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Jharkhand Government: मनरेगा के भुगतान के लिए झारखंड सरकार ने जारी किए 172.65 करोड़ रुपये

Jharkhand Government: झारखंड सरकार ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत लंबित भुगतानों को पूरा करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सभी जिलों को सामग्री मद के भुगतान के लिए कुल 172.65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह राशि एसएनए-स्पर्श मॉडल के माध्यम से जारी की गई है. सरकार के इस फैसले से लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे लाभुकों और कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है.

लंबित भुगतान जल्द होंगे पूरे

मनरेगा आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इस राशि का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. सबसे पहले तकनीकी सहायकों, सहायक अभियंताओं, कनीय अभियंताओं और बीएफटी (बेयरफुट टेक्नीशियन) के जून 2026 तक के लंबित वेतन का भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा मेट के बकाया मानदेय, दीदी बगिया योजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं के भुगतान और विशेष हरित ग्राम योजना की लंबित देनदारियों का भी निपटारा किया जाएगा. जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उनका भुगतान कर उन्हें मनरेगासॉफ्ट में बंद करने का निर्देश भी दिया गया है.

केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती हैं राशि

आयुक्त कार्यालय ने बताया कि सामग्री मद में मिलने वाली राशि में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 75:25 के अनुपात में होती है. जिलों को निर्देश दिया गया है कि आवंटित राशि का उपयोग तय प्राथमिकताओं के अनुसार करें ताकि सभी लंबित भुगतान समय पर पूरे किए जा सकें.

1 जुलाई से लागू हो सकता है नया कानून

पत्र में यह भी बताया गया है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार 1 जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह वीबीरामजी एक्ट लागू किए जाने का प्रस्ताव है. ऐसे में एसएनए-स्पर्श मॉडल के तहत उपलब्ध राशि के उपयोग में बाद में प्रशासनिक दिक्कतें आ सकती हैं. इसी कारण सरकार ने जिलों को निर्देश दिया है कि उपलब्ध राशि का जल्द से जल्द और तय समय सीमा के भीतर उपयोग किया जाए. इससे न केवल लंबित भुगतान पूरे होंगे, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी.

संताल परगना के जिलों को कितना मिला?

संताल परगना के छह जिलों को भी इस आवंटन से बड़ी राशि मिली है. इनमें सबसे ज्यादा 15 करोड़ रुपये गोड्डा जिले को दिए गए हैं.

  • गोड्डा - 15.00 करोड़ रुपये

  • जामताड़ा - 10.50 करोड़ रुपये

  • पाकुड़ - 9.30 करोड़ रुपये

  • दुमका - 8.80 करोड़ रुपये

  • देवघर - 8.40 करोड़ रुपये

  • साहिबगंज - 7.70 करोड़ रुपये

सरकार को उम्मीद है कि इस राशि से लंबित भुगतानों का समाधान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी.

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South Korea: पूर्व राष्ट्रपति Yoon Suk Yeol को 30 साल जेल, Martial Law के लिए रची थी Drone की साजिश

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सियोल की एक अदालत ने शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक येओल को 30 साल की जेल की सज़ा सुनाई। उन्हें उत्तर कोरिया में ड्रोन घुसपैठ का आदेश देने का दोषी पाया गया; आरोप है कि यह कदम दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव बढ़ाने और दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लागू करने को सही ठहराने की कोशिश के तहत उठाया गया था। योनहाप समाचार एजेंसी के मुताबिक, सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फ़ैसले में यूं को दुश्मन को फ़ायदा पहुँचाने और सत्ता के दुरुपयोग का दोषी ठहराया गया। यह सज़ा स्पेशल काउंसेल चो यून-सुक द्वारा माँगी गई सज़ा के अनुरूप ही थी। अदालत ने माना कि यूं ने अक्टूबर 2024 में उत्तर कोरिया को उकसाने और उससे पैदा हुए तनाव का इस्तेमाल करके 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लगाने के मकसद से ड्रोन ऑपरेशन का निर्देश दिया था। फैसला आने के कुछ ही घंटों के भीतर यूं की कानूनी टीम ने इसके खिलाफ अपील दायर कर दी।

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योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने दक्षिण कोरिया के पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून को भी इस ऑपरेशन में शामिल होने के लिए 30 साल की जेल की सजा सुनाई, जो विशेष वकील द्वारा मांगी गई 25 साल की सजा से अधिक थी।
दक्षिण कोरिया के पूर्व डिफेंस काउंटरइंटेलिजेंस कमांड प्रमुख येओ इन-ह्युंग को 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई, जबकि ड्रोन ऑपरेशन्स कमांड के पूर्व प्रमुख किम योंग-डे को तीन साल की जेल की सजा मिली, जिसे पांच साल के लिए निलंबित (सस्पेंडेड) कर दिया गया। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, अपने फैसले को समझाते हुए अदालत ने कहा, "मार्शल लॉ के लिए हालात बनाने के मकसद से, आरोपियों ने उत्तर कोरिया को उकसाने और भड़काने के लिए मनोवैज्ञानिक युद्ध की सैन्य रणनीति का इस्तेमाल करने का फैसला किया, ताकि इसके जरिए सशस्त्र उकसावे (जैसे स्थानीय संघर्ष) को बढ़ावा दिया जा सके या सैन्य तनाव बढ़ने से राष्ट्रीय सुरक्षा संकट की स्थिति पैदा की जा सके।

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अदालत ने आगे कहा कि ये हरकतें जनता के उस भरोसे के साथ "धोखा" थीं कि राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री केवल कानूनी उद्देश्यों के लिए ही सैन्य बल का इस्तेमाल करेंगे; साथ ही यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि यह ऑपरेशन निजी कारणों से प्रेरित था।
यूं की बचाव पक्ष की टीम ने तर्क दिया था कि ड्रोन की तैनाती 2024 में उत्तर कोरिया द्वारा दक्षिण कोरिया में कचरा ले जाने वाले गुब्बारे भेजने के जवाब में एक वैध सैन्य कार्रवाई थी।
हालांकि, योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने फैसला सुनाया कि इस ऑपरेशन ने प्योंगयांग के सामने अपनी सैन्य क्षमताओं को उजागर करके और अनजाने में उत्तर कोरिया की सैन्य तैयारियों को बेहतर बनाकर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को खतरे में डाला। अक्टूबर 2024 में, उत्तर कोरिया ने सियोल पर ड्रोन घुसपैठ करने और प्योंगयांग पर प्रोपेगैंडा पर्चे गिराने का आरोप लगाया था।

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  Sports

Cricket World Cup 2027 का Schedule तय! Virat Kohli-Rohit Sharma का आखिरी 'World Cup Mission'

अगले वनडे विश्व कप का इंतजार कर रहे क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी जानकारी सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने वर्ष 2027 में होने वाले विश्व कप के लिए संभावित कार्यक्रम की रूपरेखा लगभग तय कर ली है। मौजूद जानकारी के अनुसार यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 4 अक्टूबर 2027 से शुरू होकर 21 नवंबर 2027 तक खेली जा सकती है। इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया मिलकर करेंगे।

गौरतलब है कि इन तारीखों पर सहमति आईसीसी की बोर्ड बैठक में बनी, जो अहमदाबाद में आयोजित की गई थी। यह बैठक वर्ष 2026 के आईपीएल फाइनल के दौरान हुई थी। अब आखिरी मंजूरी जुलाई में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में होने वाली परिषद की वार्षिक आम बैठक में मिलने की संभावना है।

बता दें कि इस विश्व कप का अधिकांश हिस्सा दक्षिण अफ्रीका में खेला जाएगा। कुल 54 मुकाबलों में से 41 मैच दक्षिण अफ्रीका के विभिन्न मैदानों पर आयोजित किए जाने की योजना है। वहीं जिम्बाब्वे में हरारे स्पोर्ट्स क्लब और बुलावायो के क्वींस मैदान के अलावा विक्टोरिया फॉल्स को भी मेजबानी का अवसर मिलेगा। नामीबिया में फाले मोसी-ओआ-टुन्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को प्रमुख आयोजन स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह मैदान इस वर्ष के अंत तक तैयार हो जाएगा और अगले वर्ष इसके आधिकारिक उद्घाटन से पहले यहां घरेलू मुकाबले भी खेले जाएंगे।

मौजूद जानकारी के अनुसार वर्ष 2027 का विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में 24 वर्षों बाद लौट रहा है। इससे पहले वर्ष 2003 में भी इस देश ने विश्व कप की मेजबानी की थी। इस बार एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि प्रतियोगिता फिर से 14 टीमों के प्रारूप में खेली जाएगी। पिछले दो विश्व कप, जो इंग्लैंड और भारत में आयोजित हुए थे, उनमें केवल 10 टीमों ने हिस्सा लिया था।

नए प्रारूप के तहत 14 टीमों को सात-सात टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक समूह से शीर्ष तीन टीमें अगले चरण में पहुंचेंगी। इसके बाद सुपर सिक्स चरण खेला जाएगा, जहां से सेमीफाइनल और फाइनल का रास्ता तय होगा। मेजबान होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे ने सीधे प्रवेश हासिल कर लिया है, जबकि नामीबिया को अभी योग्यता प्रक्रिया से गुजरना होगा।

गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह विश्व कप विशेष महत्व रख सकता है। माना जा रहा है कि यह विराट कोहली और रोहित शर्मा का अंतिम एकदिवसीय विश्व कप हो सकता है। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने संकेत दिए हैं कि वे एक बार फिर विश्व कप जीतने का सपना पूरा करना चाहते हैं।

बता दें कि वर्ष 2023 के विश्व कप फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली उस हार के बाद भारतीय टीम का खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया था। ऐसे में वर्ष 2027 का टूर्नामेंट विराट और रोहित के लिए आखिरी बड़ा मौका माना जा रहा है।

हाल ही में विराट कोहली ने भी अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा था कि यदि वह टीम के माहौल में योगदान दे सकते हैं और टीम प्रबंधन को लगता है कि उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, तो वह खेलना जारी रखना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि वह अभी भी पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ तैयारी कर रहे हैं क्योंकि भारत के लिए विश्व कप खेलना उनके लिए बेहद खास अनुभव है।

ऐसे में क्रिकेट जगत की नजरें अब वर्ष 2027 के विश्व कप पर टिक गई हैं। जहां एक ओर नए प्रारूप और नए मेजबानों को लेकर उत्साह है, वहीं दूसरी ओर भारतीय प्रशंसक विराट कोहली और रोहित शर्मा को एक बार फिर विश्व कप ट्रॉफी के लिए संघर्ष करते देखने की उम्मीद कर रहे हैं।
Fri, 12 Jun 2026 22:52:00 +0530

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