मालवीय नगर अग्निकांड के आरोपी के समर्थन में आया उत्तराखंड लोक मंच, जंतर मंतर पर किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन
Malviya Nagar Fire Case: दिल्ली के जंतर मंतर पर रविवार को मालवीय नगर अग्निकांड मामले में आरोपी बनाए गए उत्तराखंड निवासी होटल शेफ केसर सिंह नेगी के समर्थन में उत्तराखंड लोक मंच के बैनर तले शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समाज के लोगों ने भाग लिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.
निष्पक्ष जांच पर दिया जोर
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मालवीय नगर अग्निकांड मामले में जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बिना पर्याप्त सबूतों के आरोपी बनाना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.
शेफ के समर्थन में उमड़ा समाज
उत्तराखंड लोक मंच के पदाधिकारियों और प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि केसर सिंह नेगी वर्षों से होटल उद्योग में कार्यरत हैं और उनके परिवार तथा परिचितों का मानना है कि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई और न्याय मिलने का अधिकार है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और जांच एजेंसियों से अपील की कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए.
शांतिपूर्ण तरीके से रखी बात
जंतर मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी जांच प्रक्रिया को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर हो तथा किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए.
न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि न्याय व्यवस्था पर सभी को विश्वास है और वे चाहते हैं कि जांच एजेंसियां निष्पक्षता के साथ अपना कार्य करें. उन्होंने कहा कि यदि केसर सिंह नेगी दोषी हैं तो कानून अपना काम करे, लेकिन यदि वे निर्दोष हैं तो उन्हें जल्द न्याय मिलना चाहिए और उनके ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए.
प्रदर्शनकारियों ने की उचित कार्रवाई करने की मांग
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज में न्याय और कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि हर मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो. प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग की.
सिद्धांतों की रक्षा की लड़ाई
उत्तराखंड लोक मंच ने कहा कि उनका संघर्ष केवल केसर सिंह नेगी के लिए नहीं, बल्कि न्याय के सिद्धांतों की रक्षा के लिए है. प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि संबंधित एजेंसियां मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाएंगी और जो भी दोषी होगा उसे कानून के अनुसार दंड मिलेगा.
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जून-अगस्त के दौरान अल नीनो होने की संभावना 80 प्रतिशत, महंगाई का मंडराया खतरा: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, जून-अगस्त के दौरान अल नीनो की घटना होने की संभावना 80 प्रतिशत है और इसके कम से कम नवंबर तक इसके बने रहने की संभावना 90 प्रतिशत या उससे अधिक है। हालांकि, देश में जलाशयों का जलस्तर सामान्य भंडारण से अधिक है (11 जून तक) और सब्जियों की आवक के आंकड़े भी संतोषजनक हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है, आने वाले दिनों में ही पता चलेगा कि क्या सप्लाई की स्थिति ऐसी है जो खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में अचानक होने वाले बदलावों से महंगाई पर पड़ने वाले असर को संभाल पाएगी या नहीं।
अर्थशास्त्री दिपान्विता मजूमदार के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में सीपीआई महंगाई दर 5.2 प्रतिशत से 5.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह अनुमान अल नीनो के कुछ असर और कच्चे तेल की औसत कीमत 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल रहने की संभावना पर आधारित है।
मई 2026 में हेडलाइन सीपीआई महंगाई दर 3.9 प्रतिशत रही, जो बीओबी रिसर्च के 4.1 प्रतिशत के अनुमान से कम थी, लेकिन अप्रैल के 3.5 प्रतिशत से ज्यादा थी।
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में तेजी थी; खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई।
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर बढ़ी, जबकि रेस्टोरेंट और रहने-ठहरने की सेवाओं की महंगाई दर में भी बढ़ोतरी हुई।
कोर महंगाई दर (खाने-पीने की चीजों और ईंधन को छोड़कर) बढ़कर 3.9 प्रतिशत हो गई, जो कीमतों में अंदरूनी दबाव के संकेत हैं।
बीओबी रिसर्च को ईंधन की ज्यादा कीमतों और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताओं, खासकर अल नीनो की वजह से खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना से महंगाई का जोखिम दिख रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है, खाने-पीने की चीजों की महंगाई के मामले में, ईंधन की ज्यादा कीमतों का असर और माल ढुलाई (फ्रेट) की लागत में संभावित बढ़ोतरी से निकट भविष्य में महंगाई और बढ़ सकती है। इसलिए, सेकंड-राउंड पास-थ्रू (यानी लागत बढ़ने का कीमतों पर बाद में पड़ने वाला असर) पर बारीकी से नज़र रखने की जरूरत है, खासकर तब जब इस साल मौसम से जुड़े जोखिम ज्यादा हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, हमारा मानना है कि कोर महंगाई दर में बढ़ोतरी का जोखिम और बढ़ेगा क्योंकि मांग स्थिर रहने के बीच कंपनियां इनपुट लागत में हुई बढ़ोतरी का कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की महंगाई से जुड़े जोखिम भी बढ़ने की संभावना है।
--आईएएनएस
एससीएच/पीएम
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