रानी मुखर्जी ने दिखाया दमखम, शाहरुख खान के बाद मानद डॉक्टरेट पाने वाली बनीं दूसरी भारतीय फिल्मी हस्ती
रानी मुखर्जी को ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया. शाहरुख खान के बाद यह सम्मान पाने वाली वह दूसरी भारतीय फिल्मी हस्ती हैं. चलिए बताते हैं आखिर रानी मुखर्जी ने इस उपाधि पर क्या कहा.
Raipur में दिखी नई जिंदगी की झलक: कभी हथियार उठाती थीं, अब साड़ी पहनकर रैंप पर उतरीं पूर्व महिला नक्सली
Former Naxals Women Ramp Walk: छत्तीसगढ़ के बस्तर की कुछ पूर्व महिला नक्सलियों ने अब अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर ये महिलाएं रायपुर में पारंपरिक साड़ियों और हथकरघा से बने कपड़ों में रैंप पर उतरी। उनका यह अंदाज देखकर वहां मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका हौसला बढ़ाया।
कभी बस्तर के जंगलों में हथियार लेकर चलने वाली इन महिलाओं के लिए यह पल उनकी पुरानी जिंदगी से बिल्कुल अलग था। अब वे मुख्यधारा में लौटकर सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
साड़ी पहनकर किया रैंप वॉक
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh: Former women Naxals, who once carried weapons in the dense forests of Bastar, walked the ramp to huge applause at a National Handloom Day event in Raipur after joining the mainstream. (07.08) https://t.co/BtUfHIUsHs pic.twitter.com/ClHzGcRWp1
— ANI (@ANI) August 13, 2026
रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व महिला नक्सलियों ने रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हथकरघा से तैयार कपड़े और साड़ियां पहनी। इनके लुक में पारंपरिक अंदाज साफ नजर आया। साड़ियों के साथ चांदी की कमरबंद, झुमके और सलीके से बनाई गई चोटियों ने उनके लुक को और खास बना दिया।
कोसा सिल्क ने बढ़ाई खूबसूरती
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh: Former women Naxals, who once carried weapons in the dense forests of Bastar, walked the ramp to huge applause at a National Handloom Day event in Raipur after joining the mainstream. (07.08) pic.twitter.com/51mc8lEXWE
— ANI (@ANI) August 13, 2026
स्वदेशी फैशन शो में इन महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क और हाथ से बुने कपड़ों को पहनकर रैंप वॉक किया। उनके आत्मविश्वास और अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। यह उनके लिए सिर्फ रैंप पर चलने का मौका नहीं था, बल्कि अपनी बदली हुई जिंदगी को दुनिया के सामने दिखाने का भी एक खास पल था।
सीएम ने बढ़ाया हौसला
जो कदम कभी बस्तर के सुदूर जंगलों में लाल आतंक की राह पर चलने को मजबूर थे, आज वही कदम आत्मविश्वास के साथ रैंप पर चलते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा विरासत का गौरव पूरे देश के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) August 7, 2026
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में… pic.twitter.com/mzTbhLpEeV
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पूर्व महिला नक्सलियों से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं को आगे की जिंदगी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
हिंसा छोड़कर आत्मनिर्भरता की ओर
मुख्यधारा में लौटने के बाद ये महिलाएं अब अपने लिए नई राह बनाने की कोशिश कर रही हैं। हथकरघा और पारंपरिक कपड़ों से जुड़े इस कार्यक्रम ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया। उनकी कहानी बताती है कि सही मौका और सहयोग मिलने पर जिंदगी को नई दिशा दी जा सकती है। कभी जंगलों में हथियार लेकर चलने वाली इन महिलाओं का आत्मविश्वास के साथ रैंप पर उतरना उनके बदलाव की एक खास तस्वीर बन गया।
बस्तर के बदलाव की तस्वीर
रायपुर में पहली बार पहुंचीं इन महिलाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। रैंप पर उनके कदमों के साथ लोगों की तालियां भी सुनाई दीं। उनका यह सफर हिंसा से दूर होकर सम्मान, आत्मनिर्भरता और नई उम्मीद की तरफ बढ़ने की कहानी है।
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