अंग्रेज सांडर्स को मारकर सहारनपुर के फुलवारी गार्डेन की गुफा में छिपे थे भगत सिंह, जानें इतिहास
सहारनपुर का फुलवारी गार्डन भगत सिंह की शरण स्थली रहा है. लाहौर में सांडर्स को मारने के बाद वे यहां छिपे थे. उन्होंने यहां एक बम फैक्ट्री भी स्थापित की थी. देशभक्तों की कुर्बानी के कारण ही ये देश आजाद हो सका. इस कुर्बानी में शहीद-ए-आजम भगत सिंह का नाम बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है. उनकी जंग-ए-आजादी के इस इतिहास में यूपी का सहारनपुर गवाह रहा है. यहां के तमाम हिस्से आज भी आजादी की लड़ाई के पलों को याद करते हैं. कहा जाता है कि जब अंग्रेज शहीद भगत सिंह के पीछे पड़े थे, तब उन्होंने यहां के एक मंदिर में छिपकर जान बचाई थी.
कानपुर चिड़ियाघर में खुला नया मछलीघर, 3-डी शो में मिलेगा समुंदर का अहसास, गोल्डन फिश उंगली के इशारे पर नाचेगी
Aquarium at Kanpur Zoo: कानपुर जू में मछलीघर के अलावा भी दर्शकों के लिए कई आकर्षण हैं. यहां एक हजार से अधिक वन्यजीवों को देखने का मौका मिलता है. सर्पेंटोरियम में सांपों को करीब से देखने का रोमांच मिलेगा, जबकि जू की झील में मौजूद सुंदर पक्षी भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे. यानी इस बार स्वतंत्रता दिवस पर कानपुर जू जाने वालों को जानवरों और पक्षियों के साथ पानी की रंगीन दुनिया का भी नया अनुभव मिलेगा.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18









