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US Special Forces एशिया में आक्रामकता रोकने Philippines संग बढ़ाएंगे सैन्याभ्यास

अमेरिकी विशेष अभियान बल, एशिया में फिलीपीन और दूसरे देशों की सेना के साथ मिलकर युद्ध अभ्यास बढ़ाने के लिए तैयार हैं, ताकि सुरक्षा गठबंधन को और मजबूत किया जा सके और इस इलाके में किसी बड़े टकराव को रोकने में मदद मिल सके। अमेरिकी सेना के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अमेरिकी विशेष अभियान कमान के कमांडर एडमिरल फ्रैंक ब्रैडली, दक्षिण कोरिया की यात्रा के बाद अब फिलीपीन में हैं।

इसके बाद वह सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए जापान जाएंगे। वह एशिया में अमेरिका के अहम सहयोगी देशों का दौरा करने वाले सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं। अमेरिका के ईरान के साथ युद्ध में व्यस्त होने के बीच वह सहयोगियों को इस क्षेत्र के प्रति अमेरिकी की प्रतिबद्धता का भरोसा दिलाना चाहते हैं।

ब्रैडली की कमान के तहत करीब 80,000 कर्मी हैं और इसका मुख्यालय फ्लोरिडा के टैंपा स्थित मैकडिल वायुसेना अड्डे पर है। यह कमान अमेरिकी सेना के सबसे संवेदनशील और जोखिम भरे गुप्त अभियानों को अंजाम देती है। ब्रैडली ने कहा कि उनके अधिकतर बल दुनिया भर के 80 से अधिक देशों में तैनात हैं।

उन्होंने फिलीपीन के अधिकारियों के साथ सेना के आधुनिकीकरण, अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों के साथ युद्ध अभ्यास बढ़ाने तथा दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामक गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा साझेदारियों के दायरे को व्यापक बनाने पर चर्चा की। विवादित समुद्री क्षेत्र को लेकर चीन और उसके छोटे प्रतिद्वंद्वी दावेदार देशों- फिलीपीन, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के बीच दशकों से तनावपूर्ण गतिरोध बना हुआ है। हालांकि, हाल के वर्षों में चीन और फिलीपीन की सेनाओं के बीच टकराव विशेष रूप से बढ़े हैं।

अमेरिका ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर फिलीपीन की सेनाओं पर सशस्त्र हमला होता है तो एशिया में उसके सबसे पुराने सहयोगी की रक्षा करना उसकी जिम्मेदारी होगी।

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एल्केम लैबोरेटरीज का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में 22 प्रतिशत घटकर 520.98 करोड़ रुपये पर

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  Sports

Galle Test: टीम इंडिया के सामने Playing 11 की पहेली, 3 स्पिनर या पेसर्स पर कोच Morne Morkel का बड़ा बयान

गॉल में भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले पहले टेस्ट से दो दिन पहले सबसे ज्यादा चर्चा पिच को लेकर हो रही है। आमतौर पर गॉल की पिच को स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। पिच पर जमकर पानी डाला गया है और फिलहाल यह सूखी या पहले ही दिन से गेंद को तेजी से घुमाने वाली सतह नहीं दिख रही है।

भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने भी पिच को अच्छी बताया है। उनका मानना है कि मैच आगे बढ़ने के साथ इसमें बदलाव आएगा और गेंदबाजों को बाद के दिनों में अधिक मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों के लिए तैयारी की है और अब सबसे जरूरी चीज मानसिक मजबूती, लंबे समय तक बल्लेबाजी करना और सही जगह पर गेंद डालना है।

मोर्केल के मुताबिक, अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा। वहीं पहले गेंदबाजी करने की स्थिति में गेंदबाजों को लगातार सही क्षेत्र में गेंद डालकर दबाव बनाना होगा। उनका मानना है कि गॉल में परंपरागत तौर पर पहले दो दिन बल्लेबाजों के लिए बेहतर होते हैं, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम के लिए फैसला काफी अहम रहेगा।

यही स्थिति भारतीय टीम के सामने अंतिम ग्यारह को लेकर भी बड़ी पहेली खड़ी कर रही है। तीन स्पिन गेंदबाजों के साथ उतरना फिलहाल ज्यादा मजबूत विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इससे टीम को बल्लेबाजी में भी गहराई मिलती है। हेड कोच गौतम गंभीर आमतौर पर गेंदबाजी संयोजन के लिए बल्लेबाजी की मजबूती से समझौता करना पसंद नहीं करते हैं।

मौजूदा समीकरण में रवींद्र जडेजा प्रमुख हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर लगभग तय माने जा रहे हैं, जबकि मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी की अगुआई कर सकते हैं। कुलदीप यादव का खेलना भी लगभग तय माना जा रहा है। दूसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ के बीच मुकाबला है, जिसमें प्रसिद्ध कृष्णा फिलहाल थोड़ा आगे दिखाई दे रहे हैं।

मोर्ने मोर्केल ने कहा कि कुलदीप यादव आक्रामक गेंदबाज हैं, जबकि रवींद्र जडेजा अपने अनुभव और सटीक गेंदबाजी के कारण बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक तीनों की गेंदबाजी शैली अलग है और जरूरत के हिसाब से कप्तान शुभमन गिल उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

गौरतलब है कि गॉल में पिछला टेस्ट जून 2025 में श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला गया था। उस मुकाबले में दोनों टीमों ने 450 से ज्यादा रन के स्कोर बनाए थे। चार शतक और चार अर्धशतक भी लगे थे। श्रीलंका के प्रमुख स्पिनर प्रभात जयसूर्या पहली पारी में 48 ओवर गेंदबाजी करने के बावजूद एक भी विकेट नहीं ले सके थे और दूसरी पारी में भी उन्हें केवल एक विकेट मिला था।

भारत ए की पिछले महीने इसी मैदान पर हुई दो मुकाबलों की श्रृंखला से भी बल्लेबाजों के लिए अच्छी परिस्थितियों के संकेत मिले थे। तेज गेंदबाजों को भी यहां गेंदबाजी में मदद मिली थी। गुरनूर बराड़ ने दूसरे मुकाबले में 10 विकेट लेकर खासा प्रभावित किया था। उन्होंने अगस्त के पहले सप्ताह में टीम से जुड़ने के बाद अभ्यास में लगातार तेज गेंदबाजी की है और टेस्ट पदार्पण के करीब पहुंच गए हैं।

हालांकि, फिलहाल उनका इंतजार थोड़ा और बढ़ सकता है। गॉल में मुकाबला शुरू होने से पहले सभी की नजर टॉस पर रहेगी। इस मैदान पर हाल के वर्षों में पहली और चौथी पारी के स्कोर में बड़ा अंतर देखने को मिला है। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करके बड़ा स्कोर बनाना भारत और श्रीलंका दोनों के लिए सफलता का सबसे अहम मंत्र हो सकता है, क्योंकि जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ेगा, स्पिनरों के लिए पिच पर गेंद पकड़ने और ज्यादा घूमने की संभावना बढ़ सकती है।
Fri, 14 Aug 2026 20:32:26 +0530

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