‘You should be in prison’: Ghana MP on gay people and allies | BBC News
In May, Ghana’s parliament approved a new bill criminalising homosexuality and the promotion of LGBTQ+ activities. It proposes that identifying as lesbian, gay, bisexual, transgender or queer be punished by up to three years' imprisonment. One of the bill’s co-authors, Emmanuel Bedzrah, spoke to the BBC’s religion editor Aleem Maqbool about it. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #BBCNews #Ghana #LGBT
राहुल गांधी के खिलाफ सावरकर मानहानि केस रद्द:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी; 2022 में 'भारत जोड़ो यात्रा' में दिया था बयान
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का एक मामला रद्द कर दिया। केस वीर सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और समाज में नफरत फैलाने के आरोपों से जुड़ा था। यूपी सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि मामले में राहुल गांधी पर मुकदमा चलाने की आधिकारिक मंजूरी नहीं ली गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जब कानूनी मंजूरी ही नहीं है, तो मामला यहीं खत्म हो जाता है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा- सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल और शिकायतकर्ता के वकील ने माना है कि इस मामले में जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी। ऐसी स्थिति में शिकायत और मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी सभी आदेशों को खारिज किया जाता है। नवंबर 2022 में सावरकर के खिलाफ टिप्पणियां की थीं विवाद राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान दिए गए एक भाषण से जुड़ा है। 17 नवंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने सावरकर के खिलाफ टिप्पणियां की थीं। इसके बाद वकील नृपेंद्र पांडेय ने उनके खिलाफ एक निजी आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि राहुल ने जानबूझकर सावरकर का अपमान किया। उनकी टिप्पणी सावरकर को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश थी। हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती निचली अदालत (मजिस्ट्रेट कोर्ट) ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया था। इसके खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का रुख किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 4 अप्रैल 2025 को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि राहुल गांधी सेशन कोर्ट में रिव्यू पेटिशन दायर कर सकते हैं, इसलिए इस चरण में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। हाईकोर्ट के इस फैसले और समन आदेश को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- 'आजम को गृहमंत्री बनाकर सपा दंगे करवाना चाहती है':बिना नाम लिए योगी ने कहा- ये दंगाइयों को सीएम आवास में सम्मान करवाते थे, इनकी सोच शर्मनाक सीएम योगी ने सपा नेता आजम खान का बिना नाम लिए शिवपाल यादव के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- देश की आजादी और भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने वाले व्यक्ति की सपा आज पैरोकार बन रही है। कह रही है कि हम आएंगे तो उसको गृहमंत्री बनाएंगे। ये फिर दंगा करवाना चाहते हैं। पूरी खबर पढ़िए
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