Omar Abdullah ने Kashmiri Pandits की सुरक्षा धमकियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों को घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिल रही आतंकी धमकियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अब्दुल्ला ने अपनी बात पर जोर देने के लिए हाल के वर्षों में कश्मीरी पंडितों पर हुए कई हमलों का उल्लेख किया। अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम बार-बार सुनते रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद समाप्त हो गया है और अब कोई (आतंकवादी) नहीं बचा है, लेकिन फिर ये धमकियां कहां से आ रही हैं?
सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों को इन धमकियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।’’ उन्होंने धमकियां देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडितों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एक-दो साल पहले लोगों को, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर उनकी हत्याएं की गई थीं। मैं ऐसे कितने लोगों के नाम गिनाऊं, जिन्हें निशाना बनाया गया?
कई कर्मचारी तो यहां से निकलने की तैयारी भी कर रहे थे। उन्हें लगभग हिरासत में लेकर उनके शिविरों में रखा गया और द्वार बंद कर दिए गए थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए इस धमकी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और इन कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।’’ यह पूछे जाने पर कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) की दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर से मार्च निकालने की कोई योजना है या नहीं, अब्दुल्ला ने कहा कि कई विकल्प मौजूद हैं।
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अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर किया गया वादा कोई सामान्य वादा नहीं था। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वादा था। उन्होंने कहा, ‘‘यह वादा अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ?
हमें इसका जवाब नहीं मिल रहा है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर उनकी पार्टी का विरोध प्रदर्शन अंत नहीं, बल्कि शुरुआत था। उन्होंने कहा, ‘‘आगे हमें क्या करना है, यह हम देखेंगे।’’ केंद्र शासित प्रदेश की सरकार चलाने में पेश आने वाली कठिनाइयों के बारे में पूछे जाने पर नेकां नेता ने कहा, ‘‘यह एक लंबी कहानी है और आपको अपनी दुखभरी कहानी सुनाने के लिए मेरे पास पर्याप्त समय नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम जितना कर सकते हैं, कर रहे हैं। अभी समय बाकी है।
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हम इस मुद्दे को बार-बार उठाते रहेंगे। मैं इस मुद्दे पर न तो कभी चुप रहा हूं और न ही आगे चुप रहूंगा। हम इस पर बात करते रहेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनकी सरकार द्वारा तैयार कार्य संचालन नियमों को मंजूरी मिलेगी और उन्हें लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है... हमने अपनी ओर से पूरा लचीला रुख अपनाया। हमने इन्हें अनौपचारिक रूप से साझा भी किया। मुझे कुछ दिनों बाद विभिन्न मुद्दों पर गृह मंत्री से बात करने के लिए दिल्ली जाना है।
मैं इस मुद्दे पर भी चर्चा करूंगा।’’ अब्दुल्ला ने कहा कि मंत्रिमंडल ने आरक्षण के मुद्दे पर उठाए गए सवालों के जवाब भी दे दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘नियमों के अनुसार जवाब उपराज्यपाल को भेज दिया गया था। उसके बाद क्या हुआ?
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कोई हमें बताए कि क्या हमारा जवाब दिल्ली भेजा गया है? क्या इसे मंजूरी मिल गई है?’’ अब्दुल्ला ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर में ‘‘जेन-जी जैसे’’ विरोध प्रदर्शन होने की स्थिति में उनकी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर यहां जेन-जी जैसे घटनाक्रम होते हैं तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे।
हमने अपना काम कर दिया है। हमने जवाब दिए हैं और अपने फैसले का औचित्य बताया है... लेकिन हमारे मंत्रिमंडल के फैसलों को इस तरह दबाकर रखना ठीक नहीं है।’’ स्थानीय निकाय चुनाव के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव उचित समय पर कराए जाएंगे।
Amrit Udyan का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया उद्घाटन, 16 अगस्त से आम जनता के लिए खुलेगा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित प्रसिद्ध अमृत उद्यान के उद्घाटन समारोह में शिरकत की। अमृत उद्यान की ग्रीष्मकालीन वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी को आम जनता के लिए 16 अगस्त से 15 सितंबर तक पूर्वाह्न 10 बजे से शाम छह बजे तक खोला जाएगा। रखरखाव के लिए उद्यान हर सोमवार को बंद रहेगा।
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राष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में अमृत उद्यान ग्रीष्मकालीन वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी संस्करण-2026 के उद्घाटन समारोह में शिरकत की।” कार्यालय ने समारोह की तस्वीरें भी साझा कीं।इस बार उद्यान में देशज और स्थानीय फूलों वाले पौधे मुख्य आकर्षण होंगे। ये पौधे अपने रंगों और पारिस्थितिक महत्व के लिए जाने जाते हैं। इस उद्यान में बालसम/गुलमेहंदी, अपराजिता, रुक्मिणी, बरसा फूल, लाल साग और नागफना सहित कई अन्य पौधे शामिल हैं।
ये पौधे भारत की समृद्ध पुष्प विरासत को दर्शाने के साथ-साथ उद्यान की जैव विविधता को भी बढ़ाएंगे। राष्ट्रीय खेल दिवस और शिक्षक दिवस के अवसर पर क्रमशः 29 अगस्त और पांच सितंबर को खिलाड़ियों व शिक्षकों को अमृत उद्यान में विशेष प्रवेश दिया जाएगा।आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास स्थित गेट नंबर 35 से होगा। अमृत उद्यान में प्रवेश निःशुल्क होगा लेकिन आगंतुकों को पहले से ऑनलाइन अपना स्लॉट बुक करना होगा।
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स्लॉट राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट पर बुक किए जा सकते हैं।
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