Independence Day Special: अमिताभ बच्चन की ये 5 फिल्में जगाती हैं देशभक्ति का जज्बा, 15 अगस्त पर देखें जरूर
Independence Day Special: आज15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. यह दिन सिर्फ तिरंगा फहराने और देशभक्ति के नारे लगाने का नहीं, बल्कि उन लोगों को याद करने का भी है जिन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और अपना बलिदान दिया. ऐसे मौके पर सिनेमा भी देशप्रेम की भावना को पैदा करता है. बॉलीवुड के महानायक यानी अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए हैं, जो देश, सेना, ईमानदारी और जिम्मेदारी से जुड़े हुए हैं. अगर इस स्वतंत्रता दिवस पर आप घर बैठे देशभक्ति से जुड़ी फिल्में देखना चाहते हैं, तो अमिताभ बच्चन की ये पांच फिल्में आपको जरूर देखनी चाहिए.
सात हिंदुस्तानी
अमिताभ बच्चन ने फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत जिस फिल्म से की, वह खुद देशभक्ति और एकता का मजबूत मैसेज देती है. साल 1969 में आई ‘सात हिंदुस्तानी’ में अमिताभ बच्चन ने अनवर अली नाम के एक कव्वाल और देशभक्त का किरदार निभाया था. ख्वाजा अहमद अब्बास के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म गोवा की जमीन पर आधारित थी, जहां उस समय पुर्तगाली राज था. फिल्म की कहानी में देश के अलग-अलग हिस्सों और धर्मों से आए सात लोग गोवा को आजाद कराने के मिशन पर निकलते हैं. फिल्म की खास बात यह है कि इसमें देशभक्ति के साथ हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की बात भी की गई है.
इंकलाब
1984 में आई ‘इंकलाब’ में अमिताभ बच्चन ने एक देशभक्त का किरदार निभाया था. टी. रामा राव के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में उन्होंने अमरनाथ नाम के एक बेरोजगार युंग लड़के का किरदार निभाया है. उसके सामने ऐसी सिचुएशन आती है कि उसे पुलिस अधिकारी बनना पड़ता है. लेकिन बाद में भ्रष्ट नेता अपने फायदे के लिए उसका यूज करने लगते हैं. जब अमरनाथ सत्ता को समझ आता है कि सत्ता में बैठे कुछ लोग ही देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं, तो वह उनके खिलाड़ खड़ा होता है. इस फिल्म से समझ आता है कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ सीमा पर लड़ना नहीं होता है बल्कि देश के अंदर फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना भी देशभक्ति होती है.
मेजर साहब
अगर 15 अगस्त पर सेना और जवानों की लाइफ से जुड़ी फिल्म देखना चाहते हैं तो इसके लिए अमिताभ बच्चन की मेजर साहब एक बेहतरीन ऑप्शन है. 1998 में आई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने मेजर जसबीर सिंह राणा की शानदार किरदार निभाया था. वह एक सख्त सैन्य अधिकारी हैं, जो कैडेट्स को ट्रेनिंग देते समय डिसिप्लिन से किसी तरह का समझौता नहीं करते. अजय देवगन का किरदार एक बिगड़ैल अमीर लड़के का होता है. जिसे मेजर राणा अपनी कड़ी ट्रेनिंग के जरिए जिम्मेदारी और देश के प्रति उसके फर्ज के बारे में समझाते हैं. फिल्म यह दिखाती है कि सैनिक बनना सिर्फ वर्दी पहन लेना नहीं है. इसके लिए डिसिप्लिन, हिम्मत और देश के लिए कुछ भी करने का जज्बा होना चाहिए.
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
अनिल शर्मा की 2004 में आई ‘अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों’ सैनिकों के त्याग और देश के लिए समर्पित फिल्म है. इसमें अमिताभ बच्चन ने मेजर जनरल अमरजीत सिंह का यादगार किरदार निभाया. फिल्म में सेना की तीन जनरेशन की कहानी दिखाई जाती है, जो देश की रक्षा के लिए अलग-अलग सिचुएशन में खड़ी होती हैं. अमिताभ का किरदार सिर्फ सैनिकों को लीड ही नहीं करता बल्कि न्यू जनरेशन को भी देश के लिए जिम्मेदारी को समझाता है. अगर स्वतंत्रता दिवस पर आप ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो सैनिकों के लिए रिस्पेक्ट बढ़ाए, तो इसे अपनी वॉच लिस्ट में जरूर शामिल करें.
लक्ष्य
फरहान अख्तर की ‘लक्ष्य’ 2004 में रिलीज हुई थी और इसे बॉलीवुड की बेहतरीन वॉर फिल्मों में गिना जाता है. यह फिल्म 1999 के कारगिल युद्ध पर आधारित है. इसमें ऋतिक रोशन ने करन शेरगिल का किरदार निभाया है, जो शुरुआत में अपनी लाइफ को लेकर बिल्कुल सीरियस नहीं होता. सेना में जाने के बाद उसकी सोच बदलती है और उसे अपने लाइफ का असली मकसद समझ आता है. अमिताभ बच्चन ने फिल्म में कर्नल सुनील दामले का दमदार किरदार निभाया है. जिसके लिए उनकी खूब तारीफ हुई. इसमें उनका किरदार शांत, अनुशासित और समझदार कमांडर का होता है, जो मुश्किल हालात में भी अपने सैनिकों पर विश्वास नहीं खोता है. यह फिल्म सिखाती है कि देशभक्ति सिर्फ जोश और नारों में नहीं होती, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और अपने फर्ज को पूरी ईमानदारी से निभाने में भी होती है. यही वजह है कि 15 अगस्त के दिन अमिताभ बच्चन की इन फिल्मों को देखना सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि देश और उसकी जिम्मेदारियों को जानने का एक अच्छा मौका हो सकता है.
'भारत के समुद्र तट का 99% हिस्सा 'No Go Area' था', PM मोदी ने लाल किले से किस किस्से का किया जिक्र?
PM Modi Lal Qila Speech: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किला की प्राचीर से तिरंगा फहराया. इसके बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने भूत काल से लेकर वर्तमान और भविष्य के बार में विस्तार से जिक्र किया.
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी देश की तरक्की अक्सर संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि उसकी सोच की सीमाओं से रुकती है. जब सोच ठहर जाती है और दायरे में सिमट जाती है, तो हम अपनी असली क्षमता को नहीं पहचान पाते. आज भी देश कच्चे तेल के लिए दूसरों पर निर्भर है और यह स्थिति एक गलत सोच का नतीजा है.
On the 80th Independence Day, PM Modi says, "Today, the country has to remain dependent on crude oil; this is due to our flawed thinking. You will be surprised to know that we have declared 99% of our coastline as a 'No Go area'. We ourselves had decided not to go into the ocean… pic.twitter.com/t5lG9zGj4Y
— ANI (@ANI) August 15, 2026
नो-गो एरिया को बनाया गो-अहेड जोन
किस्से का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसी सोच की वजह से हमारे समुद्र तट का 99% हिस्सा 'नो-गो एरिया' (जहां जाने की मनाही हो) घोषित कर दिया गया था. हमने समुद्र की गहराइयों को खंगालने का विचार ही छोड़ दिया था. यह सोच की गरीबी थी. कहा कि हमने तय किया कि ऐसा नहीं चल सकता। हमने उस 99% हिस्से को जो कभी 'नो-गो जोन' हुआ करता था, अब 'गो-अहेड जोन' (जहां जाने की इजाजत हो) बना दिया है।
₹85,000 करोड़ आवंटित
पीएम मोदी ने कहा कि अब हम समुद्र की गहराई में खोज करने और नए भंडार ढूंढने के काम में तेजी से जुटे हैं. पिछले साल हमने इस दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 'समुद्र मंथन' पहल की घोषणा की थी, और हाल ही में हमने इस काम को और तेज करने के लिए ₹85,000 करोड़ आवंटित करने का फैसला किया है.
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