India France Defense Partnership: वायुसेना प्रमुख की फ्रांस यात्रा, मजबूत हुई दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने फ्रांस की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है. इस दौरान दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी सामरिक और रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया.
द्विपक्षीय वार्ता
गौरतलब है कि वायुसेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित मेगा डील को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है. फ्रांस की वायु एवं अंतरिक्ष सेना के मुख्यालय बालार्ड में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना प्रमुख जनरल जेरोम बेलांजे के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस अवसर पर उनका सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया. दोनों पक्षों ने वायु सेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और भविष्य की साझेदारी को और व्यापक बनाने पर चर्चा की.
सैन्य शिक्षण संस्थान
यात्रा के दौरान वायु सेना प्रमुख ने फ्रांस के राष्ट्रपति के सैन्य स्टाफ प्रमुख जनरल विन्सेंट गिरो से भी मुलाकात की. उन्होंने पेरिस स्थित प्रतिष्ठित सैन्य शिक्षण संस्थान 'एकोल द गेर' और 'एकोल मिलिटेयर' में अधिकारियों को संबोधित किया. इस दौरान भारत से विनिमय कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारी कैडेट भी मौजूद रहे.
रक्षा कंपनियों के साथ बैठकें
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मोंट-दे-मार्सां एयर कॉम्बैट सेंटर का दौरा कर वहां की परिचालन क्षमताओं का अवलोकन किया. इसके अलावा उन्होंने ऑरलियॉं एयर बेस से ए-400एम सैन्य परिवहन विमान में परिचयात्मक उड़ान भी भरी. वायुसेना प्रमुख के इस कदम से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और पारस्परिक समझ को बढ़ावा मिला. दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू फ्रांस की प्रमुख रक्षा कंपनियों के साथ बैठकें रहीं.
मेक इन इंडिया
वायुसेना प्रमुख ने डसॉल्ट एविएशन, थेल्स, सफ्रान और एमबीडीए के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इन चर्चाओं में रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग, स्वदेशीकरण और 'मेक इन इंडिया' पहल को आगे बढ़ाने के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया.
राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद
गौरतलब है कि भारत और फ्रांस के बीच प्रस्तावित 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा जारी है. जानकारी के अनुसार, भारत ने 1 जून को फ्रांसीसी सरकार को लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपए की सरकार-से-सरकार डील के लिए लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (एलओआर) जारी किया है. प्रस्तावित सौदे के तहत 114 में से 94 राफेल विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन किसी भारतीय साझेदार के साथ मिलकर उत्पादन करेगी.
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भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण
विशेषज्ञों का मानना है कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का यह दौरा न केवल भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों को नई दिशा देगा, बल्कि भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक तकनीक के हस्तांतरण और देश में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा.
स्रोत: आईएएनएस (IANS)
डिस्कलेमर- हेडिंग, सबहेड और समरी को छोड़कर पूरी स्टोरी न्यूज एजेंसी IANS की है.
Oil India Andaman gas discovery: अंडमान के अपतटीय ब्लॉक में ऑयल इंडिया ने की प्राकृतिक गैस की नई खोज, तीसरे खोजी कुएं में हाइड्रोकार्बन की पुष्टि
सरकारी महारत्न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने शुक्रवार को अंडमान के उथले समुद्री (अपतटीय) ब्लॉक में अपने तीसरे खोजी कुएं में प्राकृतिक गैस की नई खोज की घोषणा की. कंपनी ने कहा कि यह खोज इस क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी का एक और महत्वपूर्ण संकेत है.
कंपनी के अनुसार, विजयपुरम-3 (स्थान ओएईबी) नामक यह कुआं ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (ओएएलपी) के तहत ऑफशोर अंडमान ब्लॉक एएन-ओएसएचपी-2018/1 में ड्रिल किया गया है. यह कुआं अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित है, जहां पानी की गहराई 355 मीटर है. कंपनी ने बताया कि ड्रिलिंग कार्य इयोसीन भू-स्तर में 1,900 मीटर से अधिक गहराई तक किया गया.
प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की पुष्टि
एक्सचेंज फाइलिंग में ऑयल इंडिया ने बताया कि कुएं के प्रारंभिक उत्पादन परीक्षण में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है. छिद्रण (परफोरेशन) के बाद लगातार गैस जलती हुई दिखाई दी, जो गैस की उपलब्धता का संकेत है. कंपनी ने बताया कि कुएं में दबाव तेजी से बढ़ा और इसके बाद गैस का उत्पादन शुरू हो गया.
गैस के नमूनों का परीक्षण
ऑयल इंडिया ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में कहा, "ऑयल इंडिया लिमिटेड को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी के तहत ऑफशोर अंडमान ब्लॉक एएन-ओएसएचपी-2018/1 में अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से 15 किलोमीटर दूर और 355 मीटर जल गहराई पर ड्रिल किए गए तीसरे खोजी कुएं विजयपुरम-3 (स्थान ओएईबी) में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी मिली है." कंपनी ने कहा कि फिलहाल गैस के नमूनों का परीक्षण किया जा रहा है ताकि उसकी संरचना और ऊष्मीय क्षमता (कैलोरिफिक वैल्यू) का पता लगाया जा सके. इसके साथ ही समस्थानिक (आइसोटोप) अध्ययन भी किया जा रहा है, जिससे हाइड्रोकार्बन के स्रोत और उत्पत्ति को समझने में मदद मिलेगी.
हाइड्रोकार्बन की दूसरी पुष्टि
यह अंडमान अपतटीय ब्लॉक में हाइड्रोकार्बन की दूसरी पुष्टि है. इससे पहले सितंबर 2025 में दूसरे खोजी कुएं विजयपुरम-2 (स्थान ओएईए) में भी प्राकृतिक गैस की खोज हुई थी. अब तक इस ब्लॉक में तीन खोजी कुएं ड्रिल किए जा चुके हैं, जिनमें से दो में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी के संकेत मिले हैं.
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कंपनी ने इस नई खोज को एक महत्वपूर्ण संकेतक बताया है, जो इस क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन के स्रोत, उनके प्रवाह मार्ग या संभावित भंडार की मौजूदगी की ओर इशारा करता है. ऑयल इंडिया का मानना है कि यह खोज भविष्य में क्षेत्र में होने वाली खोज और उत्पादन गतिविधियों की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
स्रोत: आईएएनएस (IANS)
डिस्कलेमर- हेडिंग, सबहेड और समरी को छोड़कर पूरी स्टोरी न्यूज एजेंसी IANS की है.
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