बीएसपी प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को हल्द्वानी में एक मंच के कथित "शुद्धिकरण" की निंदा की। यह घटना तब हुई जब दलित समुदाय से आने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वहां एक सभा को संबोधित किया था। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय और चिंताजनक बताया और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को हुए हमले को भी बेहद दुखद और चिंता का विषय बताया। मायावती ने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकारों को इस घटना को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए और हमलावरों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। यह कथित शुद्धिकरण उत्तराखंड के रामलीला मैदान में हुआ, जहाँ खड़गे ने 8 अगस्त को एक सभा को संबोधित किया था।
एक्स पर एक पोस्ट में इस मामले का ज़िक्र करते हुए मायावती ने कहा कल संसद के ज़रिए देश को इस घटना के बारे में पता चला। यह मामला बेहद निंदनीय और बहुत चिंताजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इसके पीछे शामिल जातिवादी और सामंती तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए। राज्यसभा में खड़गे ने कहा कि बीजेपी से जुड़े लोगों ने यह "शुद्धिकरण" किया था और मांग की कि उन पर अस्पृश्यता निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया जाए और उन्हें जेल भेजा जाए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी इस घटना की निंदा की। मायावती ने आगे कहा कि RSS प्रमुख, जो आर्थिक रूप से कुछ हद तक मज़बूत हो चुके दलितों से आरक्षण का लाभ वापस लेने की वकालत करते हैं, उन्हें भी इस घटना पर ध्यान देना चाहिए और इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।
बादल पर हुए हमले के बारे में मायावती ने कहा केंद्र और महाराष्ट्र सरकारों को इस घटना को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम बादल पर नांदेड़ के एक गुरुद्वारे में चाकू से हमला किया गया, जिससे उनके हाथ में चोट आई। नांदेड़ के SP नीलाभ रोहन ने PTI को बताया कि एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया। उन्होंने कहा कि हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है।
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