Umang Singhar का दावा: Balaghat में दूषित पानी से 19 बच्चों की मौत, आंकड़े छिपा रही सरकार
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को दावा किया कि बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल गांवों में दूषित पानी से फैली बीमारी के कारण 19 बच्चों की मौत हो चुकी है और राज्य सरकार वास्तविक आंकड़े छिपा रही है। सिंघार के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि सिंघार ने प्रभावित गांवों कुंडेकसा, बोंदारी और कोरका का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों से मुलाकात कर उनकी हालत और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
बयान के अनुसार उन्होंने प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की। स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि दूषित पानी और संक्रमण के कारण पिछले कई दिनों से बीमारी फैल रही है तथा आसपास के गांवों में अब तक 19 बच्चों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन मृतकों के वास्तविक आंकड़े सामने नहीं ला रहा है।
सिंघार ने प्रभावित बैगा आदिवासी बहुल गांवों में तत्काल स्वास्थ्य जांच, उपचार, पर्याप्त पोषण और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘दूषित पानी और कुपोषण की आशंका के बीच स्थिति बेहद चिंताजनक है। सरकार को तत्काल हर व्यक्ति, विशेषकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने बीमार बच्चों का उचित और नि:शुल्क उपचार, पर्याप्त पोषण, स्वच्छ पेयजल तथा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि हर बच्चे को समुचित इलाज मिले और चिकित्सा सुविधा के अभाव में किसी परिवार को अपना बच्चा न खोना पड़े। सिंघार ने संभावित प्रशासनिक लापरवाही की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में 19 बच्चों की जान गई है।
सिंघार ने कहा, ‘‘सरकार लोगों के सामने वास्तविक आंकड़े रखने के बजाय मौतों की वास्तविक संख्या छिपाने की कोशिश कर रही है।’’ उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन उनके पास आदिवासी परिवारों के ‘‘आंसू पोंछने’’ और बच्चों की जान बचाने का समय नहीं है। सिंघार ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन यादव आदिवासी गौरव की बात करते हैं। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने इन आदिवासी बच्चों के लिए क्या किया है।’’ सिंघार के साथ कांग्रेस विधायक संजय उइके, मधु भगत, अनुभा मुंजारे और विवेक विक्की पटेल भी गांवों के दौरे पर थे।
Narendra Modi ने Independence Day पर 2047 तक विकसित भारत का संकल्प दोहराया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन मोदी ने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्प लेने होंगे। उन्होंने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और दृढ़ संकल्प होने पर कठिनाइयों तथा आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप सामने आता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत ने 2047 में, जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, विकसित राष्ट्र बनने का बड़ा सपना देखा है और 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया की नजरों में हमारे साहस का परिचय बन जाता है। दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है।’’ मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वे दलित, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, गांव या शहर में रहने वाले, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि इतनी कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पहले ‘फ्रैजाइल फाइव’ देशों में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
मोदी ने कहा कि आजादी के समय देश ने बहुत से सपने देखे थे, लेकिन अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने रफ्तार पकड़ी है और तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती।’’ उन्होंने कहा कि अपने हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी और इसी उद्देश्य से ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में इसका कोई बड़ा संयंत्र नहीं बन पाया, लेकिन अब देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और उनमें उत्पादित सेमीकंडक्टर का निर्यात भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्षों में कई और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने वाले हैं और यह विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मार्ग है।
मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महात्मा गांधी समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है और इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह ऐतिहासिक पल है। उन्होंने हाल में देश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
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