PM मोदी ने लाल किले से क्यों गिनाए डिफेंस, मोबाइल और डिजिटल क्रांति के आंकड़े? जानिए कितना बदला भारत
80 Independence Day: भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता जश्न मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले से राष्ट्रीय समारोह की अगुवाई की. वहीं, इस साल का आयोजन देश के लिए खास था, क्योंकि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का भी जश्न भी स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर मनाया गया. ऐसा पहली बार है कि जब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम को औपचारिक रूप से गाया गया. इस राष्ट्रीय समारोह में देश की युवा शक्ति पर खास ध्यान दिया जा रहा है और यह भी दिखाया जा रहा है कि युवा शक्ति 2047 तक विकसित भारत को सफल बनाने में योगदान दे रही हैं.
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डिफेंस में आत्मनिर्भर होना जरूरी
लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा शक्ति का सबसे अधिक महत्व है. उन्होंने कहा कि डिफेंस में आत्मनिर्भर होना जरूरी है. दुनिया और भारत ने अनुभव कर लिया है कि इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है. जब दुनिया में सब अपनी-अपनी सोच रहे हैं तो हम सिर्फ बाजार बनकर नहीं रह सकते. हमें ग्लोबल सप्लायर बनने की ओर बढ़ना होगा. हमें ड्रोन और एंट्री ड्रोन की दिशा में खुद को मजबूत करना होगा. इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी पर भी काम करना होगी.
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आज देश आजादी की 80वीं सालगिरह मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास अवसर पर लाल किले की प्रचीर पर तिरंगा फहराया. इसके बाद राष्ट्रगान हुआ. खास बात है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पहली बार वंदे मातरम का गायन हुआ.
सबसे पहले प्रधानमंत्री राजघाट पहुंचे. यहां पीएम मोदी ने बापू को याद किया. उन्होंने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की. इसके बाद पीएम मोदी सीधे लाल किले पर पहुंचे. देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्यमंत्री, रक्षासचिव और सीडीएस मौके पर मौजूद रहे. इसके बाद PM मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया.
स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से घोषणा की कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर 100 गीगावाट (1 लाख मेगावाट) करना है. अब सवाल है कि आखिर 2047 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य क्यों अहम है? आइये जानते हैं इसकी महत्ता…
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