Responsive Scrollable Menu

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "category_list" on null

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: foreach() argument must be of type array|object, null given

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

  Recommended

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "response" on null

Filename: controllers/Web.php

Line Number: 290

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 290
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

New Chandigarh में Team India का धमाल! KL Rahul, Shubman Gill के शतक, Afghanistan पस्त

न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन भारत ने बल्लेबाजी में दबदबा बनाए रखा। पहले बल्लेबाजी करने का विकल्प चुनते हुए, सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने अपने आक्रामक खेल से दिन की शुरुआत की और अंततः क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में अपना 12वां शतक बनाया। दो महीने टी20 क्रिकेट खेलने के बाद उनके लिए अपने खेल में बदलाव करना आसान नहीं था, लेकिन कर्नाटक में जन्मे राहुल ने खुद को बखूबी ढाल लिया और मैच के बाद उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार आक्रामक बल्लेबाजी करने में कोई झिझक नहीं हुई।
 

इसे भी पढ़ें: T20I में Suryakumar Yadav की जगह Shreyas Iyer, Agarkar ने बताई कप्तानी की असली वजह


पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद राहुल ने कहा कि मुझे कुछ आक्रामक शॉट खेलने की इच्छा हुई और मुझे नहीं लगता कि यह कोई बुरी बात है। मैं खुद को भी यही समझाता रहता हूं। कभी-कभी आप बैठकर जरूरत से ज्यादा विश्लेषण करने लगते हैं। मैं अपने शॉट्स को सीमित न करने की कोशिश करता हूं। मैंने सुबह सामान्य से कुछ ज्यादा शॉट खेले, लेकिन इससे मुझे कोई निराशा नहीं हुई। उनके सलामी जोड़ीदार यशस्वी जायसवाल 24 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद राहुल ने साई सुदर्शन के साथ 139 रनों की साझेदारी की। 

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई के रहने वाले सुदर्शन का प्लेइंग इलेवन में होना तय नहीं था, क्योंकि देवदत्त पडिक्कल को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की प्रबल संभावना थी। हालांकि, टीम प्रबंधन ने सुदर्शन का समर्थन किया, जो अपने पहले टेस्ट शतक से 19 रन से चूक गए। उनके पवेलियन लौटने के बाद शुभमन गिल ने खेल पर अपना दबदबा कायम किया और टेस्ट क्रिकेट में अपना 11वां शतक बनाया। भारतीय कप्तान कहीं भी दबाव में नहीं दिखे और मेहमान टीम की हर रणनीति का उन्होंने बखूबी सामना किया। 26 वर्षीय गिल ने दिन का खेल नाबाद 103 रनों पर समाप्त किया और अपने घरेलू मैदान पर खेलते हुए गिल टेस्ट के दूसरे दिन इसे दोगुना करने की कोशिश करेंगे।

केएल राहुल के आउट होने के बाद ऋषभ पंत क्रीज पर आए। विकेटकीपर-बल्लेबाज पंत को पूरे आईपीएल 2026 में संघर्ष करना पड़ा और अंततः उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छोड़ दी। टेस्ट से पहले उन पर काफी दबाव था, लेकिन पंत ने बीच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल नाबाद 50 रन पर समाप्त किया। उन्होंने अब तक तीन छक्के लगाए हैं और कल भी इसी लय को बरकरार रखने की उम्मीद करेंगे।
 

इसे भी पढ़ें: Afghanistan ODI Series: Virat Kohli बाहर, उनकी जगह Yashasvi Jaiswal लेंगे


इस बीच, अफगानिस्तान को मैच में वापसी करने के लिए कुछ तेज विकेट लेने होंगे। भारत ने दिन का खेल 368/3 पर समाप्त किया और अगर मेहमान टीम रविवार सुबह मेजबान टीम पर किसी भी तरह का दबाव बनाने में विफल रहती है, तो वे मुकाबले से बाहर हो सकते हैं।
 
For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.

Continue reading on the app

Bhanu Saptami 2026: अधिकमास भानु सप्तमी व्रत से प्राप्त होता है यश, मिलती है सफलता

7 जून को अधिकमास भानु सप्तमी व्रत है, हिन्दू धर्म में भानु सप्तमी का बहुत महत्व है। इस व्रत से जीवन में आती है सुख-शांति तो आइए हम आपको अधिकमास भानु सप्तमी व्रत का महत्व एवं पूजा विधि के बारे में बताते हैं। 

जानें अधिकमास भानु सप्तमी के बारे में  

पंडितों के अनुसार अधिकमास भानु सप्तमी हिंदू धर्म से जुड़ा एक खास व्रत है जो सूर्य भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्यदेव की आराधना और पूजा करने से साधक के बिगड़े काम पूरे हो जाते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। भानु सप्तमी उस दिन का भी संकेत देती है, जब भगवान सूर्य अपने रथ पर पृथ्वी पर आये थे। भगवान सूर्य के आगमन ने पृथ्वी पर नया जीवन ला दिया। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, सूर्यदेव एक पवित्र कमल के फूल पर स्वर्ण रथ पर सवार थे। सात घोड़े रथ खींचते हैं और ये घोड़े सूर्य की सात किरणों को दर्शाते हैं। हिंदू परंपराओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति भगवान सूर्य की पूजा करने के साथ भानु सप्तमी का व्रत रखता है, उन्हें अच्छी सेहत और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष अधिकमास भानु सप्तमी 7 जून को पड़ रही है। 

इसे भी पढ़ें: Dhar Bhojshala का 700 साल पुराना इंतजार खत्म, ASI रिपोर्ट के बाद अब गूंजेंगे स्तुति मंत्र

अधिकमास भानु सप्तमी का आध्यात्मिक महत्व भी है खास 

पुराणों के अनुसार अधिकमास भानु सप्तमी पर जो भी व्यक्ति भगवान सूर्य देव की पूजा करता है, उसे धन, दीर्घायु और अच्छी सेहत का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भानु सप्तमी के दिन भक्त सूर्य देव को खुश करने के लिए कई पवित्र सूर्य स्तोत्रों और आदित्य हृदय स्तोत्रों का जाप करने के साथ सूर्यदेव का महा-अभिषेक भी करते हैं।

अधिकमास भानु सप्तमी व्रत करने से होते हैं ये लाभ 

पंडितों के अनुसार अधिकमास भानु सप्तमी व्रत बहुत खास होता है, इस दिन भगवान सूर्य की उपासना और और भानु सप्तमी के दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को कई तरह के लाभ मिलते हैं। भानु सप्तमी की पूर्व संध्या पर पवित्र गंगा में स्नान करने से भक्तों को अपने जीवन में कभी भी आर्थिक चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता है। भानु सप्तमी के दिन पूजा करने वाली महिलाओं को अपने अगले जन्म में अच्छे और योग्य वर की प्राप्ति होती है। भानु सप्तमी के दिन व्रत रखने से स्वस्थ और सुखी जीवन के साथ भगवान सूर्य का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। सूर्य देव के आशीर्वाद से भक्त घातक रोगों से छुटकारा पाने के साथ सच्चे ज्ञान को प्राप्त करते हैं।

अधिकमास भानु सप्तमी व्रत के दिन ऐसे करें पूजा 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास भानु सप्तमी व्रत बहुत खास होता है। इस भानु सप्तमी व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल फूल, अक्षत और रोली डालें। उगते हुए सूर्य को यह जल अर्पित करें और सूर्य मंत्रों का जाप करें। पूजा के दौरान सूर्य देव को लाल पुष्प, गुड़, गेहूं और लाल वस्त्र अर्पित करना और आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है।

अधिकमास भानु सप्तमी व्रत पर दीपदान का है विशेष महत्व

पंडितों के अनुसार अधिकमास में दीपदान (दीपक जलाना) सबसे उत्तम माना गया है। पंचमी की शाम को घर के मंदिर में, तुलसी के पौधे के पास और संभव हो तो किसी पवित्र नदी या पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जरूर जलाएं।

अधिकमास भानु सप्तमी व्रत पर करें दान इन चीजों का दान 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भानु सप्तमी के दिन लाल वस्त्र, गुड़, गेहूं, तांबे के बर्तन का दान करना शुभ माना गया है। इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। साथ ही व्यक्ति को मान-सम्मान, आत्मविश्वास और उन्नति का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और दान-पुण्य करना भी इस दिन विशेष फलदायी माना गया है।

अधिकमास भानु सप्तमी पर व्रत रखें और नमक का त्याग करें

 पंडितों के अनुसार इस दिन विधिपूर्वक व्रत करना चाहिए। इस दौरान नमक का सेवन न करें। साथ ही व्रत से जुड़े नियम का पालन जरूर करें। इससे आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होगा। साथ ही सूर्य देव आपकी हर मुरादें पूरी करेंगे।

अधिकमास भानु सप्तमी व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा भी है खास 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी के व्रत और कथा का सीधा संबंध भगवान श्रीकृष्ण और जामवंती के पुत्र साम्ब से जुड़ा है। एक बार श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब को अपनी शारीरिक सुंदरता और रूप-रंग पर बहुत अहंकार हो गया। अपने इसी घमंड में आकर उन्होंने महर्षि दुर्वासा का अपमान कर दिया। साम्ब के इस व्यवहार से क्रोधित होकर महर्षि दुर्वासा ने उन्हें कुष्ठ रोग (कोढ़) होने का श्राप दे दिया। साम् के कुष्ठ रोग से ग्रस्त हो जाने पर पूरी द्वारका में शोक की लहर दौड़ गई। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पुत्र साम्ब को सूर्य देव की उपासना करने की सलाह दी। पिता की आज्ञा मानकर साम्ब ने चंद्रभागा नदी (वर्तमान कोणार्क, ओडिशा) के तट पर कठोर तपस्या की। उन्होंने कई वर्षों तक केवल सूर्यदेव का ध्यान करते हुए उनका विधिवत व्रत रखा।साम् की सच्ची भक्ति और कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर, भगवान सूर्य ने उन्हें दर्शन दिए और उनके सभी पापों व श्राप का निवारण कर दिया। सूर्य देव की कृपा से साम्ब का शरीर पहले जैसा निरोगी और अत्यंत कांतिवान हो गया।तब से ही यह मान्यता है कि जो भी भक्त भानु सप्तमी के दिन पूर्ण श्रद्धा और उपवास के साथ सूर्यदेव की पूजा करता है, उसे असाध्य रोगों, विशेषकर त्वचा और नेत्र संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है।

अधिकमास भानु सप्तमी के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भानु सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना और सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। देर तक सोना इस दिन अशुभ माना जाता है। इस दिन मांसाहार, शराब, लहसुन-प्याज और अन्य तामसिक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए और सात्विक भोजन को प्राथमिकता दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी पर क्रोध, कटु वचन और किसी का अपमान करने से पूजा का पुण्य फल कम हो सकता है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन दान न करने की बजाय अपनी सामर्थ्य के अनुसार पुण्य कार्य करें। भानु सप्तमी पर तांबे के पात्र में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है।

अधिकमास भानु सप्तमी पर करें ये शुभ कार्य

पंडितों के अनुसार अधिकमास भानु सप्तमी सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ कुछ गलतियों से बचना भी जरूरी माना गया है। श्रद्धा और नियमपूर्वक सूर्य उपासना करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। पंडितों के अनुसार सूर्य मंत्रों का जाप करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। लाल वस्त्र और गेहूं का दान करें। सूर्य देव को गुड़ और लाल फूल अर्पित करें। गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।

अधिकमास भानु सप्तमी का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी के दिन ही पहली बार सूर्य देव अपने 7 घोड़ों वाले रथ पर सवार होकर प्रकट हुए थे। इस दिन सूर्य पूजा करने से मान-सम्मान, यश और उच्च पद की प्राप्ति होती है। कुंडली का सूर्य दोष दूर होता है। सूर्य देव की कृपा से धन और धान्य की प्राप्ति होती है, त्वचा रोग से मुक्ति मिलती है।

- प्रज्ञा पाण्डेय

Continue reading on the app

  Sports

Mens U18 Asia Cup: भारत बना चैंपियन, फाइनल में मेजबान जापान को 4-1 से रौंदा

Mens U18 Asia Cup 2026: भारत ने जापान को हराकर मेंस अंडर-18 एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम किया. भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान जापान को उसी के घर में 4-1 से शिकस्त दी. Sat, 06 Jun 2026 18:46:57 +0530

  Videos
See all

Amish Devgan | कांग्रेस की चाहत अस्थिर भारत? #viralnews #viralvideo #shorts #congress #aarpaar #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-06T14:06:58+00:00

Khan Sir | सरेंडर की चर्चाओं के बीच खान सर की कोर्ट में नहीं बढ़ी बात #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-06T14:08:01+00:00

Aar Paar With Amish Devgan:भारत की 'सुपर ग्रोथ' पर विपक्ष की 'इमरजेंसी' सोच | Rahul gandhi | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-06T14:09:05+00:00

कॉकरोच जनता पार्टी ने दी 7 दिन की मोहलत [Cockroach Janta Party Ultimatum] #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-06T14:06:28+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers