SpaceX का ऐतिहासिक IPO! क्या एलन मस्क बनने जा रहे हैं दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर?
SpaceX IPO: पहले सऊदी अरामको की रिकॉर्ड-तोड़ परफॉर्मेंस, फिर सेरेब्रस की शानदार शुरुआत और अब एलन मस्क की SpaceX की ऐतिहासिक एंट्री ने वॉल स्ट्रीट में हलचल मचा दी है. दुनिया की सबसे चर्चित स्पेस कंपनी, SpaceX, स्टॉक मार्केट में उतरने की तैयारी कर रही है. और यह कोई आम लिस्टिंग नहीं है. यह इतिहास का सबसे बड़ा IPO बनने की राह पर है. इस ऑफरिंग के जरिए कंपनी लगभग $75 बिलियन (करीब ₹6.25 लाख करोड़) जुटाने का लक्ष्य रख रही है. लिस्टिंग के बाद, SpaceX की वैल्यूएशन लगभग $1.8 ट्रिलियन होने का अनुमान है. आइए, इस बड़े IPO से जुड़ी 10 अहम बातों पर नजर डालते हैं.
1. अब तक का सबसे बड़ा IPO
SpaceX ने $135 प्रति शेयर की कीमत पर 555,555,555 शेयर बेचे हैं. इसके जरिए कंपनी लगभग $75 बिलियन जुटाएगी. यह 2019 में सऊदी अरामको के $29.4 बिलियन के IPO से ज्यादा होगा. दूसरे शब्दों में, SpaceX अब दुनिया के सबसे बड़े IPO का खिताब हासिल करने के लिए तैयार है.
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2. दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बनेंगे Elon Musk?
SpaceX में एलन मस्क की हिस्सेदारी की मौजूदा कीमत लगभग $866 बिलियन है. अगर टेस्ला और दूसरी संपत्तियों को भी इसमें शामिल किया जाए, तो लिस्टिंग के बाद उनकी कुल नेट वर्थ $1.1 ट्रिलियन से ज्यादा हो सकती है. यानी मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन सकते हैं.
3. 2 ट्रिलियन डॉलर का सफर भी होगा तय?
IPO के बाद, मस्क के पास SpaceX में लगभग 42% हिस्सेदारी बनी रहेगी. हालांकि, वो एक साल तक अपने शेयर नहीं बेच सकते. अगर टेस्ला के शेयरहोल्डर्स द्वारा मंजूर किए गए मुआवजे के पैकेज को ध्यान में रखा जाए, तो आने वाले सालों में मस्क की नेट वर्थ $2 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है. ABC News की एक रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र किया गया है.
4. BlackRock समेत दिग्गज निवेशकों की लाइन
SpaceX के शेयरों की जबरदस्त मांग थी. अकेले BlackRock ने कम से कम $5 बिलियन के शेयर खरीदने की इच्छा जताई थी. दूसरे बड़े फंड मैनेजरों के ऑर्डर भी आम IPO में मिलने वाले ऑर्डर से कहीं ज्यादा थे. तुलना करें, तो इस साल SpaceX से पहले आए सबसे बड़े IPO, Cerebras ने कुल $5.55 बिलियन जुटाए थे.
5. सिर्फ रॉकेट कंपनी नहीं है SpaceX
2002 में बनी SpaceX अब केवल रॉकेट लॉन्च करने तक ही सीमित नहीं है. कंपनी स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क चलाती है, जिसके ऑर्बिट में 9,600 सैटेलाइट हैं. इस साल, SpaceX ने एलन मस्क की AI कंपनी, xAI के साथ भी मर्जर किया है. कंपनी "ऑर्बिटल डेटा सेंटर" बनाने की योजना बना रही है जो अंतरिक्ष से कंप्यूटिंग पावर देगी.
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6. रेवेन्यू बढ़ा, मगर घाटा भी हुआ
SpaceX ने पिछले साल $18.7 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो उससे पिछले साल के मुकाबले 33% ज्यादा है. इसमें Starlink का बड़ा हिस्सा था, जिसके लगभग 10.3 मिलियन यूजर्स हैं. हालांकि, इस दौरान कंपनी को $4.94 बिलियन का नेट लॉस भी हुआ, जबकि 2024 में उसे $791 मिलियन का प्रॉफिट हुआ था.
7. रिटायरमेंट फंड में भी आ सकता है SpaceX
स्टॉक एक्सचेंज के नियमों में बदलाव के बाद, SpaceX को जल्द ही Nasdaq और S&P 500 जैसे बड़े इंडेक्स में शामिल किया जा सकता है. इसका मतलब है कि SpaceX उन लोगों के पोर्टफोलियो का अपने आप हिस्सा बन सकता है जो इंडेक्स फंड के जरिए रिटायरमेंट अकाउंट जैसे 401(k) में निवेश करते हैं.
8. हफ्ते में दो से ज्यादा रॉकेट लॉन्च करती है कंपनी
SpaceX ने 2006 में अपना पहला रॉकेट लॉन्च किया था. आज, कंपनी हर हफ्ते दो से ज्यादा रॉकेट लॉन्च करती है. SpaceX, NASA और पेंटागन (USA के रक्षा विभाग का मुख्यालय है), दोनों के लिए एक भरोसेमंद लॉन्च पार्टनर बन गई है.
9. Falcon रॉकेट है असली इंजन
रीयूजेबल Falcon 9 रॉकेट SpaceX के बिनेस की रीढ़ है. Falcon Heavy तीन फाल्कन 9 बूस्टर से बना है और यह लो-अर्थ ऑर्बिट में 64 मीट्रिक टन तक का पेलोड ले जा सकता है. इसका इस्तेमाल मिलिट्री और डीप-स्पेस मिशन के लिए किया जाता है. स्टारशिप अभी डेवलपमेंट के दौर में है और इसे भविष्य में बड़े पैमाने पर कार्गो और इंसानी मिशन के लिए तैयार किया जा रहा है.
10. AI में भी दांव, मगर पकड़ है कमजोर
xAI के साथ मर्जर के बाद SpaceX के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक बड़ा मौका लेकर आया है. हालांकि, अभी xAI की पकड़ कमजोर है. फाइनेंशियल स्टार्टअप Ramp की एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में 30% से ज्यादा बिजनेस कस्टमर Anthropic और OpenAI के प्रोडक्ट्स के लिए पेमेंट कर रहे थे, जबकि xAI का अडॉप्शन रेट सिर्फ 5% था.
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रियलमी पी4आर 5जी: 20,000 रुपए से कम कीमत में 8000एमएएच बैटरी वाला दमदार स्मार्टफोन, फीचर्स भी शानदार
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। पिछले कई वर्षों से भारत में स्मार्टफोन खरीदते समय लोग मुख्य रूप से कैमरा, प्रोसेसर और डिजाइन पर ध्यान देते रहे हैं। लेकिन अब उपयोग के तरीके बदलने के साथ बैटरी लाइफ भी सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक बनती जा रही है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के एक सर्वे के अनुसार, 20,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन वर्ग में अब बैटरी लाइफ खरीदारी का सबसे महत्वपूर्ण कारण बन गई है, जिसने प्रोसेसर जैसे फीचर को भी पीछे छोड़ दिया है, खासकर तब जब इस कीमत वर्ग में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
आज के समय में स्मार्टफोन का उपयोग केवल कॉलिंग तक सीमित नहीं है। ट्रैफिक में रास्ता ढूंढ़ने, ऑनलाइन बैठकों में शामिल होने, वीडियो देखने और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने जैसी जरूरतों के कारण लोग ऐसे स्मार्टफोन चाहते हैं जो सुबह से रात तक बिना बार-बार चार्ज किए काम कर सकें।
बैटरी बैकअप की बढ़ती मांग ने कंपनियों को इस बात पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया है कि 20,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन में ग्राहकों को क्या मिलना चाहिए। प्रदर्शन और कैमरा आज भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन लंबे समय तक चलने वाली बैटरी अब ग्राहकों की प्रमुख जरूरत बन चुकी है।
10 जून को लॉन्च किए गए रियलमी पी4आर 5जी के जरिए रियलमी ने उन ग्राहकों को लक्षित किया है जो 20,000 रुपए से कम कीमत में सबसे अच्छी बैटरी वाला स्मार्टफोन चाहते हैं।
इस स्मार्टफोन में 8000एमएएच की बड़ी टाइटन बैटरी दी गई है, जिसे 45 वॉट फास्ट चार्जिंग की सुविधा मिलती है, जो इसे इस कीमत के रेंज में सबसे दमदार बैटरी विकल्पों में से एक बनाता है। जहां अधिकांश स्मार्टफोन 5000एमएएच से 6000एमएएच बैटरी के साथ आते हैं, वहीं रियलमी पी4आर 5जी कहीं अधिक क्षमता प्रदान करता है।
खास बात यह है कि बड़ी बैटरी के बावजूद फोन की मोटाई केवल 8.8 मिमी है और इसका वजन 218 ग्राम से कम रखा गया है।
कंपनी के अनुसार, सामान्य उपयोग में यह स्मार्टफोन एक बार चार्ज करने पर लगभग तीन दिनों तक चल सकता है। वहीं गेम खेलने वाले उपयोगकर्ताओं को इसमें बीजीएमआई गेम का लगभग 12 घंटे तक लगातार अनुभव मिल सकता है।
इसके साथ मौजूद एआई पावर सेविंग तकनीक बैटरी की खपत को बेहतर तरीके से नियंत्रित करती है, जिससे बार-बार चार्ज करने की जरूरत कम हो जाती है।
रियलमी ने केवल बैटरी क्षमता ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि उसकी सुरक्षा और लंबी उम्र पर भी विशेष ध्यान दिया है।
कंपनी के अनुसार, बैटरी 1,600 चार्जिंग चक्रों के बाद भी अपनी 80 प्रतिशत से अधिक क्षमता बनाए रख सकती है। एआई-आधारित अनुकूलन तकनीक बैटरी की उम्र बढ़ाने में मदद करती है।
यह बैटरी 30 सुरक्षा परीक्षणों से गुजर चुकी है और -20 डिग्री सेल्सियस से लेकर 56 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम करने में सक्षम है। 45 वॉट फास्ट चार्जिंग की मदद से फोन 48 मिनट से भी कम समय में 50 प्रतिशत तक चार्ज हो सकता है।
फोन में एआई नाइट चार्जिंग, चार्जिंग बूस्ट, कोल्ड चार्जिंग मोड, गेमिंग के लिए बायपास चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
रियलमी पी4आर 5जी केवल बैटरी के मामले में ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन और फीचर्स के मामले में भी मजबूत विकल्प है।
यह स्मार्टफोन मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 प्रोसेसर से लैस है, जिसमें 14 जीबी तक डायनेमिक रैम और 256 जीबी तक स्टोरेज का विकल्प मिलता है।
फोन में 6.8 इंच की 144 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट वाली अल्ट्रा-ब्राइट डिस्प्ले, उन्नत कूलिंग सिस्टम, 50 मेगापिक्सल एआई कैमरा, गूगल जेमिनी एकीकरण और एआई-आधारित इमेजिंग टूल्स दिए गए हैं।
इसके अलावा, इसमें आईपी65 सुरक्षा रेटिंग और सैन्य स्तर की मजबूती भी मिलती है, जो इसे रोजमर्रा के उपयोग और गेमिंग दोनों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है।
जैसे-जैसे उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएं बदल रही हैं और वे लंबे समय तक चलने वाले स्मार्टफोन की तलाश कर रहे हैं, बैटरी लाइफ खरीदारी का एक प्रमुख कारण बनती जा रही है।
रियलमी पी4आर 5जी अपनी 8000एमएएच टाइटन बैटरी, 45 वॉट फास्ट चार्जिंग, दमदार प्रदर्शन, बेहतर डिस्प्ले, एआई फीचर्स और मजबूत डिजाइन के साथ उन ग्राहकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरता है, जो लंबे बैटरी बैकअप के साथ सभी जरूरी फीचर्स वाला स्मार्टफोन चाहते हैं।
--आईएएनएस
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