Responsive Scrollable Menu

कितनी देर फुकेट से आ रही फ्लाइट पायलट के कंट्रोल से थी बाहर? गांजा पीकर विमान उड़ाने वाले केस में बड़ा खुलासा

थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को हुए टर्बुलेंस की शुरुआती जांच में बड़ा तकनीकी खुलासा हुआ है. शुरुआती जांच में सामने आया कि प्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी डीएफडीआर की रीडिंग के अनुसार, विमान के अहम फ्लाइट कंट्रोल्स करीब 4 सेकंड तक काम ही नहीं कर रहे थे, जिस वजह से प्लेन आउट ऑफ कंट्रोल 300 फीट नीचे गिर गया. हादसे में यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चोटें आईं हैं. 

Continue reading on the app

पैकेज्ड फूड उत्पादों की लेबलिंग और विज्ञापन नियमों पर एफएसएसएआई ने आयोजित किया प्रशिक्षण कार्यक्रम, उपभोक्ता जागरूकता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को बताया कि उसने खाद्य कारोबार संचालकों (एफबीओ) के लिए खाद्य उत्पादों की लेबलिंग, डिस्प्ले, विज्ञापन और दावों से जुड़े नियमों पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। यह प्रशिक्षण सत्र ऐसे समय में की गई है जब पैकेज्ड फूड उत्पादों पर पोषण संबंधी जानकारी और वार्निंग लेबल को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य और उपभोक्ता जागरूकता पर व्यापक चर्चा चल रही है और एफएसएसएआई देश भर में खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को लेकर खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है।

एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि अंडरस्टैंडिंग लेबलिंग एंड डिस्प्ले एंड एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स रेगुलेशंस विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खाद्य उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्राधिकरण के अनुसार, कार्यक्रम में उद्योग की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि खाद्य कंपनियां लेबलिंग और विज्ञापन नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीरता दिखा रही हैं।

यह प्रशिक्षण ऐसे समय आयोजित किया गया है जब अधिक चीनी, नमक और संतृप्त वसा वाले पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर स्पष्ट पोषण संबंधी चेतावनी लेबल लगाने की मांग तेज हो रही है। उपभोक्ता संगठनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पैकेजिंग के सामने वाले हिस्से पर स्पष्ट चेतावनी देने से उपभोक्ताओं को स्वस्थ विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और एफएसएसएआई से सवाल पूछे थे। शीर्ष अदालत ने पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर फ्रंट-ऑफ-पैक वार्निंग लेबल लागू करने में हो रही देरी पर चिंता जताई और कहा कि विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारडीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने सरकार से पूछा था कि मजबूत पोषण चेतावनी प्रणाली लागू करने की दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को पर्याप्त प्राथमिकता दी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि खाद्य पैकेट के सामने स्पष्ट और सहज दिखने वाली चेतावनियां उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद कर सकती हैं।

अदालत का मानना है कि लोगों को यह जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए कि किसी उत्पाद में चीनी, नमक या वसा की मात्रा अधिक है या नहीं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने उन तर्कों पर भी सवाल उठाए थे जिनमें कहा गया था कि कड़े वार्निंग लेबल से खाद्य उत्पाद निर्माताओं के कारोबार पर असर पड़ सकता है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा था कि अंतिम निर्णय उपभोक्ता का होता है और व्यावसायिक हितों को सार्वजनिक स्वास्थ्य से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित लेबलिंग ढांचे का पूरा विवरण मांगा था और जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया था। साथ ही अदालत ने संकेत दिया था कि यदि ठोस प्रगति नहीं दिखाई गई तो वह आगे आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है।

एक पूर्व सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और पोषण चेतावनी प्रणाली लागू करने में व्यावहारिक चुनौतियां हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि भारत सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों में देरी के लिए विदेशी मानकों का हवाला नहीं दे सकता।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Bangladesh beat Australia: बांग्लादेश ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में चटाई धूल, 4 दिन में जीता पहला टेस्ट

Bangladesh historic win over Australia: बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 7 टेस्ट खेले हैं. उन 7 टेस्ट में बांग्लादेश को मिली ये सिर्फ दूसरी जीत है. मगर फिर भी ये ऐतिहासिक क्यों है? आइए जानते हैं. Sun, 16 Aug 2026 10:36:17 +0530

  Videos
See all

Fear of Gen-Z | किस चीज से सबसे ज्यादा डरता है देश का GEN-Z? #genznews #viralnews #viral #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T05:35:35+00:00

‘अटल जी आज भी प्रेरणा हैं’ पुण्यतिथि पर CM Yogi का विशेष संदेश | UP News | Atal Bihari Vajpayee #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T05:43:05+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers