IND vs AFG: क्या भारत-अफगानिस्तान मैच में बारिश बनेगी विलेन? जानिए किस समय होगी धर्मशाला में सबसे ज्यादा बरसात
IND vs AFG: आज यानी 13 जून (शनिवार) को भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला वनडे मैच धर्मशाला में खेला जाने वाला है. धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में होने वाले इस मैच का फैंस काफी बेताबी से इंतजार कर रहे हैं. हिमाचल प्रदेश के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदरेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों से भी फैंस भारी मात्र में भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले इस पहले मैच का आनंद उठाने के लिए पहुंचे हैं. लेकिन इस मैच में क्या बारिश का खतरा है?
धर्मशाला में होने वाले इस मैच में क्या बारिश विलेन बनेगी. ये मुकाबला क्या बारिश के चलते धुल जाएगा. अगर ये मैच बारिश के चलते रद्द हो गया तो फैंस के उम्मीद पर पानी फिर जाएगा. तो आइए जानते हैं कि, मौसम विभाग के अनुसार इस मैच में बारिश होने की संभावना है या नहीं? तो आइए जानते हैं कि, मैच के किस समय पर सबसे ज्यादा बारिश होगी.
क्या बारिश बनेगी भारत-अफगानिस्तान मैच में विलेन
हिमाचल प्रदेश में कब बारिश दस्तक दे इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है. धर्मशाला का मौसम भी काफी समय से ज्यादा रंग बदलता है. हाल ही के कुछ दिनों में धर्मशाला में जमकर लगातार बारिश हो रही है.कल यानी कि 12 जून (शुक्रवार) की बात करें तो, धर्मशाला में जमकर बारिश हुई है. इसके बारे में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के चेयरमैन अरुण धूमल ने पोस्ट भी किया था.
The God has created a perfect setting for IND vs AFG ODI. Have u made ur plans ?
— Thakur Arun Singh (@ThakurArunS) June 11, 2026
Get ready for exciting action on Saturday at world’s most beautiful stadium. @BCCI pic.twitter.com/Z4UjE8OY2p
बीते दिन, धर्मशाला के आस-पास के इलाजों में लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है. इस दौरान धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में भी जमकर पानी पड़ा. मैदान पर पानी काफी अच्छी मात्रा में भरा हुआ देखा गया. अब इस बारिश का असर इस मुकाबले पर पड़ सकता है. पिच और आउटफील्ड पर भी इसका असर साफ तौर पर दिखाई देगा.
किस समय मैच के दौरान होगी सबसे ज्यादा बारिश
एक्यूवेदर के रिपोर्ट के अनुसार, भारत-अफगानिस्तान मैच में बारिश का भयंकर साया है. इस मैच में शाम के समय बारिश खलल डाल सकती है. आज यानी मैच के दिन धर्मशाला में 80 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है. ऐसे में भारत-अफगानिस्ता मैच देखने के लिए आए फैंस की उम्मीदों पर भी पानी फिर सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, धर्मशाला में दोपहर के 2 से 4 बजे के बीच बारिश संभावना सबसे ज्यादा है. इसके अलावा रात 8 बजे के करीब हल्की बूंदा-बांदी हो सकती है.
कुल मिलाकर भारत-अफगानिस्तान के बीच होने वाला ये मैच बारिश की भेंट भी चढ़ सकता है. ऐसे में फैंस को कम ओवर्स का मैच भी देखने के लिए मिल सकता है. बारिश के चलते ओवर्स में कटोती हो सकती है. वहीं अगर बारिश के चलते मैदान खेलने लायक नहीं रहा तो अंपायर और मैच रेफरी इस मुकाबले को रद्द भी कर सकते हैं.
Cricket fever is back ????
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) June 12, 2026
⚡️ #TeamIndia and Afghanistan will look for a winning start in the series!
???? Game LIVE on DD Sports ???? (DD Free Dish)#INDvAFG #MenInBlue pic.twitter.com/jkRfvcNqg3
इस मुकाबले से रोहित शर्मा एक बार फिर से टीम इंडिया के लिए मैदान पर खेलते हुए दिख सकते हैं. ऐसे में उनके फैंस उन्हें देखने के लिए काफी ज्यादा बेताब होंगे. रोहित शर्मा के अलावा इस मैच में कप्तान शुभमन गिल के अलावा श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर भी निगाहें होंगी. वहीं अर्शदीप सिंह की बॉलिंग देखना भी फैंस को काफी पसंद आने वाले हैं.
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Uncovered with Manoj Gairola: क्या होता है 'एजिंग बिफोर रिच'? कैसे कम बच्चे पैदा करना बन सकता है सबसे बड़ा खतरा?
Uncovered with Manoj Gairola: आज आप किसी मंदिर में जाते हैं, क्रिकेट स्टेडियम में , रेलवे स्टेशन में या किसी पब्लिक प्लेस में में. चारों तरफ सिर्फ जवान चेहरे दिखते हैं. युवा हंस रहे हैं, सपने देख रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं. लेकिन आने वाले समय में यही मंदिर सुनसान नजर आएंगे. स्टेडियम की सीटें खाली रहेंगी और सड़कें बूढ़े लोगों से भर जाएंगी. क्योंकि दुनिया का सबसे जवान देश भारत — तेज़ी से बूढ़ों का देश बनने वाला है. प्राइमरी स्कूलों की जगह वृद्धाश्रम दिखेंगे. और शादियों से ज्यादा अंतिम संस्कार होंगे. बच्चों से ज्यादा बुजुर्गों के डाइपर्स बिकेंगे.
‘हम दो, हमारे दो’ वाला नारा अब उल्टा पड़ रहा है. क्योंकि जरा सोचिए, एक आदमी ने पूरी जिंदगी मेहनत करके परिवार पाला लेकिन जब वो 60 साल का हुआ तो न उसके पास बैंक बैलेंस है, न बच्चों का सहारा और न ही सरकार की ऐसी व्यवस्था कि उसका बुढ़ापा आराम से गुजर सके. आने वाले दशकों में हमारे देश की ये सबसे बड़ी समस्या बन जाएगी. यानी हमारा देश बुढ़ा तो हो जाएगा, लेकिन गरीब ही रहेगा और सपोर्ट करने के लिए बच्चे भी नहीं होंगे. इसे कहते हैं 'एजिंग बिफोर रिच'. अब हम आपको एक नंबर बताते हैं. ये नंबर है 2.1. आने वाले खतरे में इस नंबर का रोल काफी बड़ा है.
कैसे कम बच्चे पैदा होना भारत की सबसे बड़ी समस्या?
इसमें हम आपको बताएंगे कि कैसे कम बच्चे पैदा होना भारत की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. और अगले 20 से 25 साल हमारे लिए बेहद अहम हैं. और ये किसी भी देश के लिए ये एक बहुत छोटी विंडो है. आजादी के बाद से हमें एक ही बात बताई गई की हमारी सारी समस्याओं की जड़ बढ़ती हुई आबादी है. इसे रोकने के लिए कई उपाय किए गए. अब इस आबादी का बढ़ना ऐसा रुक गया है कि. देश के सामने बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
देश की पोपुलेशन को स्टेबल रखने के लिए ये जरूरी है कि साल में जितने लोगों की मृत्यु हो उतने ही बच्चे पैदा हों और इसके लिए 100 महिलाओं के जीवन काल में औसतन 210 बच्चे पैदा होने चाहिए. यानी प्रति महिला 2.1 बच्चे. इसी को TFR यानी प्रजनन दर कहते हैं. इसका मतलब प्रति महिला 2.1 से कम बच्चे पैदा हुए तो भारत बूढ़ा होने लगेगा. और अब हम उस स्टेज पर पहुंच चुके हैं जहां ये दर 1.9 हो चुकी है. यानी जितने लोग मर रहे हैं उतने पैदा नहीं हो रहे हैं.
भारत की युवा जनसंख्या हमारी सबसे बड़ी ताकत है. भारत में 90 करोड़ ऐसे लोग हैं जिनकी उम्र 35 साल से कम है. ये भारत की कुल आबादी का 65% हैं. जबकि भारत की आधी आबादी 25 साल से कम लोगों की है. भारत में दुनिया की सबसे ज्यादा युवा हैं. अगर यूरोप,अमेरिका और जापान की आबादी मिला दें तो उससे भी ज्यादा. लेकिन ये सब अगले 30 से 40 सालों में बदलने वाला है. और भारत बूढ़ों का देश बनने वाला है.
2047 के आसपास Peak पर होगी भारत की आबादी
लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अचानक ही भारत की आबादी कम होने लगेगी. UN की रिपोर्ट के मुताबिक 2047 के आसपास भारत की आबादी अपने Peak पर होगी, यानी 160 करोड़. लेकिन इसके बाद ये घटने लगेगी. 2050 तक भारत में 34 करोड़ लोग 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग होंगे. यानी देश का हर 5वां नागरिक बुजुर्ग होगा. जो युवा आज 35-36 साल के हैं वो 2050 के आने तक 60 का सीनियर सिटीजन बन जाएंगे. और उनकी जगह लेने के लिए नए युवा नहीं आ पाएंगे क्यों बच्चे कम पैदा हो रहे हैं.
ये वो स्थिति है जो दुनिया के कई विकसित देशों में आ चुकी है. लगभग पूरा यूरोप बुजुर्ग हो चुका है. जापान को तो अब बूढ़ों का देश ही कहा जाता है. ये वो देश हैं जिनकी प्रजनन दर कम है और औसत मध्यम आयु भी ज्यादा है. इससे सीधे-सीधे प्रजनन दर कम होने और बुढ़ापा बढ़ने के बीच का संबंध दिखता है. और भारत के साथ इनकी तुलना देखिए.
यहां एक बात आपको फिर बता दें. किसी भी देश की आबादी जितनी है , उतनी ही रहे इसके लिए प्रजनन दर 2.1 होनी चाहिए. भारत आज जहां खड़ा है, वहां जापान 52 साल पहले था. यानी 1974 में. लेकिन उस समय जापान संसार के सबसे अमीर देशों में से एक था. वहीं भारत आज भी एक गरीब देश है. जापान की प्रति व्यक्ति आय आज भी भारत से 10 गुना ज्यादा है. और यही स्थिति साउथ कोरिया और यूरोप के देशों के साथ भी है. जब इन देशों में जनसंख्या में गिरावट शुरू हुई, तो इन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाई जिसमें बुजुर्गों का ध्यान रखा जा सके. लेकिन भारत आज भी गरीब है.
सरकार के सामने ये बड़ी चुनौती
दरअसल किसी भी देश में 15 से 60 साल के बीच के लोग काम करते हैं और बुजुर्ग और बच्चों की देखभाल उनकी कमाई से होती है. अगले 30 साल तक हमारे देश में कामकाजी लोगों की संख्या बुजुर्ग और बच्चों से ज्यादा रहेगी. और वो विडों है जिसमें हमें इस वर्ग को इतना काबिल बनाना होगा है कि, हम एक विकसित देश बन जाएं. ताकि बाकी देशों की तरह अपने बुजुर्गों का ध्यान रख सकें. ये सरकार के सामने बड़ी चुनौती है. खासतौर से भारत जैसे देश के लिए जहां की इकोनोमी सर्विस सेक्टर पर आधारित है.
साथ ही साथ सरकार को इस बात पर भी ध्यान देना होगा की प्रजनन दर इतनी कम न हो जाए की, देश संकट में आ जाए और Demographic Dividend की जगह हमें Demographic Disaster का सामना करना पड़ जाएगा. हमारा ये विश्लेषण आपको कैसा लगा , कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं. भारत में प्रजनन दर क्यों गिर रही है, किस राज्य की आबादी ज्य़ादा घट रही है. और कौन से धर्म के लोग ज्यादा बच्चे पैदा कर रहे हैं. इन बातों पर हम अपने अगले एपिसोड में बात करेंगे .
नमस्कार.
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