राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने इस्लामाबाद को साफ़ और स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपने दुश्मनों पर कड़ा प्रहार करेगा और कार्रवाई के नतीजों की परवाह नहीं करेगा। NSA डोभाल का यह बयान भारत की बदलती 'डिटरेंस' (दुश्मन को रोकने की क्षमता) नीति का अब तक का सबसे साफ़ इज़हार है, जैसा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' के रूप में देखा गया था।
एक डॉक्यूमेंट्री के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "दुनिया के लिए संदेश बहुत साफ़ है - भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमज़ोरी नहीं समझना चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है, भारत कड़ा प्रहार कर सकता है, चाहे नतीजे कुछ भी हों। NSA का मुख्य तर्क सीधा है: 'डिटरेंस' तभी काम करता है जब कार्रवाई करने की इच्छाशक्ति दिखाई जाए। 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों पर सटीक हमले (प्रिसिजन स्ट्राइक) के साथ शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का मकसद यही साबित करना था। यह कार्रवाई कश्मीर के पहलगाम में निहत्थे पर्यटकों पर हुए घातक आतंकी हमले के जवाब में की गई थी।
खास बात यह है कि ऑपरेशन के शुरुआती चरण में भारत ने यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तान की किसी भी सैन्य या नागरिक सुविधा को निशाना न बनाया जाए। यह फ़र्क इसलिए किया गया ताकि यह दिखाया जा सके कि यह संयम हिचकिचाहट की वजह से नहीं, बल्कि नियंत्रण की वजह से था। भारत ने आतंकी हमलों के जवाब में आतंकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए, लेकिन पाकिस्तान ने सैन्य रूप से पलटवार करते हुए नागरिकों और सेना, दोनों को निशाना बनाया।
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