Arvind Kejriwal ने कहा, बेहतर स्कूलों के लिए Gen-Alpha बच्चे कर रहे संघर्ष
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि ‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने मोर्चा संभाल लिया है और सरकारी विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं के लिए अपनी आवाज उठाना शुरू कर दिया है। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर स्वतंत्रता दिवस के सदेश में कहा, ‘‘यह 15 अगस्त और भी ज्यादा खास है... ‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने मोर्चा संभाल लिया है। देश के कोने-कोने में बच्चे अपने स्कूल को ठीक करवाने के लिए लड़ रहे हैं।
वे अपने स्कूल के लिए डेस्क, साफ पानी, शौचालय और शिक्षकों जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बच्चों ने अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीख लिया है। यही तो सच्ची आजादी है... आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।’’ केजरीवाल ने कहा कि देशभर में बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, देहरादून और बाड़मेर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां छात्र बेहतर सड़कों और पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की मांग कर रहे हैं। जिस पीढ़ी का जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है, उन्हें ‘जेन-जी’ और जिस पीढ़ी का जन्म 2012 से 2024 के बीच हुआ उसे ‘जेन-अल्फा’ कहा जाता है।
Rahul Gandhi लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं पहुंचे, BJP ने साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लाल किले पर आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने पर उनकी कड़ी आलोचना की और कहा कि उनकी सोच ‘‘दिमागी नक्सल’’ तंत्र को दर्शाती है। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित केंद्र सरकार के सभी प्रमुख मंत्री मौजूद थे। इसके अलावा भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास भी समारोह में उपस्थित रहे।
राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राहुल गांधी लाल किले पर मौजूद नहीं रहे। क्या कोई देशभक्त नेता प्रतिपक्ष या कोई भी सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति स्वेच्छा से ऐसा कर सकता है?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का समारोह में शामिल न होना ‘वंदे मातरम्’ के प्रति उनकी नफरत को दर्शाता है। भंडारी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बनने के योग्य नहीं हैं।
उनकी मानसिकता ‘दिमागी नक्सल’ तंत्र को दर्शाती है।’’ उल्लेखनीय है कि लगातार दूसरे वर्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लाल किले पर आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए।
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