शक्ति की सप्त धारा क्या है? पीएम मोदी के 7 स्तंभ जो देश की अर्थव्यवस्था को देंगे नई उड़ान
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शक्ति की सप्त धारा
| कृषि एवं खाद्य उत्पाद | खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) का विस्तार करना; श्रीअन्न (मोटे अनाज/Millets), मसाले, फल और अन्य भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना। |
| प्रौद्योगिकी एवं नवाचार | भारत को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष (Space), रोबोटिक्स, डेटा सेंटर और नेक्स्ट-जेन संचार के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनाना। |
| गति शक्ति (कनेक्टिविटी एवं बुनियादी ढांचा) | हाई-स्पीड रेल, आधुनिक राजमार्गों, हवाई अड्डों, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और बंदरगाहों के माध्यम से निर्बाध (सीमलैस) कनेक्टिविटी स्थापित करना। |
| रक्षा शक्ति | रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना, अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करना और एक वैश्विक रक्षा निर्यातक बनना। |
| हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था | ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन मोबिलिटी और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण; इसके साथ ही मत्स्य पालन, तटीय पर्यटन और समुद्री तकनीक को बढ़ावा देना। |
| भारत की सॉफ्ट पावर | योग, आयुर्वेद, समग्र स्वास्थ्य सेवा (होलिस्टिक हेल्थकेयर), कला, संस्कृति और समृद्ध विरासत के माध्यम से वैश्विक स्तर पर भारत के प्रभाव को सुदृढ़ करना। |
| विनिर्माण शक्ति | भारत को स्पेयर पार्ट्स (कंपोनेंट्स) से लेकर अंतिम उत्पादों तक एक विश्वसनीय वैश्विक सप्लाई-चेन हब बनाना। |
DK Shivakumar ने Karnataka के स्कूलों में 'एआई अक्षर अभियान' की घोषणा की
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शनिवार को राज्यभर के विद्यालयों में कृत्रिम मेधा (एआई) की शिक्षा शुरू करने और विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘एआई अक्षर अभियान’ एवं ‘कोडिंग गुरुकुल’ कार्यक्रम की घोषणा की। शिवकुमार ने यहां ‘फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ परेड ग्राउंड’ में स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा, ‘‘हम अब प्रौद्योगिकी के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। एआई अभियान और कोडिंग गुरुकुल- यह आपका युग है, एक नया युग।’’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आज के युवाओं के कौशल को निखारने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए पहले ही कार्यक्रम तैयार कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के विद्यालयों में छठी कक्षा से एआई की शिक्षा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इसी उद्देश्य से आज मैं ‘एआई अक्षर अभियान और कोडिंग गुरुकुल’ नामक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम की घोषणा कर रहा हूं।’’ शिवकुमार ने कहा कि सरकार बेंगलुरु में भारत का पहला सरकारी एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘देश के पहले सरकारी एआई विश्वविद्यालय के लिए पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है।
मैं कर्नाटक के बेंगलुरु में एआई विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा पहले ही कर चुका हूं और इसके लिए कार्यक्रम भी तैयार कर रहा हूं।’’ उन्होंने प्रौद्योगिकी युग के लिए कर्नाटक के युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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