Abhijit Dipke हिंगोली से शुरू करेंगे 'स्कूल ठीक करो' अभियान, सरकारी स्कूलों की उपेक्षा का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संयोजक अभिजीत दीपके ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारत में सरकारी स्कूल सत्ता में किसी भी दल की सरकार रहने के बावजूद उपेक्षित बने हुए हैं। दीपके ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के हिंगोली जिले से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की तैयारी के दौरान यह बात कही। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी रवाना होने से पहले दीपके ने राजनीतिक दलों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘लोग अब समझ गए हैं कि शिक्षा की बात करनी चाहिए, क्योंकि यही समय की सबसे बड़ी जरूरत है। चाहे किसी भी राजनीतिक दल की सरकार रही हो, राज्यों में सरकारी स्कूलों के लिए किसी ने गंभीरता से काम नहीं किया। अब जरूरत है कि हम सवाल पूछकर उन्हें काम करने के लिए मजबूर कर सकते हैं।’’ दीपके ने शुक्रवार को छत्रपति संभाजीनगर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में आयोजित तिरंगा रैली के दौरान शहरभर में लगाए गए बड़े-बड़े बैनरों के खर्च पर भी सवाल उठाया।
Arvind Kejriwal ने कहा, बेहतर स्कूलों के लिए Gen-Alpha बच्चे कर रहे संघर्ष
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि ‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने मोर्चा संभाल लिया है और सरकारी विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं के लिए अपनी आवाज उठाना शुरू कर दिया है। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर स्वतंत्रता दिवस के सदेश में कहा, ‘‘यह 15 अगस्त और भी ज्यादा खास है... ‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने मोर्चा संभाल लिया है। देश के कोने-कोने में बच्चे अपने स्कूल को ठीक करवाने के लिए लड़ रहे हैं।
वे अपने स्कूल के लिए डेस्क, साफ पानी, शौचालय और शिक्षकों जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बच्चों ने अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीख लिया है। यही तो सच्ची आजादी है... आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।’’ केजरीवाल ने कहा कि देशभर में बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, देहरादून और बाड़मेर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां छात्र बेहतर सड़कों और पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की मांग कर रहे हैं। जिस पीढ़ी का जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है, उन्हें ‘जेन-जी’ और जिस पीढ़ी का जन्म 2012 से 2024 के बीच हुआ उसे ‘जेन-अल्फा’ कहा जाता है।
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