अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार 60,000 डॉलर के नीचे फिसला बिटकॉइन
नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार 60,000 डॉलर के स्तर से नीचे गिर गया। इसके साथ ही बिटकॉइन में जारी गिरावट और तेज हो गई है। अक्टूबर में 1.26 लाख डॉलर से अधिक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद से यह अपनी कीमत का आधे से ज्यादा हिस्सा गंवा चुका है।
शनिवार सुबह बिटकॉइन में करीब 7 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत 59,101 डॉलर तक पहुंच गई। बाद में यह 59,743.21 डॉलर के आसपास कारोबार करता देखा गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बिटकॉइन पर दबाव का एक बड़ा कारण तरलता (लिक्विडिटी) में बदलाव है, खासकर संस्थागत निवेशकों की ओर से निवेश कम किया जाना।
साथ ही निवेशकों की पूंजी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है, जिससे क्रिप्टोकरेंसी बाजार से पूंजी निकल रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि सोने और एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बढ़ती दिलचस्पी ने भी क्रिप्टोकरेंसी की मांग को प्रभावित किया है।
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को लेकर निवेशकों के बदले हुए नजरिए का भी क्रिप्टो बाजार पर असर पड़ा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या बिटकॉइन 60,000 से 62,000 डॉलर के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर को बनाए रख पाता है या नहीं।
यदि यह स्तर बना रहता है तो बाजार में निवेशकों का भरोसा फिर से लौट सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश प्रवाह, संस्थागत भागीदारी, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और भू-राजनीतिक परिस्थितियां निकट भविष्य में बिटकॉइन की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार के अगले विकास चरण को स्पष्ट नियामकीय ढांचे, स्टेबलकॉइन में नवाचार और वास्तविक परिसंपत्तियों के टोकनाइजेशन से गति मिलेगी।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अल्पकालिक कीमतों में उतार-चढ़ाव पर ध्यान देने के बजाय अपने निवेश अवधि, जोखिम प्रबंधन और पोर्टफोलियो आवंटन पर अधिक फोकस करें।
क्रिप्टो मार्केट में उत्साह उस समय और कम हो गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन पद के लिए अपनी पसंद बताया।
निवेशकों को आशंका है कि वॉर्श के नेतृत्व में फेडरल रिजर्व अपेक्षाकृत सख्त मौद्रिक नीति अपना सकता है, जिससे केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट छोटी होगी और बाजार में उपलब्ध तरलता कम हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यही तरलता अब तक जोखिम वाली परिसंपत्तियों, खासकर क्रिप्टोकरेंसी, को समर्थन देती रही है।
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर लंबे समय से दबाव बना हुआ है क्योंकि संस्थागत निवेशक लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि केवल जनवरी में ही अमेरिका के स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से 3 अरब डॉलर से अधिक की निकासी दर्ज की गई थी।
बाजार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट जारी रहती है तो क्रिप्टो माइनिंग कंपनियों पर नकदी प्रवाह का दबाव बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में कई माइनर्स को मजबूरन अपनी होल्डिंग बेचनी पड़ सकती है, जिससे बाजार में और दबाव पैदा हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा चुनाव जीतने के बाद बिटकॉइन निवेशकों की पहली पसंद बन गया था और इसकी कीमत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।
हालांकि, अब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, संस्थागत निवेश में कमी और बदलती निवेश प्राथमिकताओं के कारण इस प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में लगातार दबाव देखने को मिल रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
BTST Trading क्या है और बिना शेयर डिमैट अकाउंट में आए ट्रेड कैसे कर सकते हैं?
अगर आप Share Market में ट्रेडिंग करते हैं, तो शायद आप BTST (Buy Today, Sell Tomorrow) ट्रेडिंग के बारे में जानते होंगे अगर नहीं, तो इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है. BTST एक ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी है जिसमें इन्वेस्टर आज शेयर खरीदता है और उन्हें अगले ही ट्रेडिंग दिन बेच देता है. सबसे जरूरी बात यह है कि BTST ट्रेडिंग में शेयरों का आपके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट होना जरूरी नहीं है. T+1 सेटलमेंट साइकल के हिसाब से शेयरों को डीमैट अकाउंट में पहुंचाने में एक दिन लगता है, लेकिन BTST के साथ इन्वेस्टर उस ट्रांसफर के पूरा होने का इंतजार किए बिना ही अगले दिन उन्हें बेच सकता है.
Fresh Issue VS OFS में क्या अंतर है? IPO में निवेश से पहले जरूर समझें
उदाहरण के लिए समझें
अगर आप सोमवार को किसी कंपनी के 50 शेयर खरीदते हैं और मंगलवार को उनकी कीमत बढ़ जाती है तो आप उन्हें मंगलवार को ही बेच सकते हैं, भले ही वे अभी तक आपके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट न हुए हों.
BTST ट्रेडिंग के कई फायदे हैं जो निवेशकों को आकर्षित करते हैं. यह आपको कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने और रातों-रात होने वाले "Gap-Up" प्राइस मूवमेंट का फायदा उठाने का मौका देता है. साथ ही इसमें आपको लंबे समय के लिए अपनी पूंजी फंसाकर रखने की जरूरत नहीं पड़ती.
National Stock Exchange (NSE) ने कैसे निवेशकों के लिए शेयर खरीदना और बेचना बनाया आसान?
हालांकि, इसमें कुछ जोखिम भी शामिल हैं जैसे, अगले दिन शेयर की कीमत गिरने से नुकसान हो सकता है. कुछ मामलों में अगर सेलर शेयर डिलीवर नहीं कर पाता है तो एक्सचेंज की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिससे अतिरिक्त नुकसान हो सकता है.
BTST Trading किन लोगों के लिए सही है?
- BTST ट्रेडिंग Short-term ट्रेडर्स के लिए बेहतरीन मानी जाती है
- खासकर उनके लिए जो मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव पर बारीकी से नजर रखते हैं.
- यह उन लोगों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है जो मुनाफा कमाने के लिए जोखिम उठाने को तैयार हैं.
Bombay Stock Exchange (BSE) क्या है? जानिए भारत के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज के बारे में
Overnight Trading क्या होती है? और जानें इसके फायदे, जोखिम और काम करने का तरीका
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation