Uttarakhand News: 12 साल का सुशासन और सेवा काल, सीएम धामी ने गिनाईं पीएम मोदी के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियां
Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलवीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है. यह पूरा समय देश में जनकल्याण, सुशासन, सेवा और गरीब उत्थान को समर्पित रहा है.
सीएम ने समस्त देवभूमि वासियों की ओर से प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने निर्वाचित शीर्ष नेता के रूप में 12 साल का एक नया रिकॉर्ड बनाया है और जल्द ही वह सार्वजनिक जीवन में देश की सेवा करते हुए 25 वर्ष भी पूरे करने जा रहे हैं.
अब होता है धरातल पर काम
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के समय में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहती थीं. पहले की सरकारें सिर्फ शिलान्यास करती थीं और जनता सालों तक उसके उद्घाटन का इंतजार करती रहती थी. इसके विपरीत मोदी सरकार में जिस योजना का शिलान्यास होता है, उसका तय समय के भीतर लोकार्पण भी किया जाता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक देश से गरीबी हटाने के झूठे नारे दिए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने धरातल पर काम करके 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का बड़ा काम किया है.
वर्तमान सरकार ने खत्म किया भ्रष्टाचार
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की व्यवस्था में भ्रष्टाचार गहराई तक शामिल था, लेकिन वर्तमान सरकार ने तकनीक का सहारा लेकर इसे खत्म कर दिया है. डीबीटी यानी सीधे बैंक खाते में पैसे भेजने की व्यवस्था के माध्यम से 4.31 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों तक पहुंचाए गए हैं. आज स्थिति यह है कि अगर दिल्ली या देहरादून से एक रुपया चलता है, तो वह पूरा का पूरा गरीब के खाते में पहुंचता है. इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस वर्षों तक इस मामले को टालती रही, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हुआ, जिससे देश का गौरव बढ़ा है.
कांग्रेस तुष्टिकरण और पीएम मोदी की संतुष्टीकरण की नीति
मुख्यमंत्री ने सरकार की नीतियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीति सबका साथ और सबका विकास की है, जबकि कांग्रेस हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति करती रही. सरकार की प्राथमिकताओं में देश का किसान सबसे ऊपर है. यही कारण है कि तीसरी बार शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री ने सबसे पहले किसान सम्मान निधि की फाइल पर हस्ताक्षर किए. देश के 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 4 करोड़ गरीबों को पक्के मकान और 11 करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला योजना का लाभ देकर सरकार ने उनके जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का काम किया है.
सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक का जिक्र
उत्तराखंड को वीरभूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा में खड़ा हर 5वां सैनिक इसी पावन धरती से आता है. आज का नया भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करता और दुश्मनों को घर में घुसकर जवाब देता है. सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक ने पूरी दुनिया को भारत की नई ताकत और कार्यशैली से परिचित कराया है. सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है. इसके साथ ही देश के भीतर से नक्सलवाद लगातार सिमट रहा है और विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है.
उत्तराखंड से प्रधानमंत्री का आध्यात्मिक लगाव
देश में बुनियादी ढांचे के विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2014 में जहां हर दिन केवल 11 किलोमीटर सड़क बनती थी, वहीं आज प्रतिदिन 34 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हो रहा है. वंदे भारत ट्रेनें, अटल टनल और आधुनिक रेलवे स्टेशन नए भारत की पहचान बन चुके हैं. भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से एक विशेष और गहरा लगाव है. उनके मार्गदर्शन में राज्य में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य चल रहे हैं.
2 लाख से अधिक महिलाएं बन चुकी हैं लखपति दीदी
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में चल रहे पुनर्विकास कार्यों ने देवभूमि को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है. चारधाम यात्रा में अब तक 35 लाख से अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं. आदि कैलाश यात्रा में पहले जहां सालभर में सिर्फ 500 लोग आते थे, वहीं इस साल अब तक 40 हजार से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं. ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से राज्य में कनेक्टिविटी बहुत मजबूत हुई है. राज्य की 2.54 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है.
ऐतिहासिक फैसलों से मजबूत हुआ देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, तीन तलाक को समाप्त करना और पड़ोसी देशों के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना जैसे ऐतिहासिक फैसले इसी कार्यकाल में संभव हो पाए हैं. डिजिटल भुगतान के मामले में आज भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है. स्वदेशी कोरोना वैक्सीन बनाकर दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया गया. मुख्यमंत्री ने पूरा भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा और विकसित भारत का सपना सच होगा.
Bihar Govt: विकास के नए मानक गढ़ रहा बिहार, 20 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय 13 गुना बढ़ी
Bihar Govt: बिहार ने पिछले दो दशकों में आर्थिक विकास और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जिसने देश के सामने एक सकारात्मक विकास मॉडल पेश किया है. मानव विकास, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के मामले में राज्य ने विभिन्न अहम उपलब्धियां हासिल की है.
एचडीआई सूचकांक में 27 प्रतिशत की वृद्धि
एचडीआई यानी मानव विकास के आंकड़ों की मानें साल 2006 से लेकर 2023 के बीच बिहार का एचडीआई 0.485 से बढ़कर 0.614 हो गया है. करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं, राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 23 प्रतिशत से अधिक है. एचआईआई दर 23 प्रतिशत से अधिक है. ये संकेत है कि राज्य में जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हुआ है.
बिहार ने गरीबी उन्मूलन क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया
गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में बिहार ने देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है. नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक के अनुसार, साल 2015 से 2016 से लेकर 2019-2021 के बीच राज्य में बहुआयामी गरीबी 51.89 प्रतिशत से घटकर 33.76 प्रतिशत रह गई है. इस दौरान, 18.13 प्रतिशत अंकों की कमी दर्ज की गई है. ये आंकड़ा देश के बाकी राज्यों में सबसे ज्यादा है. इसी अवधि में राष्ट्रीय स्तर में गरीबी 9.89 प्रतिशत अंकों की कमी आई थी.
एक्सपर्ट्स की मानें तो शिक्षा, पोषण, आवास और स्वच्छता जैसी बुनियादी सेवाओं में लगातार निवेस और लक्षित सरकारी योजनाओं की वजह से ये बदलाव संभव हो सकता है. बिहार आर्थिक मोर्चे पर भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है. साल 2004 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 5,780 रुपये थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 76,490 रुपये तक पहुंच गई है. ये लगभग 13 गुना वृद्धि दिखाता है. राज्य ने करीब 13 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर हासिल की, जिसे राष्ट्रीय औसत से बेहतर माना जा रहा है. विकास कार्यों पर बढ़ते निवेश का असर सामाजिक क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है. बिहार का प्रति व्यक्ति विकास व्यय खर्च 2005-06 के 1,463 रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 13,279 रुपये हो गया है. इस दौरान, स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च में 14.8 गुना और शिक्षा पर व्यय में 13.2 गुना वृद्धि हुई है.
स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ सुधार
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का सबसे बड़ा उदाहरण संस्थागत प्रसव है. साल 2005-2006 में सिर्फ 19.9 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होते थे. वहीं, 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 81.1 प्रतिशत हो गया. इसके अलावा, जन्म के वक्त औसत जीवन प्रत्याशा 64.2 साल से बढ़कर 69.5 वर्ष हो गई है.
सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में प्रगति
इन उपलब्धियों से साफ है कि बिहार ने विकास के सामाजिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति की है. गरीबी में कमी आई है, स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुईं हैं, शिक्षा का विस्तार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है. ‘विकसित बिहार’ के लक्ष्य को मजबूती मिल रही है.
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