शिवकुमार Cabinet में एक भी महिला मंत्री नहीं, Congress के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने हाल में विस्तारित मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के मंत्रिमंडल में महिलाओं को शामिल नहीं किये जाने पर विरोध जताते हुए शुक्रवार को विधान सौध परिसर में प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस को ‘‘महिला-विरोधी’’ बताते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए। भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने इस प्रदर्शन की अगुवाई की।
उनके साथ कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी और महिला विधायकों समेत अन्य विधायक भी शामिल हुए। भाजपा विधायक विधान सौध परिसर के प्रवेश द्वार पर स्थित नाडा देवी भुवनेश्वरी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और बाद में भवन की ओर मार्च किया। कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विजयेंद्र ने कहा कि आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है और उन्हें समान अवसर तथा पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के कदम उठाए, जिसका कांग्रेस और राहुल गांधी ने विरोध किया था। विजयेंद्र ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन कर्नाटक में, कांग्रेस सरकार खुद महिलाओं को प्रतिनिधित्व न देकर पूरे महिला समुदाय का अपमान कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में एक महिला मंत्री को शामिल करने की घोषणा के बाद उनका नाम हटाना ‘‘अपमानजनक’’ था। विजयेंद्र ने दावा किया कि ऐसी खबरें थीं कि एक महिला को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, लेकिन बाद में उनका नाम हटा दिया गया।
उन्होंने याद दिलाया कि कर्नाटक 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवन्ना की भूमि है और 12वीं सदी की समाज सुधारक व कवयित्री अक्का महादेवी की जन्मभूमि है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसे राज्य को पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम करनी चाहिए थी। लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के इतिहास में पहली बार मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री के बिना विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है।’’ अशोक ने सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने मंत्रिमंडल में एक भी महिला को जगह न देकर ‘‘महिलाओं के साथ विश्वासघात’’ किया है।
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सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तीन जून को शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 अन्य मंत्रियों ने भी पद एंव गोपनीयता की शपथ ली थी। कार्यभार संभालने के दो महीने बाद तीन अगस्त को शिवकुमार ने 19 और मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया जिससे मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 33 हो गई।
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फिलहाल शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में कोई महिला मंत्री नहीं है। हाल में मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों में टी. रघुमूर्ति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अजय सिंह को लघु सिंचाई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिवलिंगे गौड़ा को आबकारी, विजयानंद काशप्पनवर को लघु उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम, के. एस. बसवन्तप्पा को मुजराई, मत्स्य पालन, बंदरगाह और अंतर्देशीय जल परिवहन, रिजवान अरशद को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले और एच. सी. बालकृष्ण को नगर प्रशासन विभाग सौंपा गया है।
अन्य मंत्रियों और उनके विभागों में लक्ष्मण सावदी को सहकारिता, बसवराज राय रेड्डी को उच्च शिक्षा, पुत्तरंगा शेट्टी को पशुपालन एवं रेशम उत्पादन और नरेंद्र स्वामी को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
Bhutan नरेश Jigme Khesar ने Assam flood पर जताई संवेदना, सीएम Himanta ने माना आभार
भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने असम के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की, जहां भीषण बाढ़ के कारण अब तक 103 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमालयी देश के राजा ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के असर से क्षेत्र को होने वाले साझा खतरों और भविष्य में इससे निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समर्थन के लिए पड़ोसी देश का शुक्रिया अदा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने असम और भूटान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया।
वांगचुक ने शर्मा को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं अपने और भूटान के लोगों की ओर से आपके और असम के लोगों के प्रति, खासकर उन लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने हाल में आई बाढ़ में अपने परिवार और मकान खो दिए हैं। हम मृतकों की याद में प्रार्थना करते हैं।’’ शर्मा ने भूटान नरेश का यह पत्र शुक्रवार को साझा किया। पत्र में भूटान नरेश ने कहा, ‘‘हमारे क्षेत्र में ऐसी आपदाओं का बार-बार आना और उनकी गंभीरता बढ़ना बदलती वैश्विक जलवायु की चुनौतियों के परिणामों के प्रति हमारी साझा संवेदनशीलता की स्पष्ट याद दिलाता है।
इन चुनौतियों का हम सभी को मिलकर सामना करना होगा और आने वाले समय में भी लगातार इससे निपटना होगा।’’ उन्होंने तीन अगस्त को लिखे गए पत्र में कहा, ‘‘भारी नुकसान और तबाही के बावजूद, संकट की इस घड़ी में राज्य ने जिस तरह से इसका सामना किया, आपने जिस मजबूती और संकल्प के साथ इसका नेतृत्व किया वह प्रशंसनीय है।’’ वांगचुक ने कहा कि भूटान असम के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और राज्य के पुनर्निर्माण और इससे उबरने की कोशिशों में अपना पूरा समर्थन तथा दोस्ती का हाथ बढ़ाता है। इस एकजुटता के लिए आभार जताते हुए शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘हाल में आई बाढ़ से उबर रहे असम के लिए भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के स्नेहपूर्ण शब्दों और समर्थन के संदेश से मैं बहुत प्रभावित हुआ हूं।’’ उन्होंने असम और भूटान के बीच ‘‘बेहद आत्मीय रिश्ते’’ का जिक्र किया जो ‘‘इतिहास से जुड़ा हुआ है, भौगोलिक जुड़ाव के कारण मजबूत हुआ है और दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पीढ़ियों से जारी मित्रता से मजबूत हुआ है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘असम के लोगों की ओर से मैं इस कठिन समय में हमारे साथ एकजुटता और मित्रता के साथ खड़े रहने के लिए महामहिम और भूटान के लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
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