फिजिकल हेल्थ- केरलम में निपाह वायरस का केस मिला:देश में 8वीं बार फैला संक्रमण, 75% तक मृत्यु दर, डॉक्टर से जानें इलाज और बचाव
केरलम के कोझिकोड जिले में बीते गुरुवार यानी 11 जून को निपाह वायरस का एक केस मिला। इसके बाद राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए सभी 77 लोगों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इनमें से 2 लोगों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। साल 2018 के बाद यह 6वीं बार है कि केरलम में निपाह वायरस का केस मिला है। ‘वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन’ (WHO) के मुताबिक, निपाह एक जूनोटिक वायरस यानी जानवरों से इंसानों में फैलने वाला वायरस है। यह जानवरों और इंसानों दोनों में फैलता है। निपाह के संक्रमित लोगों में मृत्यु दर 40% से 75% तक है। भारत में मृत्यु दर इससे ज्यादा है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में निपाह वायरस की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- साल 2026 से पहले भारत में कब-कब निपाह वायरस के केस मिले हैं? इसका संक्रमण कितना घातक साबित हुआ है? जवाब- WHO के मुताबिक, यह 8वीं बार है कि भारत में निपाह वायरस के केस मिले हैं। भारत में निपाह वायरस बेहद घातक साबित हुआ है। इसकी मृत्यु दर बहुत अधिक है। इसके पीछे स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, इलाज में देरी या लापरवाही जैसी कई वजहें हो सकती हैं। ग्राफिक में देखिए, भारत में निपाह वायरस के मामले कब और कितने मिले- सवाल- निपाह वायरस के क्या लक्षण हैं? जवाब- इसका संक्रमण होने पर लक्षण आमतौर पर 4-14 दिनों के भीतर दिखते हैं। इसके सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- निपाह वायरस कितना खतरनाक है? जवाब- इंसानों में यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है। सवाल- निपाह वायरस कैसे फैलता है? जवाब- यह एक जूनोटिक बीमारी है। यह मुख्य रूप से जानवरों से इंसानों में फैलती है। कुछ मामलों में यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकती है। सवाल- दुनिया में पहली बार निपाह वायरस कहां मिला? जवाब- WHO के मुताबिक, साल 1998 में मलेशिया के ‘सुंगई निपाह’ गांव में पहली बार निपाह वायरस का पता चला था। इस गांव के नाम पर ही इस वायरस का नाम निपाह पड़ा। सवाल- निपाह वायरस का इलाज क्या है? जवाब- इसके इलाज के लिए फिलहाल कोई एंटीवायरल दवा मौजूद नहीं है। अभी तक इसके लिए कोई वैक्सीन भी विकसित नहीं हुई है। निपाह वायरस के ट्रीटमेंट में सिर्फ लक्षणों को कम करने की कोशिश की जाती है। इसके अलावा पेशेंट की देखभाल भी बहुत जरूरी है- सवाल- निपाह वायरस से बचाव कैसे करें? जवाब- अगर निपाह वायरस से संक्रमित क्षेत्र में रहते हैं या ऐसी जगह की यात्रा कर रहे हैं तो वायरस से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- निपाह वायरस को फैलने से कैसे रोका जा सकता है? जवाब- निपाह वायरस को फैलने से रोकना है तो इसका संक्रमण कंट्रोल करना होगा। निपाह वायरस से जुड़े जरूरी सवाल-जवाब सवाल- क्या निपाह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है? जवाब- हां, खासकर परिवार और अस्पतालों में करीबी संपर्क से। सवाल- क्या निपाह वायरस हवा से फैलता है? जवाब- एयरबोर्न संक्रमण के स्पष्ट सबूत नहीं हैं, लेकिन संक्रमित व्यक्ति की एयर ड्रॉप्स (सांस में निकली बूंदों) से संक्रमण हो सकता है। सवाल- क्या निपाह दिमाग पर असर डालता है? जवाब- हां, यह एन्सेफलाइटिस यानी दिमाग में सूजन पैदा कर सकता है। सवाल- क्या निपाह जानलेवा है? जवाब- हां, इसकी मृत्यु दर 40% से 75% तक हो सकती है। सवाल- क्या यह कोविड-19 से ज्यादा खतरनाक है? जवाब- मृत्यु दर के लिहाज से हां, लेकिन फैलने की क्षमता अपेक्षाकृत कम है। सवाल- क्या यह महामारी बन सकता है? जवाब- फिलहाल इसकी संक्रमण क्षमता सीमित मानी जाती है, लेकिन वैज्ञानिक लगातार निगरानी कर रहे हैं। सवाल- निपाह का R₀ (संक्रमण दर) कितना है? जवाब- आमतौर पर 1 से कम, यानी एक संक्रमित व्यक्ति औसतन एक से कम लोगों को संक्रमित करता है। सवाल- क्या निपाह वायरस की कोई वैक्सीन है? जवाब- फिलहाल आम लोगों के लिए कोई अप्रूव्ड वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। सवाल- क्या सभी चमगादड़ निपाह वायरस फैलाते हैं? जवाब- नहीं, सिर्फ संक्रमित चमगादड़ ही वायरस फैला सकते हैं। सवाल- क्या फल खाना बंद कर देना चाहिए? जवाब- नहीं, केवल साफ और सुरक्षित फल खाएं। सवाल- क्या निपाह मच्छर से फैलता है? जवाब- नहीं, अभी तक इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। सवाल- क्या इसका कोई विशेष इलाज है? जवाब- नहीं, अभी मुख्य रूप से सपोर्टिव ट्रीटमेंट दिया जाता है। सवाल- अस्पताल में क्या इलाज होता है? जवाब- निपाह वायरस के संक्रमण में ये ट्रीटमेंट दिया जाता है- सवाल- किन लोगों को इसका जोखिम ज्यादा है? जवाब- इन लोगों को ज्यादा रिस्क होता है- सवाल- क्या बच्चों, बुजुर्गों को ज्यादा खतरा है? जवाब- किसी भी उम्र के लोग संक्रमित हो सकते हैं। बच्चे, बुजुर्ग कमजोर इम्यूनिटी के कारण ज्यादा वलनरेबल होते हैं। ………………………… फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- इबोला वायरस बना ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी: भारत भी अलर्ट पर, क्या आपको भी खतरा है, डॉक्टर से जानें हर सवाल का जवाब ‘वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन’ (WHO) ने इबोला वायरस को ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ घोषित किया है। इसके बाद भारत सरकार ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। कांगो, युगांडा और सूडान की यात्रा करने वालों को खासतौर पर सावधानी बरतने को कहा गया है। आगे पढ़िए…
100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:भ्रामक दावे करने पर इमामी सहित 8 कंपनियों को नोटिस
कल की बड़ी खबर इथेनॉल से जुड़ी रही। केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। वहीं फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने रविवार को देश की 8 बड़ी फूड कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. 100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी: गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से जुड़े नियमों और रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर उन्होंने साइन कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश की कच्चे तेल (फॉसिल फ्यूल) के इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले प्रदूषण को रोकना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. भ्रामक दावे करने पर इमामी सहित 8 कंपनियों को नोटिस: FSSAI बोला- 'जीरो मैदा ब्रेड' और 'ट्रू विटामिन' जैसे नाम नियमों का उल्लंघन फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने रविवार को देश की 8 बड़ी फूड कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर अपने प्रोडक्ट्स के ब्रांड नाम, ट्रेड नाम और विज्ञापनों में उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावे करने का आरोप है। रेगुलेटर ने साफ किया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत ऐसे भ्रामक नाम रखना सख्त प्रतिबंधित है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. टॉप-10-कंपनियों में से 8 की वैल्यू ₹1.90 लाख करोड़ बढ़ी: ICICI बैंक टॉप गेनर रही, वैल्यू ₹56,223 करोड़ बढ़ी; SBI-HDFC बैंक का मार्केट कैप भी बढ़ा बीते हफ्ते शेयर बाजार में रही तेजी के चलते देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 8 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹1.90 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान प्राइवेट सेक्टर के ICICI बैंक ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया और वह लिस्ट में टॉप पर रहा। ICICI बैंक कि वैल्यूएशन सबसे ज्यादा ₹56,223 करोड़ बढ़कर कुल ₹9.61 लाख करोड़ पर पहुंच गई। HDFC बैंक का मार्केट कैप ₹38,571 करोड़ बढ़कर ₹11.89 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. FPI ने 15-दिन में भारतीय बाजार से ₹62,853 करोड़ निकाले: 2026 में अब तक ₹2.87 लाख करोड़ की बिकवाली, जियोपॉलिटिकल तनाव का असर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने जून के पहले 15 दिनों में भारतीय शेयर बाजार से ₹62,853 करोड़ से ज्यादा की निकासी की है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, इस ताजा निकासी के साथ साल 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी से कुल विदेशी फंड की निकासी ₹2.87 लाख करोड़ पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा साल 2025 के पूरे कैलेंडर ईयर के दौरान निकाली गई ₹1.66 लाख करोड़ की रकम से कहीं ज्यादा है। विदेशी निवेशकों की इस लगातार बिकवाली के पीछे बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, वैश्विक आर्थिक ग्रोथ को लेकर चिंताएं और डॉलर के मुकाबले रुपए की लगातार कमजोरी मुख्य वजहें हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. इलॉन मस्क की न्यूरालिंक से आगे निकला चीन: दुनिया की पहली कॉमर्शियल ब्रेन चिप 'NEO' को मंजूरी मिली; क्लिनिकल ट्रायल सफल चीन ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) टेक्नोलॉजी को कॉमर्शियल बनाने की रेस में इलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक को पीछे छोड़ दिया है। चीन ने सफल क्लिनिकल ट्रायल के बाद दुनिया की पहली कॉमर्शियल इस्तेमाल वाली ब्रेन चिप 'NEO' को मंजूरी दे दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सिक्के के आकार का यह इम्प्लांट कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए क्लिनिकल टेस्टिंग पास करने वाला दुनिया का पहला सर्जिकली इम्प्लांटेड BCI डिवाइस बन गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 6. 3/20/30/40 रूल से करें घर लेने की तैयारी: सालाना कमाई का 3 गुना से ज्यादा महंगा घर न खरीदें, समझें इसका पूरा गणित घर खरीदने से पहले वित्तीय योजना बनाना घर के लिए ब्लूप्रिंट डिजाइन करने जैसा है। एक सही योजना के साथ पहली बार घर की खरीदारी आपको वित्तीय संकट और तनाव से दूर रखती है। पहली बार घर खरीदने वालों के लिए 3/20/30/40 रूल है। यहां हम जानते हैं ये कैसे काम करता है… पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शुक्रवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...





















