भादू शेख हत्याकांड में CBI ने घोषित भगोड़े आरोपी मसद शेख पर कसा शिकंजा, मुंबई से किया गिरफ्तार
Bhadu Sheikh Murder Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भादू शेख हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे घोषित भगोड़े (Proclaimed Offender) आरोपी मसद शेख को आज, 14 अगस्त 2026 को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया. CBI ने आरोपी को मुंबई के वारी बंदर, डोंगरी इलाके से मानव खुफिया जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया.
2022 से फरार था आरोपी
CBI के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2022 में FIR दर्ज होने के बाद से फरार था. उसने न तो जांच में सहयोग किया और न ही मुकदमे की कार्यवाही में शामिल हुआ. जांच एजेंसी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी.
भादू शेख की हत्या से जुड़ा है मामला
यह मामला पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगटुई में 21 मार्च 2022 को हुई भादू शेख की हत्या से जुड़ा है. कलकत्ता हाईकोर्ट के 8 अप्रैल 2022 के आदेश के अनुपालन में CBI ने 8 अप्रैल 2022 को रामपुरहाट थाना FIR संख्या 168/2022, दिनांक 22 मार्च 2022 को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की थी.
2022 और 2023 में दाखिल हुई चार्जशीट
जांच पूरी करने के बाद CBI ने वर्ष 2022 और 2023 में 9ग आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी. इनमें गिरफ्तार आरोपी मसद शेख भी शामिल था. यह चार्जशीट रामपुरहाट के ACJM कोर्ट में दाखिल की गई थी.
पूर्व बर्दवान की अदालत में ट्रांसफर हुआ मामला
बाद में मामले की सुनवाई पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान स्थित ADJ, चौथी अदालत में स्थानांतरित कर दी गई. गिरफ्तार आरोपी को मुंबई से कोलकाता लाया जाएगा. इसके बाद उसे सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा.
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नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED विस्फोट मामले में NIA ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में हुए IED विस्फोट के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह विस्फोट 1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे पुलिस स्टेशन परिसर में जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुआ था.
इस मामले में FIR संख्या 02/2026 सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी. बाद में मामले की जांच NIA ने अपने हाथ में ले ली. एजेंसी ने 8 मई 2026 को इसे RC-27/2026/NIA/DLI के रूप में दोबारा दर्ज किया. मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UA(P) Act) की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं.
एजेंसी ने तीनों को गिरफ्तार किया
जांच के दौरान NIA को महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणि की इस वारदात में संलिप्तता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. इसके बाद एजेंसी ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया. ये इस मामले में NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले तीन आरोपी हैं.
नेटवर्क का पता लगाने में जुटी
NIA के मुताबिक, गिरफ्तारियां पुलिस स्टेशन में हुए आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के प्रयास का हिस्सा हैं. जांच एजेंसी अब इस हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ इसके पीछे सक्रिय व्यापक नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
तीनों आरोपियों को हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित विशेष NIA अदालत में पेश किया गया. अदालत ने महावीर कुमार उर्फ काका और अजय मेहरा को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि मनप्रीत सिंह उर्फ मणि को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. NIA मामले में आगे की जांच कर रही है. एजेंसी का फोकस हमले की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य आरोपियों और इसके पीछे मौजूद बड़े नेटवर्क का पता लगाने पर है.
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