेश पर भी प्रकाश डाला गया।
इवेंट के दूसरे दिन के अंत तक, भारत इनोवेट्स 2026 ने इनोवेटर्स के बीच 1,350 से ज्यादा बिजनेस-टू-बिजनेस बैठक कराईं और 50 से ज्यादा सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत इनोवेट्स 2026 को भारत के तेजी से बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम को ग्लोबल कैपिटल, इंडस्ट्री की विशेषज्ञता, रिसर्च नेटवर्क और इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ने के लिए शुरू किया गया था।
शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि समिट ने भारत, यूरोप और अन्य इंटरनेशनल मार्केट के बीच सहयोग के नए अवसर पैदा करके डीप-टेक इनोवेशन के लिए भारत की स्थिति को एक प्रमुख ग्लोबल हब के रूप में मजबूत किया है।
समिट के तीसरे और आखिरी दिन टेक्नोलॉजी पार्क्स और एक्सेलेरेटर्स, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइजेशन, ग्लोबल स्केलिंग रणनीतियों और इनोवेशन-आधारित सहयोग को बनाए रखने के उद्देश्य से दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस समिट का उद्घाटन 14 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया था।
--आईएएनएस
एबीएस
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Explainer: बॉलीवुड से टीवी तक क्यों बढ़ रहे हैं सुसाइड के मामले? मानसिक दबाव, असुरक्षा या कुछ और, जानें बड़ी वजहें
Celebs Suicide Case: मनोरंजन की दुनिया बाहर से देखने में चकांचौध और आकर्षित लगती है. सेलेब्स के बड़े-बड़े घर, लग्जरी लाइफस्टाइल, लाखों-करोड़ों फैंस और शोहरत, को देखकर अक्सर लोगों को लगता है कि फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम करने वाले कलाकारों की जिंदगी बेहद ही शानदार होती है. लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक ऐसी सच्चाई भी छिपी होती है, जो समय-समय पर सामने आती है. हाल ही के सालों में बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों की आत्महत्या या संदिग्ध मौतों की खबरों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है.
सुशांत सिंह राजपूत, जिया खान, प्रत्युषा बनर्जी, कुशल पंजाबी, नितिन देसाई और अब संचिता उगले जैसे कई सितारे है, जिन्होंने आत्महत्या की है. ऐसे मामलों के सामने आने के बाद एक सवाल बार-बार उठता है कि आखिर मनोरंजन जगत में कलाकार इतने दबाव में क्यों आ जाते हैं. आखिर ऐसा क्या होता है कि उन्हें अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा कदम उठाना पड़ता है? हालांकि हर मामला अलग होता है, किसी भी आत्महत्या के पीछे एक ही कारण नहीं होता, लेकिन विशेषज्ञों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि कई ऐसी वजह भी है जो कलाकारों को मानसिक तौर पर परेशान करती हैं.
इंडस्ट्री में बने रहने का दवाब
आज के समय इंडस्ट्री में कंपटीशन बहुत ज्यादा बड़ गया, हर दिन नए चेहरे अपनी किस्मत आजमाने आते हैं. ऐसे में एक कलाकार के लिए सिर्फ सफलता हासिल करना ही मुश्किल नहीं होता, बल्कि उसे लंबे समय तक बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होती है. कई कालकार आते हैं और थोड़ा बहुत काम कर कही गुम हो जाते हैं. लेकिन इंडस्ट्री में बने रहना बहुत मुश्किल होता है. कई कलाकारों को इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं उनका करियर खत्म न हो जाए या उन्हें काम मिलना बंद न हो जाए, यही उन्हें धीरे-धीरे मानसिक तनाव का कारण बन जाती है.
बेरोजगारी और आर्थिक परेशानी
वहीं, कलाकारों को भी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इंडस्ट्री में बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जिन्हें लगातार काम मिलता रहता है. बड़ी संख्या में एक्टर, मॉडल, लेखक, तकनीशियन और अन्य कलाकार लंबे समय तक बेरोजगारी का सामना करते हैं. कई बार तो एक फिल्म या शो करने के बाद कलाकारों के पास सालों तक कोई काम नहीं होता है. ऐसे में उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है. खासकर टीवी और छोटे स्तर पर काम करने वाले कलाकारों के लिए यह समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है.
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सोशल मीडिया और ट्रोलिंग का असर
सोशल मीडिया ने एक तरफ जहां सेलेब्स को सीधे तौर पर अपने फैंस से जुड़ने का मौका दिया है. तो दूसरी तरफ इससे सेलेब्स को काफी परेशानी भी उठानी पड़ती है. हर एक छोटी बात के लिए उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है. कई बार ट्रोलिंग, बॉडी शेमिंग, पर्सनल लाइफ पर कमेंट और लगातार होने वाली ऑनलाइन आलोचना सेलेब्स को मानसिक तौर पर परेशान करती है. कुछ कलाकार खुलकर बता चुके हैं कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली नफरत और निगेटिविटी ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया है.
अकलापन और सपोर्ट सिस्टम की कमी
मनोरंजन जगत में काम करने वाले कई लोग अपने परिवार से दूर रहते हैं. हर रोज शूटिंग, ट्रैवल की वजह से उनके सामाजिक रिश्ते खराब होने लगते हैं. बाहर से भले ही सेलेब्स खुश दिखाई दें, लेकिन कई कलाकार अकेलेपन का सामना करते हैं. भारत में आज भी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात नहीं की जाती. कई सेलेब्स ऐसे भी है जो डिप्रेशन, एंग्जायटी या अन्य मानसिक समस्याओं को लेकर खुलकर बात करते दिखें है. लेकिन कई इससे हार जाते हैं और अपनी लाइफ खत्म कर बैठते हैं.
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ये चीजें भी है बड़ी वजह
वहीं, सेलेब्स की सुसाइड करने की कई और वजह भी सामने आती है. इनमें से एक ये भी है कि स्टार्स को अपनी सफलता का डर लगता है. जैसे फिल्म का फ्लॉप होना, शो का बंद हो जाना या किसी बड़े प्रोजेक्ट से बाहर होना कलाकारों के मन में ये चीजें हमेशा चलती रहती है. वहीं, कुछ को काम का प्रेशर कुछ इस वजह से भी परेशान होते है कि उन्हें काम नहीं मिल रहा है. इसके अलावा मनोरंजन जगत में दिखावा भी बहुत होता है. कलाकारों को हमेशा फिट दिखने, अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कहा जाता है. ऐसे में उन पर हमेशा दवाब बना रहता है.
विशेषज्ञों इस मामले में क्या कहते हैं?
सेलेब्स के सुसाइड को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आत्महत्या के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं होता है. ये अक्सर कई सामाजिक, आर्थिक, व्यक्तिगत की वजह से भी होता है. विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी घटना के बाद जल्दबाजी में फैसला निकालना या एक ही वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होता है, हर मामला अलग होता है और उसकी परिस्थितियां भी अलग होती हैं. विशेषज्ञ ये भी मानते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है. कलाकारों के लिए काउंसलिंग और प्रोफेशनल मदद को सामान्य बनाया जाना चाहिए.
FAQ
1. मनोरंजन जगत में सुसाइड के मामलों की चर्चा क्यों होती है?
- क्योंकि कई चर्चित कलाकारों की आत्महत्या या संदिग्ध मौतों ने मानसिक स्वास्थ्य और इंडस्ट्री के दबाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
2. कलाकारों पर सबसे बड़ा दबाव क्या माना जाता है?
- इंडस्ट्री में लगातार बने रहने, काम मिलने और सफलता को बरकरार रखने का दबाव.
3. क्या आर्थिक परेशानियां भी कलाकारों को प्रभावित करती हैं?
- हां, काम की कमी और बेरोजगारी कई कलाकारों के लिए आर्थिक तनाव का कारण बन सकती है.
4. सोशल मीडिया का कलाकारों के मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
- ट्रोलिंग, बॉडी शेमिंग और ऑनलाइन आलोचना कई बार मानसिक तनाव को बढ़ा सकती है.
5. विशेषज्ञ इस समस्या के समाधान के लिए क्या सुझाव देते हैं?
- मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, काउंसलिंग को बढ़ावा देने और प्रोफेशनल मदद लेने को सामान्य बनाने की सलाह देते हैं.
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