Adhik Maas 2026: 15 जून को अधिक मास खत्म होने से पहले जरूर करें ये खास उपाय, बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा
Adhik Maas 2026: पंचांग के अनुसार, हर तीन साल के अंतर पर पुरुषोत्तम मास आता है. इसे मलमास और अधिक मास भी कहा जाता है. भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम पुरुषोत्तम देकर इसके महत्व को कई गुना ज्यादा बढ़ा दिया था. इसलिए पुरुषोत्तम मास में किए गए पूजा-पाठ और दान का पुण्य प्राप्त होता है. इस महीने में की गई साधना से व्यक्ति के जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. इस साल 2026 में पुरुषोत्तम मास का संयोग बना है. 17 मई 2026 से इस पवित्र महीने की शुरुआत हुई थी. अब कल यानी 15 जून 2026 को पुरुषोत्तम मास सोमवती अमावस्या पर इसका समापन होगा. शास्त्रों की मान्यता के मुताबिक, इस महीने में कुछ खास उपाय करने से जीवन के संकट समाप्त होते हैं. धन की समस्या से छुटकारा मिल जाता है. अगले पुरुषोत्तम मास का संयोग तीन साल बाद बनेगा. इसलिए आप 15 जून से पहले कुछ उपाय करते हैं तो आपका भाग्य जाग सकता है. आइए जानते हैं पुरुषोत्तम मास के जाते-जाते क्या खास उपाय करें.
अधिक मास खत्म होने से पहलें करें ये खास उपाय
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
अधिक मास के बचे दिनों में हर रोज भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा सुबह शाम दोनों समय करें. यदि आपके यहां शालिग्राम शिला है तो उसका रोज पंचामृत से अभिषेक करें. चंदन और सुगंधित फूलों से श्रृंगार करें. रोज 3 माला ऊं नमो भगवते वासुदेवाय और 3 माला ऊं श्रीं श्रियै नमः मंत्र की जाप करें. भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा और मंत्र जाप करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. धन वृद्धि के योग बनेंगे. घर में सुख-शांति-समृद्धि आएगी.
विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें
पुरुषोत्तम मास में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना बेहद शुभ होता है. इसके साथ ही आप गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ कर सकते हैं. इनका पाठ करने से श्रीहरि की कृपा मिलती है. सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जीवन में सुख-शांति-समृद्धि आती है. जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं. जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है. अंत में भगवान के बैकुंठ लोक में स्थान प्राप्त होता है.
पितरों के लिए तर्पण-पिंडदान करें
पुरुषोत्तम मास की अमावस्या तिथि को पितरों की कृपा पाने के लिए श्रद्धा पूर्वक पितरों के लिए तर्पण-पिंडदान करें. पितरों की कृपा से जीवन में सुख-शांति आती है. वंश वृद्धि होती है. घर में मांगलिक काम होते हैं.
तुलसी की पूजा करें
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में तुलसी जी की पूजा करने से विशेष महत्व है. इस महीने के बचे दिनों में हर दिन सुबह जल में कच्चा दूध मिलाकर तुलसी जी का अभिषेक करें. शाम के समय घी का दीपक जलाकर आरती करें. इनके पास बैठकर ही ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें. माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें. इन उपाय को करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बड़ती है. घर में सुख-शांति आती है. धन-धान्य की वृद्धि होती है. भाग्य प्रबल होता है.
ब्राह्मण और गरीबों को दान करें
पुरुषोत्तम मास में अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मण और गरीबों को दान करना चाहिए. इस महीने में कपड़ा, अन्न, जल, मौसमी फल, 33 मालपुए का दान अवश्य करना चाहिए. इस महीने में दान करने से जीवन के कष्ट और संकट समाप्त होते हैं. श्रीहरि की कृपा से स्वर्ग की प्राप्ति होती है. जीवन में धन वृद्धि के योग बनते हैं.
गाय की पूजा करें
पुरुषोत्तम मास में गाय की सेवा करना बेहद लाभकारी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गाय में 33 कोटि देवता निवास करते हैं. पुरुषोत्तम मास के दिव्य संयोग में गाय की सेवा करने से सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है. गौशाल जाकर गाय को हरा चारा, गुड़ और रोटी जरूर खिलाएं. गाय की पूजा करें. गाय को प्रणाम करें. इसके साथ ही गौशाला में जहां गाय बंधती हैं वहां की मिट्टी से मस्तक पर तिलक करें. इस उपाय को करने से आपके जीवन के सारे कष्ट और परेशानियां खत्म हो जाएंगी.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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