Mahua Moitra का आरोप, Nadia प्रशासन ने देर रात सर्किट हाउस कराया खाली
तृणमूल कांग्रेस की नेता एवं सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के नादिया जिला प्रशासन ने उन्हें सरकारी ‘सर्किट हाउस’ में कमरा आवंटित किए जाने के बावजूद देर रात वहां से कमरा खाली करने का आदेश दे दिया। संसद सत्र के बाद रात को ठहरने के लिए सर्किट हाउस पहुंचीं मोइत्रा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया तो शुक्रवार रात परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने लगी। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि एक निर्वाचित सांसद के रूप में वह इस सुविधा का उपयोग करने की हकदार हैं, लेकिन जिला अधिकारियों द्वारा उन्हें परेशान करने के इरादे से आधी रात को कमरा खाली करने का दबाव बनाया गया।
मोइत्रा ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मुझे जो कमरा दिया गया था, वह पूरी तरह तैयार था और मुझे यहां रात का खाना भी परोसा गया। मैं शाम करीब सवा छह बजे कमरे में आई और रात 10 बजे से जिला प्रशासन मुझे कमरा खाली करने के संदेश भेजने लगा।’’ उन्होंने संदेश में कहा, ‘‘मैंने उन्हें साफ तौर पर कह दिया कि मैं वहां से जाने वाली नहीं हूं। अब मुझे जिला प्रशासन की ओर से कमरा खाली करने का आदेश मिला है।’’ उन्होंने दावा किया कि यह संदेश रात करीब 11 बजे रिकॉर्ड किया गया था।
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मोइत्रा ने पीछे न हटने का अपना इरादा जाहिर करते हुए कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने मुझसे कहा था कि मैं एक स्वतंत्रता सेनानी की तरह जमीन पर उतरकर लोगों का सामना करूं और मैं वही कर रही हूं।’’ मोइत्रा का इशारा उच्चतम न्यायालय की उन टिप्पणियों की ओर था, जो उसने तृणमूल नेताओं पर बार-बार हो रहे हमलों और अंडे फेंकने की घटनाओं से सुरक्षा की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की थीं। उन्होंने कहा, ‘‘कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मुझसे कहा था कि जिला प्रशासन मुझे सुरक्षा प्रदान करेगा और वही प्रशासन मुझे बाहर जाने का आदेश दे रहा है और परेशान कर रहा है।’’ मोइत्रा ने नादिया के नेजारत उपजिलाधिकारी से मिला आदेश भी पोस्ट किया। कथित आदेश में कहा गया था, ‘‘वार्षिक रखरखाव और सफाई व्यवस्था को सुगम बनाने के दृष्टिगत, नादिया सर्किट हाउस (कृष्णनगर स्थित) 14 अगस्त, 2026 की शाम से अगले आदेश तक सेवा के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा।’’ इसमें कहा गया, ‘‘केवल 13 अगस्त 2026 से पहले की बुकिंग को ही छूट दी जाएगी।’’ नादिया जिला अधिकारियों की ओर से इस घटनाक्रम पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
80th Independence Day के निमंत्रण पत्र पर सेवा तीर्थ और धर्म चक्र की झलक दिखी
लाल किले पर शनिवार को आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जारी निमंत्रण पत्रों पर नवनिर्मित ‘सेवा तीर्थ’ परिसर की तस्वीर प्रमुखता से दी गई। इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय हैं। निमंत्रण पत्रों पर ‘धर्म चक्र’ भी दर्शाया गया है, जो ‘‘धर्मसंगत कर्तव्य की निरंतर गति और सतत निस्वार्थ कर्म’’ का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली में लाल किला परिसर से स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा था, ‘‘इस भव्य आयोजन में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्ष की स्थायी विरासत को भी याद किया जाएगा और 2047 तक विकसित भारत की यात्रा को आगे बढ़ाने में ‘युवा शक्ति’ की ऊर्जा, आकांक्षाओं और महत्वपूर्ण योगदान का उत्सव मनाया जाएगा।’’ एक पृष्ठ वाले मुद्रित निमंत्रण पत्र पर सेवा तीर्थ परिसर की तस्वीर है। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी कई पृष्ठों वाले ई-निमंत्रण पत्र में बीच में सेवा तीर्थ परिसर की तस्वीर, ऊपर दाईं ओर ‘धर्म चक्र’ का प्रतीक और ऊपर बाईं ओर दीर्घा का नाम दिया गया है।
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इसमें मूल कर्तव्यों की सूची तथा ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद अंग्रेजी और हिंदी में दिए गए हैं। इसके एक अन्य पृष्ठ पर तीन क्यूआर कोड दिए गए हैं। इनमें से एक को स्कैन कर 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है, दूसरे को स्कैन कर ‘वंदे मातरम्’ सुना जा सकता है और तीसरे को स्कैन करने पर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने का मार्ग, बैठने की व्यवस्था और यातायात संबंधी जानकारी मिलेगी।
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स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बैठने की दीर्घाओं के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। इनमें बड़खल, भीमताल, चंद्रताल, चिलिका, दलपत सागर, डिमना, दूधसागर, हाफलोंग, हरिके, हुसैन सागर, कंवर, कांकरिया, कोलेरू, लोकटक, लोनार, पैंगोंग त्सो, पुलिकट, पुष्कर, रवींद्र सरोवर, रामगढ़ ताल, रुद्रसागर, सांख्य सागर, शांति सागर, वेम्बनाड और वुलर शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘‘वीआईपी संस्कृति समाप्त करने’’ के प्रयासों और जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने के तहत 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कर्तव्य पथ के किनारे बनी बैठने की दीर्घाओं के नाम नदियों के नाम पर रखे गए थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटिश काल में बने नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के पास निर्मित सेवा तीर्थ परिसर का 13 फरवरी को उद्घाटन किया था। इस नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय हैं। मोदी ने नए परिसर में सेवा तीर्थ की पट्टिका का भी अनावरण किया था।
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परिसर की दीवार पर इसका नाम देवनागरी लिपि में अंकित है।
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