नीतीश कुमार ने क्यों छोड़ दिया था INDIA गठबंधन, उस मीटिंग का अब खुला राज; कौन दो नेता वजह?
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने INDIA गठबंधन का साथ छोड़कर NDA का दामन थाम लिया था। जदयू के कार्यवाहक अध्यक्ष संजय कुमार झा के मुताबिक नीतीश के विपक्षी गठबंधन से मोह भंग के पीछे सबसे बड़ी वजह अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी थीं।
Explainer: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने की क्या है न्यूनतम आयु सीमा, जानें किस आधार पर वैभव सूर्यवंशी को मिला मौका
Explainer: क्रिकेट की शुरुआत 16वीं सदी में हुई थी. तब से अब तक क्रिकेट का रूप और रंग पूरी तरह बदल गया है. क्रिकेट सफेद कपड़ों से शुरू हुआ था, जो साल दर साल बदला और रंगीन कपड़ो में ढल गया. क्रिकेट के बैट से लेकर बॉल तक सब बदल गया. क्रिकेट के बल्ले हल्के और आकर्षक बन गए वहीं, बॉल लाल से सफेद हो गई. अब रेड बॉल के साथ टेस्ट क्रिकेट खेला जाता है, जिसमें सफेद जर्सी पहनी जाती है. वहीं सफेद बॉल के साथ वनडे और टी20 क्रिकेट खेला जाता है, जिसनें रंगीन जर्सी खिलाड़ी के द्वारा पहनी जाती है.
क्रिकेट का स्वरूप समय के साथ बड़ी तेजी से बदला है. एक समय पर क्रिकेट का खेल काफी स्लो चलता था. खिलाड़ी बन खेलते थे रन बनाने के बारे में उतना नहीं सोचते थे. ऐसे में चौके-छ्क्कों की संख्या काफी कम रहती थी. अब खिलाड़ी तेजी से खेलते हैं और उनके अंदर रनों की भूख देखी जाती है. इसी का नतीजा है कि बॉल बाउंड्री के बाहर ज्यादा जाती है और बल्लेबाज अधिक चौके-छक्के लगाते हैं.
क्रिकेट के इस बदलते रूप के बीच कई सारे नियम भी बदले. समय समय पर क्रिकेट की सबसे बड़ी निकाय यानी आईसीसीसी के द्वारा तरह-तरह के नियम बनाए गए, जो खिलाड़ियों को सुविधा देने के काम आए. इसी कड़ी में एक ऐसा नियम भी आया, जिसके बारे में आज एक बार फिर से जानना जरूरी है. ये नियम आज इसलिए जानना जरुरी है क्योंकि इंडियन क्रिकेट टीम में वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है.
वैभव सूर्यवंशी को 15 की उम्र में टीम इंडिया में मिली जगह
वैभव सूर्यवंशी इस समय 15 साल के हैं. उन्हें भारतीय किकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए चुना है. इसके साथ ही वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने सचिन तेंदलुकर को पीछे छोड़ दिया है. सचिन को भारतीय क्रिकेट टीम में पहली बार मौका 16 साल की उम्र में मिला था. ऐसे में सवाल उठता है कि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने की न्यूनतम आयु सीमा क्या है. तो आज हम आपको इसके बारे में ही विस्तार से बताने वाले हैं.
A maiden #TeamIndia call-up at the age of 1️⃣5️⃣ ????
— BCCI (@BCCI) June 6, 2026
Congratulations to Vaibhav Sooryavanshi on setting a remarkable record ???? pic.twitter.com/htOt9kci4p
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने की न्यूनतम आयु सीमा क्या है?
इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 'न्यूनतम आयु नीति' 19 नवंबर, 2020 को लागू की. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए न्यूनतम आयु तय की गई. इस नीति के हिसाब से 15 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला जा सकता है. इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने के लिए कोई न्यूनतम आयु नही थी.
अब भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष रखी गई है लेकिन कुछ खास मामलों में इसमें रियायत भी मिल सकती है. 15 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी भी अपने-अपने देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकते हैं. इसके लिए उनके क्रिकेट बोर्ड को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड (आईसीसी) से खास परमिशन लेनी होगी.
देशों और उनके क्रिकेट बोर्ड के पास अभी भी निर्धारित आयु सीमा से कम आयु के खिलाड़ी को मैदान में उतारने का विकल्प है. ऐसा असाधारण परिस्थितियों में हो सकता है. जब कोई सदस्य बोर्ड आईसीसी से आवेदन कर सकता है कि वो 15 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी को अपने देश के लिए खेलने की अनुमति चाहता है.
इसके बाद आईसीसी खिलाड़ी का खेलने का अनुभव, मानसिक विकास और स्वास्थ्य की स्थिति की जांच करेगा. अगर वो खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट की मांगों को पूरा करने में सक्षम होगा तो उसे न्यूनतम आयु 15 से भी पहले खेलने का मौका दिया जा सकता है.
क्यों बनाई गई इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए न्यूनतम आयु सीमा?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (आईसीसी) ने क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए न्यूनतम आयु सीमा नीति लागू की थी. आईसीसी नहीं चाहता है कि किसी भी खिलाड़ियों को किसी भी तरह का नुकसान हो. खिलाड़ी अगर 15 वर्ष से कम आयु के होते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वो तेज गति के गेंदबाजों का सामना करते हैं तो उन्हें चोट लगने और शारिरिक रूप से हाने होने की चिंता होती है.
वहीं 15 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाब झेलने के लिए पूर्ण रूप से तैयार नहीं होते हैं. 15 वर्ष से नीचे के खिलाड़ियों को बच्चों की कैटगरी में ही रखा जाता है. एक बच्चा किसी अनुभवी और बड़े क्रिकेट के साथ क्रिकेट खेलने में सक्षम नहीं होगा, ऐसी बातों को ध्यान में रखते हुए आईसीसी के द्वारा ये नीति लागू की गई. मैदान पर जिस प्रकार एक 20 से 35 साल का खिलाड़ी भाग सकता है. क्रिकेट के खेल को समझ सकता है. वैसे 15 वर्ष से कम आयु का खिलाड़ी नहीं समझ सकता है.
आईसीसी ने खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम आयु सीमा जारी कर ऐलान किया था कि, ये आईसीसी टूर्नामेंट, द्विपक्षीय क्रिकेट और अंडर-19 क्रिकेट सहित सभी प्रकार के क्रिकेट पर लागू होगी. इसमें पुरुष, महिला या अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भी शामिल होगा. इसमें से किसी भी प्रारूप में खेलने के लिए खिलाड़ियों की न्यूनतम आयु 15 वर्ष रखी गई है.
सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाला खिलाड़ी
पाकिस्तान के क्रिकेटर हसन रजा इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी है. उन्होंने सबसे कम उम्र में अपना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. हसन ने 14 साल और 227 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट के जरिए पाकिस्तान के लिए डेब्यू किया था. उन्होंने 1996 से 2005 के बीच 7 टेस्ट और 16 वनडे मैच खेले हैं. हालांकि उनकी उम्र को लेकर अभी भी सवाल बने हुए हैं. उनकी जो पेपर पर उम्र थी वो उनकी रियल उम्र के साथ मैच नहीं खाती थी.
अब वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन वाले हैं. 26 जून से आयरलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में जब वो खेलने उतरेंगे तो सबसे कम उम्र में खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे. उन्हें 15 साल 91 दिन की उम्र में ही टीम इंडिया में शामिल किया गया है.
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