एक आंख की रोशनी गई, दूसरी भी कमजोर... फिर भी हौसला बुलंद, 23 साल के विनीत ने तैयार किया अनोखा ऐप
Dehradun News: कहते हैं कि मुश्किलें कितनी भी आ जाएं, जिनके इरादे मजबूत होते हैं, वे सफलता पा ही जाते हैं. कुछ ऐसी ही प्रेरक कहानी है विनीत रावत की. 23 साल के विनीत की एक आंख बचपन में ही इन्फेक्शन के चलते पूरी तरह डेड हो गयी थी. वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन अचानक दूसरी आंख में प्रॉब्लम शुरू हुई.
एआई ने बदली इंटर्नशिप, नौकरी की दर 63% पहुंची:रुटीन काम ऑटोमेट हो चुके, अब इंटर्न को क्लाइंट मीटिंग, बिजनेस ट्रिप और बड़े प्रोजेक्ट
एआई और नई टेक्नोलॉजी से कंपनियों में इंटर्न्स की भूमिका पूरी तरह बदल गई है। रुटीन काम ऑटोमेट होने से अब उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स, क्लाइंट मीटिंग्स और बिजनेस ट्रिप्स जैसी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। कंपनियां इंटर्नशिप को अब पक्की नौकरी के ट्रायल की तरह देख रही हैं और परफॉर्मेंस पसंद आने पर 63% इंटर्न्स को तुरंत जॉब मिल रही है। मसलन, 20 साल की एक इंटर्न को काबिलियत के दम पर अकेले लंदन भेजा गया। दरअसल, पढ़ाई के दौरान 2-6 महीने काम सीखने आने वाला छात्र ‘इंटर्न’ कहलाता है, जिसे सिर्फ स्टाइपेंड मिलता है। वहीं पढ़ाई पूरी कर पक्की नौकरी जॉइन करने वाला ‘फ्रेशर’ होता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक एआई और सख्त नियमों के चलते कंपनियां भले ही कम इंटर्न्स रख रही हैं, लेकिन जिन्हें मौका मिल रहा है, उन्हें फुल-टाइम कर्मचारियों जैसी गंभीर जिम्मेदारियां मिल रही हैं। इससे छात्रों को वास्तविक व्यावसायिक फैसलों में शामिल होने का मौका मिल रहा है और कंपनियों को भी ऊर्जावान टैलेंट मिल रहा है। वैसे भी फाइनेंस और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में इंटर्न्स का मुख्य काम संभालना पुराना ट्रेंड रहा है। अब अन्य क्षेत्रों में भी इंटर्नशिप नए कर्मचारियों के ऑडिशन की तरह काम कर रही है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेज एंड एम्प्लॉयर्स के अनुसार इंटर्न से कर्मचारी बनने की दर 50.6% से बढ़कर 63.1% हो गई है। बेहतरीन छात्रों को कॉलेज के अंतिम वर्ष से पहले ही ऑफर मिल रहे हैं। उदाहरण के लिए, 4 जुलाई की छुट्टियों के प्लान के बीच 20 साल की इंटर्न तालिया कुस्मिरेक को सैन फ्रांसिस्को से लंदन की अचानक बिजनेस ट्रिप का आदेश मिला। उन्होंने नूक्स कंपनी के लिए अकेले काम करते हुए सोशल मीडिया कंटेंट तैयार किया। 48 घंटे में यात्रा पूरी कर लौटने पर दफ्तर के सहकर्मी इतनी कम उम्र में मिली इस बड़ी जिम्मेदारी से काफी हैरान रह गए। इसी नूक्स कंपनी के सीईओ डेनियल ली का कहना है कि रूटीन काम संभालने के लिए एआई मौजूद है। ऐसे में कॉलेज के युवाओं को तभी रखा जाएगा जब वे महत्वपूर्ण काम संभाल सकें। वे कोई चैरिटी नहीं चला रहे हैं। 2020 में कंपनी शुरू होने के बाद से उनके अधिकांश इंटर्न्स फुल-टाइम कर्मचारी बने हैं और नए टैलेंट का जरिया हैं। क्लाइंट्स को पसंद आ रहे इंटर्न्स के आइडिया, इससे उन्हें कंपनी में बड़े मौके मिल रहे मार्केटिंग कंपनी ऑल टेरेन की सीईओ ब्रुक जे के अनुसार सभी क्लाइंट्स युवाओं से जुड़ना चाहते हैं। कंपनी ने तीन इंटर्न्स लिली, ल्यूक और हन्ना को नए कैंपेन का आइडिया बनाने को कहा। उनका आइडिया इतना बेहतरीन था कि सीधे क्लाइंट्स से प्रेजेंटेशन दिलवाया गया, जिससे क्लाइंट काफी प्रभावित हुए और उनके विचार पसंद किए। इससे साबित होता है कि कंपनियां अब युवा ग्राहकों को रिझाने के लिए इंटर्न्स की सोच का इस्तेमाल कर रही हैं।
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