PCM के कठिन सवालों से मिलेगी राहत? JEE Advanced के नए पैटर्न पर IITs का बड़ा कदम, छात्रों पर होगा ट्रायल
देश के सबसे मशहूर इंजीनियरिंग संस्थान IIT में दाखिले का रास्ता आने वाले सालों में बदल सकता है. ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) एडवांस्ड के परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. इस प्रस्ताव के तहत फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) आधारित सवालों की जगह एप्टीट्यूड आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं. इस दिशा में IITs ने शुरुआती कदम भी बढ़ा दिए हैं. जुलाई महीने में देश के सभी 23 IIT मे नए पैटर्न का बीटेक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स पर ट्रायल आयोजित किया जाएगा. इसके नतीजे के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी. आइए जानते हैं कि जेईई एडवांस्ड का मौजूदा पैटर्न क्या है और नया पैटर्न कैसा होगा. जानते हैं कि आखिर क्यों जेईई एडवांस्ड का पैटर्न बदलने की कवायद शुरू की गई है. पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं.
कैसा है JEE Advanced का पैटर्न?
वर्तमान में JEE Main में सफल होने वाले 2.5 लाख उम्मीदवारों को JEE Advanced में बैठने का अवसर मिलता है. यह परीक्षा दो पेपरों में आयोजित होती है. दोनों पेपरों में कुल 360 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं. सभी सवाल फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों से जुड़े होते हैं. इस परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की समझ और समस्या हल करने की क्षमता का मूल्यांकन करना होता है. इसी स्कोर के आधार पर देश के अलग-अलग IIT में बीटेक और अन्य इंजीनियरिंग कोर्सों में दाखिला दिया जाता है.
नए पैटर्न में क्या होगा खास?
नए बदलाव के अनुसार, JEE Advanced में केवल एप्टीट्यूड आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं. यानी परीक्षा का फोकस विषय ज्ञान से हटकर छात्रों की क्षमता, सोच और समस्या समाधान पर होगा. इस मॉडल में यह देखा जाएगा कि छात्र किसी जटिल परिस्थिति को किस तरह समझते हैं और उसका समाधान कैसे निकालते हैं. परीक्षा में लॉजिकल रीजनिंग, गणितीय सोच और निर्णय क्षमता जैसे पहलुओं को महत्व दिया जा सकता है.
बीटेक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स पर होगा ट्रायल
नए पैटर्न को लागू करने से पहले IITs इस पैटर्न को आजमाना चाहते हैं. इसी उद्देश्य से जुलाई में सभी 23 IIT में एक ट्रायल आयोजित किया जाएगा. इस ट्रायल में हाल ही में प्रवेश लेने वाले बीटेक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को शामिल किया जाएगा. छात्रों को एप्टीट्यूड आधारित प्रश्न दिए जाएंगे और यह आकलन किया जाएगा कि वे इन सवालों को किस स्तर तक हल कर पाते हैं. ट्रायल के दौरान छात्रों की सोच, क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता और समस्या सुलझाने के तरीके का भी ध्यान रखा जाएगा.
बदलाव के लिए बनाई गई खास समिति
JEE Advanced के परीक्षा ढांचे की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है. इस समिति की अध्यक्षता IIT कानपुर के प्रोफेसर मानिंद अग्रवाल कर रहे हैं. समिति पहले भी परीक्षा पैटर्न में बदलाव को लेकर सुझाव दे चुकी है. शुरुआती प्रस्ताव में PCM विषयों के साथ एप्टीट्यूड आधारित प्रश्नों को शामिल करने की सिफारिश की गई थी. हालांकि अब समिति एक कदम आगे बढ़ते हुए केवल एप्टीट्यूड आधारित मॉडल पर विचार कर रही है. इसी मॉडल को ट्रायल के जरिए परखा जाएगा.
क्यों महसूस हुई बदलाव की जरूरत?
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल विषय आधारित परीक्षा किसी छात्र की क्षमता को नहीं दर्शाती. IIT जैसे संस्थानों में सफलता के लिए सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता भी उतनी ही जरूरी होती है. इसी वजह से प्रवेश प्रक्रिया को अधिक व्यापक और आधुनिक बनाने पर चर्चा हो रही है. यदि एप्टीट्यूड आधारित मॉडल सफल साबित होता है, तो इससे छात्रों को भी अवसर मिल सकता है.
साल में दो बार हो सकती है परीक्षा
यह बदलाव केवल पैटर्न बदलने तक सीमित नहीं है. वह JEE Main की तरह JEE Advanced को भी साल में दो बार आयोजित करने पर विचार कर रही है. वर्तमान में JEE Advanced साल में सिर्फ एक बार आयोजित होता है. यदि भविष्य में यह प्रस्ताव लागू होता है, तो छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए दो अवसर मिल सकते हैं.
क्या 2027 से लागू होगा नया पैटर्न?
फिलहाल नया पैटर्न लागू करने को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. जुलाई में होने वाले ट्रायल की रिपोर्ट IIT काउंसिल के सामने पेश की जाएगी. इसके बाद विशेषज्ञों की राय और आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा. अगर ट्रायल सफल रहता है और सभी पक्ष सहमत होते हैं तो जेईई एडवांस्ड 2026 को नए पैटर्न में आयोजीत किया जा सकता है. इससे देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा का चेहरा पूरी तरह बदल सकता है.
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अभी तो धक्का दिया, इससे पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी को जूता दिखा चुके हैं वैभव सूर्यवंशी, क्या आपको याद है वो किस्सा
Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का नाम इस वक्त चर्चा में बना हुआ है. मगर, इसकी वजह उनकी बल्लेबाजी या कोई रिकॉर्ड नहीं है... बल्कि उनका नाम एक विवाद के साथ जुड़ गया है. श्रीलंका ए के साथ सोमवार को खेले गए मैच में टीम इंडिया को सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा. मगर, इस हार के बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे के बीच लड़ाई हो गई. जहां, वैभव ने विशेन को धक्का मार दिया. इसके बाद से ही क्रिकेट के गलियारों में लगातार इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है. हालांकि, अब तक वैभव को इस हरकत के लिए कोई सजा नहीं सुनाई गई है. मगर, क्या आपको मालूम है कि इससे पहले वैभव सूर्यवंशी की मैदान पर एक बार और लड़ाई हो चुकी है. तब तो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाड़ी को जूता दिखाया था...
पाकिस्तानी खिलाड़ी को वैभव सूर्यवंशी ने दिखाया था जूता
अंडर-19 एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया था. उस मैच में टीम इंडिया पाकिस्तान के दिए 348 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी थी. उस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की और सिर्फ 9 गेंदों में 25 रन बना डाले थे. लेकिन अपनी पारी की 10वीं गेंद पर वह पाकिस्तानी तेज गेंदबाज अली रजा का शिकार बन गए.
विकेट लेने के बाद अली रजा ने जोश में आकर आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया था. यह बात वैभव को पसंद नहीं आई. आउट होने के बाद उन्होंने नाराजगी जाहिर की, कुछ शब्द कहे और फिर अपना जूता दिखाकर प्रतिक्रिया दी. उस मैच के परिणाम की बात करें, तो भारत को बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा था.
श्रीलंकाई खिलाड़ी को वैभव सूर्यवंशी ने मारा धक्का
सोमवार को श्रीलंका-ए और इंडिया ए की टीमों के बीच ट्राई सीरीज का अहम मुकाबला खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी, जहां उसने 265 रनों का स्कोर बनाया. फिर श्रीलंका की टीम भी 50 ओवर में 265 रन ही बना पाई, जिसके चलते मैच टाई हो गया. इसके बाद मुकाबले का सुपर ओवर में परिणाम निकलना तय हुआ.
सुपर ओवर में श्रीलंका पहले बैटिंग करने आई और उन्होंने 17 रनों का लक्ष्य रख दिया. मगर, भारत की ओर से सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने आए वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेड्गे 17 रन नहीं बना पाए मैच हार गए. टीम इंडिया सुपर-ओवर में सिर्फ 9 रन बना पाई. लेकिन, विवाद इसके बाद शुरू हुआ.
Vaibhav got into a heated argument with Sri Lankan players after the super over pic.twitter.com/wnGyEF6Nvw
— Abhi (@AbhiMSD_07) June 15, 2026
दरअसल, जब वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के हारने के बाद अपने साथी खिलाड़ी सूर्यांश शेड्गे के साथ पवेलियन की ओर लौट रहे थे, तब श्रीलंका ए के खिलाड़ी जोश में वैभव सूर्यवंशी से कुछ कहते नजर आए, जिसपर वैभव सूर्यवंशी भड़क गए और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ धक्का-मुक्की कर डाली.
तभी, श्रीलंका के खिलाड़ी बीच-बचाव में आए और मामले को शांत कर दिया गया. वैभव सूर्यवंशी जब ड्रेसिंग रूम की ओर जा रहे थे, उस वक्त श्रीलंकाई प्लेयर्स से इशारा करते हुए बहुत कुछ कहते नजर आए.
ट्राई सीरीज में अब तक कैसा रहा है वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन?
श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई सीरीज में अब तक भारतीय टीम ने 3 मुकाबले खेले हैं और तीनों ही मैचों की प्लेइंग-11 में वैभव सूर्यवंशी भी शामिल रहे. मेजबान लंका टीम के खिलाफ खेले गए इस सीरीज के पहले मैच में वैभव ने 12 गेंदों में 14 रन की पारी खेली थी, जिसमें 3 चौके लगाए थे.
दूसरा मैच टीम इंडिया ने अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेला. इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 22 गेंदों पर 44 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होंने 9 चौके लगाए. उनका स्ट्राइक रेट 200 का रहा. वहीं, तीसरा मैच फिर श्रीलंका के साथ हुई, जिसमें 15 साल के इस खिलाड़ी ने 14 गेंदों पर 21 रन की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 1 छक्का लगाया.
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