Delhi Electricity Bill Hike: गर्मी के बीच दिल्लीवासियों को झटका, महंगी होगी बिजली, बढ़ा फैक्ट्रियों-कंपनियों के हरियाणा-UP शिफ्ट होने का खतरा
Delhi Electricity Bill Hike: बढ़ती गर्मी के बीच अब दिल्लीवासियों को बिजली बिल का बड़ा झटका लगने वाला है. दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन DERC ने बिजली वितरण कंपनियों को पावर परचेजिंग एडजेस्टमेंट चार्ज PPAC में बढ़ोतरी का आदेश दिया है. ये नई दरें 10 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं, जिसका सीधा असर जुलाई महीने में आने वाले बिजली बिलों पर दिखाई देगा.
दिल्ली के इन इलाकों में बढ़ा बिजली बिल
DERC के आदेश के अनुसार, आयोग ने वेस्ट, सेंट्रल और दक्षिणी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली BRPL को बिजली बिलों पर 17.94 प्रतिशत अतिरिक्त PPAC लागू किया है. ट्रांस यमुना क्षेत्र में बिजली सप्लाई करने वाली BYPL को 17.43% और उत्तरी व बाहरी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली टाटा पावर TPDDL को 16% PPAC चार्ज में बढ़ोतरी का आदेश दिया है.
CTI ने जताई चिंता, CM को लिखा पत्र
राजधानी में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI ने चिंता जताई है. CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है.
क्या है व्यापारियों की मांग?
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली में कमर्शियल और इंडस्ट्रीज के लिए बिजली की दरें पहले से ही पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तुलना में बहुत ज्यादा हैं. अब बिजली की दरें और बढ़ने से दिल्ली की इंडस्ट्रीज पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शिफ्ट हो सकती हैं. क्योंकि वहां बिजली की दरें कम और न्यूनतम मजदूरी देनी पड़ती है. जो कि दिल्ली की तुलना में सस्ती होने से कम लागत वाली साबित होगी.
दिल्ली में कमर्शियल बिजली सबसे महंगी
CTI के अनुसार, बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली में रेजिडेंशियल में बिजली दरों में सब्सिडी मिलती हैं लेकिन कमर्शियल कंज्यूमर्स के लिए दिल्ली में बिजली दरें लगभग 8.50 रुपये प्रति यूनिट है. इसके मुकाबले हरियाणा में यह दर करीब 6.95 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि उत्तर प्रदेश में भी ये दरें दिल्ली से कम पड़ती है.
कमर्शियल रेट- दिल्ली vs हरियाणा vs UP
एक औसत कमर्शियल फर्म का मंथली बिजली बिल दिल्ली में लगभग 47,500 रुपये तक पहुंच जाता है. वहीं, समान खपत पर हरियाणा में यह बिल करीब 38,000 रुपये तक आता है और उत्तर प्रदेश में लगभग 44,000 रुपये रहता है. यानी हरियाणा के मुकाबले दिल्ली में व्यवसाय चलाने की बिजली लागत 20 से 25 प्रतिशत तक ज्यादा है.
इंडस्ट्रीज/HT रेट- बड़ी फैक्ट्री के लिए
इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स की स्थिति भी इससे कुछ अलग नहीं है. दिल्ली में हाई टेंशन (HT) बिजली की दरें लगभग 7.75 रुपये per यूनिट है जबकि हरियाणा में यह करीब 6.95 रुपये per यूनिट है. इसके अलावा, हरियाणा सरकार MSME इकाइयों को 2 रुपये प्रति यूनिट तक की सब्सिडी भी दे रही है.
इसका असर यह है कि दिल्ली की एक मध्यम या बड़ी फैक्ट्री का मंथली इलेक्ट्रिसिटी कॉस्ट लगभग 18 लाख रुपये तक पहुंच सकता है जबकि हरियाणा के मानेसर जैसे इंडस्ट्रियर एरियाज में यही खर्च सिर्फ 16.8 लाख रुपये पड़ता है. यानी दिल्ली की फैक्ट्रियों को हर महीने लगभग 1.2 लाख रुपये ज्यादा खर्च उठाना पड़ता है. वहीं, यूपी ने 6 साल से रेट नहीं बढ़ाया है, पर फ्यूल सरचार्ज अलग लगता है.
दिल्ली, हरियाणा और यूपी के दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों के बिजली बिल में अंतर
CTI के आंकड़ों के अनुसरा, करोल बाग जैसी कमर्शियल मार्केट की एक दुकान का बिजली बिल गुड़गांव की समान दुकान की तुलना में करीब 9500 रुपये प्रति महीने ज्यादा आता है. वहीं, नोएडा के मुकाबले भी दिल्ली के दुकानदारों को लगभग 3500 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं. व्यापारिक संगठनों का कहना है कि बिजली की लागत बढ़ने से गुड्स एंड सर्विसेज की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है. इससे न सिर्फ व्यापारियों का मुनाफा प्रभावित होगा बल्कि आम लोगों पर भी महंगाई का बोझ बढ़ेगा.
हरियाणा और UP बन रहे उद्योगों की नई पसंद
बिजली दरों, न्यूनतम मजदूरी और परिचालन लागत की तुलना की जाए तो हरियाणा इस वक्त सबसे किफायती विकल्प बन रहा है. इसके बाद उत्तर प्रदेश और फिर दिल्ली आखिरी और तीसरे स्थान पर आता है. यही कारण है कि हाल के सालों में कई वेयरहाउस, लॉजिस्टिक हब्स और फैक्ट्रियां दिल्ली से निकलकर KMP एक्सप्रेसवे, मानेसर, गुरुग्राम और नोएडा जैसे इलाकों में शिफ्ट हो गई हैं.
अगर दिल्ली सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल बिजली रेट्स को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो राजधानी में उद्योगों के पलायन की गति और तेजी से बढ़ सकती है.
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IND vs AFG: क्या भारत-अफगानिस्तान मैच में बारिश बनेगी विलेन? जानिए किस समय होगी धर्मशाला में सबसे ज्यादा बरसात
IND vs AFG: आज यानी 13 जून (शनिवार) को भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला वनडे मैच धर्मशाला में खेला जाने वाला है. धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में होने वाले इस मैच का फैंस काफी बेताबी से इंतजार कर रहे हैं. हिमाचल प्रदेश के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदरेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों से भी फैंस भारी मात्र में भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले इस पहले मैच का आनंद उठाने के लिए पहुंचे हैं. लेकिन इस मैच में क्या बारिश का खतरा है?
धर्मशाला में होने वाले इस मैच में क्या बारिश विलेन बनेगी. ये मुकाबला क्या बारिश के चलते धुल जाएगा. अगर ये मैच बारिश के चलते रद्द हो गया तो फैंस के उम्मीद पर पानी फिर जाएगा. तो आइए जानते हैं कि, मौसम विभाग के अनुसार इस मैच में बारिश होने की संभावना है या नहीं? तो आइए जानते हैं कि, मैच के किस समय पर सबसे ज्यादा बारिश होगी.
क्या बारिश बनेगी भारत-अफगानिस्तान मैच में विलेन
हिमाचल प्रदेश में कब बारिश दस्तक दे इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है. धर्मशाला का मौसम भी काफी समय से ज्यादा रंग बदलता है. हाल ही के कुछ दिनों में धर्मशाला में जमकर लगातार बारिश हो रही है.कल यानी कि 12 जून (शुक्रवार) की बात करें तो, धर्मशाला में जमकर बारिश हुई है. इसके बारे में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के चेयरमैन अरुण धूमल ने पोस्ट भी किया था.
The God has created a perfect setting for IND vs AFG ODI. Have u made ur plans ?
— Thakur Arun Singh (@ThakurArunS) June 11, 2026
Get ready for exciting action on Saturday at world’s most beautiful stadium. @BCCI pic.twitter.com/Z4UjE8OY2p
बीते दिन, धर्मशाला के आस-पास के इलाजों में लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है. इस दौरान धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में भी जमकर पानी पड़ा. मैदान पर पानी काफी अच्छी मात्रा में भरा हुआ देखा गया. अब इस बारिश का असर इस मुकाबले पर पड़ सकता है. पिच और आउटफील्ड पर भी इसका असर साफ तौर पर दिखाई देगा.
किस समय मैच के दौरान होगी सबसे ज्यादा बारिश
एक्यूवेदर के रिपोर्ट के अनुसार, भारत-अफगानिस्तान मैच में बारिश का भयंकर साया है. इस मैच में शाम के समय बारिश खलल डाल सकती है. आज यानी मैच के दिन धर्मशाला में 80 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है. ऐसे में भारत-अफगानिस्ता मैच देखने के लिए आए फैंस की उम्मीदों पर भी पानी फिर सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, धर्मशाला में दोपहर के 2 से 4 बजे के बीच बारिश संभावना सबसे ज्यादा है. इसके अलावा रात 8 बजे के करीब हल्की बूंदा-बांदी हो सकती है.
कुल मिलाकर भारत-अफगानिस्तान के बीच होने वाला ये मैच बारिश की भेंट भी चढ़ सकता है. ऐसे में फैंस को कम ओवर्स का मैच भी देखने के लिए मिल सकता है. बारिश के चलते ओवर्स में कटोती हो सकती है. वहीं अगर बारिश के चलते मैदान खेलने लायक नहीं रहा तो अंपायर और मैच रेफरी इस मुकाबले को रद्द भी कर सकते हैं.
Cricket fever is back ????
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) June 12, 2026
⚡️ #TeamIndia and Afghanistan will look for a winning start in the series!
???? Game LIVE on DD Sports ???? (DD Free Dish)#INDvAFG #MenInBlue pic.twitter.com/jkRfvcNqg3
इस मुकाबले से रोहित शर्मा एक बार फिर से टीम इंडिया के लिए मैदान पर खेलते हुए दिख सकते हैं. ऐसे में उनके फैंस उन्हें देखने के लिए काफी ज्यादा बेताब होंगे. रोहित शर्मा के अलावा इस मैच में कप्तान शुभमन गिल के अलावा श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर भी निगाहें होंगी. वहीं अर्शदीप सिंह की बॉलिंग देखना भी फैंस को काफी पसंद आने वाले हैं.
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