US Strategy On Iran: Trump को नहीं करना है War तो फिर क्यों कर रहे Iran पर हमले?
सीज फायर के दरमियान अमेरिका ने लगातार दो दिन तक ईरान पर हमला किया. ईरान ने भी तगड़ा पलटवार करने में देर नहीं लगाई. ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य बेस को निशाने पर लिया जिसके बाद मध्य पूर्व में विनाशकारी जंग का खतरा और बढ़ गया है. हालांकि अमेरिका ने तीसरे दिन हमला रोक दिया. सवाल है दो दिन तक हमला करके अमेरिका ने आखिर हासिल क्या किया? क्योंकि 40 दिन जंग लड़ चुके अमेरिका को अगर युद्ध नहीं करना है तो फिर यह हमला क्यों? ऑपरेशन प्रॉमिस थ्री का एक साथ ओ माय गॉड दुश्मन अमेरिका पर मंडरा रहा है अकाल. 12 दिन के जंग से ताकतवर हुआ ईरान. अमेरिका के खिलाफ बनाया विनाशक प्लान. एयरपोर्ट ईरान के खिलाफ 12 दिन की जंग को एक साल पूरा हो चुका है. लेकिन इस एक साल में ईरान ने जो धमाका किया है उसने सुपर पावर अमेरिका के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.
अमेरिका को बैकफुट पर धकेल दिया
12 दिन की जंग के बाद ईरान ने ऑपरेशन प्रॉमिस थ्री लॉन्च किया था और पहली बार इजराइल और अमेरिका की ताकत का मुकाबला किया था. इसी जंग ने ईरान का जोश इतना बढ़ा दिया कि वो इस बार 40 दिन तक युद्ध में अमेरिका के आगे डटा रहा. क्योंकि ईरान ने उस जंग के बाद अपनी बारूदी तैयारियों को इतना मजबूत कर लिया कि वो लंबी जंग लड़ सकता है. दिन की लड़ाई के बाद ईरान ने अपनी मिसाइलों को विनाशक बनाया तो अपने तरकश में घातक ढूंढ की फौज जमा की. इन्हीं हथियारों के दम पर आईआरजीसी ने 40 दिन की लड़ाई में अमेरिका को बैकफुट पर धकेल दिया. ऑपरेशन प्रॉमिस थ्री की बरसी पर आईआरजीसी ने दम भरा.
दर्दनाक और पछतावा करने वाला जवाब दिया
युद्धों के अनुभव से सीखकर ईरान आज पहले से कहीं अधिक मजबूत, तैयार और शक्तिशाली, रक्षात्मक व आक्रामक स्थिति में है. किसी भी नए उकसावे पर दुश्मन को निर्णायक, तत्काल दर्दनाक और पछतावा करने वाला जवाब दिया जाएगा. ईरान के यह तेवर बता रहे हैं कि वो अमेरिका के आगे झुकने वाला नहीं है. इस खास पेशकश में बताएंगे कि कैसे एक साल में ईरान ने ऐसी जंगी तैयारियों को धार दिया कि अमेरिका के भी होश उड़ गए. कैसे तेहरान ने अपने अटैक और डिफेंस दोनों ताकत को मजबूत कर युद्ध में अमेरिका को बैकफुट पर धकेल दिया. तो साथ ही बात करेंगे खर्क द्वीप की जिसे ईरान ने अभ्यर्थ किले में तब्दील कर दिया. तो आप बने रहिए न्यूज़ नेशन के साथ.
खुशखबरी: होर्मुज जल्द खुल सकता है, ईरान-अमेरिका पीस डील पर लगी मुहर? रिपोर्ट में नया खुलासा
Iran US Peace Deal: भारत समेत पूरे विश्व के लिए खुशखबरी है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से भारत समेत कई देशों में कच्चे तेल का संकट छाया है। इससे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है। अब राहत मिलने की संभावन तेज हो गई है। अमेरिका और ईरान में फिर झड़प के बाद पीस डील पर मुहर लगने की रिपोर्ट सामने आई है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने संकेत दिया है कि उनके युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता होने के करीब है, एक वरिष्ठ अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष एक मसौदे पर सहमत हो गए हैं और वाशिंगटन को आने वाले दिनों में एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।
कब और कहां होगी डील?
रॉयटर्स को एक पश्चिमी सूत्र ने बताया कि समझौते पर रविवार को ही हस्ताक्षर हो सकते हैं, और जिनेवा को इसके लिए सबसे संभावित स्थान माना जा रहा है। अराकची ने कहा कि समझौते की घोषणा से पहले इस पर दूर से ही हस्ताक्षर किए जाएंगे।
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क्या प्रस्ताव में हो सकते हैं बदलाव?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि हालांकि समझौते में बदलाव अभी भी संभव हैं, लेकिन अस्थायी समझौते से पता चलता है कि उनका देश संघर्ष से और अधिक मजबूत होकर उभरा है। उन्होंने शुक्रवार को राजकीय टेलीविजन पर कहा, "अमेरिका के साथ युद्ध में ईरान विजेता है।" इन टिप्पणियों के कुछ घंटों बाद, अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे कई ईरानी एकतरफा हमलावर ड्रोनों को मार गिराया।
नई डील में क्या-क्या शामिल है?
रिपोर्ट में बताया गया कि नया मसौदा शर्तों से संकेत मिलता है कि ईरान द्वारा जलडमरूमध्य खोलने के बदले में अमेरिका अरबों डॉलर की जमे हुए ईरानी संपत्तियों को जारी करना शुरू कर देगा और उसके तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटा देगा। 60 दिनों की वार्ता के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा की जाएगी। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इस समझौते से अंततः ईरान के परमाणु कार्यक्रम का खात्मा होगा और उसके पास मौजूद उच्च संवर्धनित यूरेनियम के भंडार को नष्ट कर दिया जाएगा।
लेकिन अराकची ने कहा कि ईरान, जिसने सूत्रों के अनुसार अपने परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने को स्वीकार नहीं किया है, यूरेनियम को तनु रूप में अपने पास रखना चाहता है।
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