वैभव सूर्यवंशी: 15 साल का वंडर ब्यॉय जिसने उम्र की दीवार के साथ रिकॉर्ड भी तोड़े और क्रिकेट को लेकर सोच बदल दी
15 साल... इस उम्र में आप और हम क्या कर रहे होंगे, बहुत ज्यादा दिमाग पर जोर डालने की शायद ही जरूरत पड़ेगी, आपका और हमारा दिन का बड़ा हिस्सा स्कूल जाने और वहां से आने में निकल जाता था, बाकी बचा किताबों और मैदान के दायरों में खत्म हो जाता था, लेकिन वैभव सूर्यवंशी अलग हैं, जिस उम्र में हम और आप गली-मोहल्लों में छक्के-चौके लगाकर अपना सीना चौड़ा कर लेते थे, उसी उम्र में वो बड़े-बड़ों के छक्के छुड़ा रहे और वो भी पूरी तबीयत से।
सामने कोई भी हो, वैभव में कोई डर नहीं और न ही कोई रियायत देते। इसके लिए बहुत पीछे झांकने की जरूरत नहीं, आईपीएल 2026 2 दिन पहले ही खत्म हुआ है और उसमें वैभव की चमक हर कोई देख चुका।
आईपीएल जैसे दुनिया के सबसे बड़े टी20 टूर्नामेंट में 776 रन बनाना और वह भी 237 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से, ये किसी कारनामे से कम नहीं। बिहार के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में जो किया, उसने क्रिकेट की उम्र संबंधी सारी धारणाओं को चुनौती दे दी। आमतौर पर युवा टैलेंट अपनी उम्र के खिलाड़ियों के बीच में ही चमकता है, ऐसा अक्सर देखा गया है लेकिन वैभव तो किसी और ही मिट्टी के बने लगते। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना नाम कमा चुके खिलाड़ियों के आगे अपना दबदबा बनाया है।
Most Sixes in Single IPL Season:
— Ajay Jadeja (@AjayJadeja171) May 27, 2026
1) Vaibhav Suryavanshi - 60 - (2026)
2) Chris Gayle - 59 - (2012)
3) Andre Russell - 52 - (2019)
4) Chris Gayle - 51 - (2013)
5) Jos Buttler - 45 - (2022)
Vaibhav Sooryavanshi - The New Universe Boss Baby???? #SRHvsRR pic.twitter.com/YMj3KDE846
वैभव वाकई वंडर ब्यॉय हैं
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए वैभव ने 16 पारियों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237 रहा, जो किसी अनुभवी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज के लिए भी अविश्वसनीय माना जाता। पूरे सीजन में उन्होंने 72 छक्के उड़ाए और एक नया आईपीएल रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था। लेकिन, गेल ने जब ये कारनामा किया था, तब वो 32 साल के थे और इंटरनेशनल क्रिकेट में खौफ का दूसरा नाम बन चुके थे। वैभव ने उनसे आधी उम्र में ही ये कर दिखाया।
Vaibhav Sooryavanshi becomes the youngest-ever Orange Cap winner. ????#VaibhavSooryavanshi #RCBvsGTpic.twitter.com/wHJbZlqZLW
— OneCricket (@OneCricketApp) May 31, 2026
आंकड़ों से वैभव को नहीं समझा जा सकता
वैभव की कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं। असली कहानी उस आत्मविश्वास और यकीन की है, जिसने उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों के सामने भी बेखौफ बनाए रखा। 7 अप्रैल 2026 की शाम इसका सबसे बड़ा सबूत था। सामने थे भारत के महान तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह। पहली बार उनका सामना करने वाला 15 साल का बल्लेबाज दबाव में आ सकता था, लेकिन वैभव ने अगले ही मिनट बुमराह की गेंद को हवाई सैर करा दी। बुमराह को भी एकबारगी यकीन नहीं हुआ, उनकी हल्की सी मुस्कान ने मानो तस्दीक कर दी, इस बच्चे में दम है और आगे चलकर ये उस्ताद बन सकता।
वैभव ने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के उड़ाए
पूरे सीजन में विश्व कप विजेता खिलाड़ियों, अंतरराष्ट्रीय सितारों और अनुभवी गेंदबाजों ने उन्हें रोकने की बड़ी कोशिश की। लेंथ गेंद से बात नहीं बनी तो लगातार बाउंसर मारे, लेकिन वैभव आगे बढ़ते रहे। 16 में से 12 पारियों में उन्होंने 30 से ज्यादा रन बनाए और 10 बार 200 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। अब इसे तुक्का तो नहीं कहा जा सकता और न ही वन मैच वंडर। एक बात तो साफ है कि उनकी बल्लेबाजी में बुनियादी मजबूती है। तभी तो सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर भी कह चुके हैं वैभव स्लॉगर यानी सिर्फ बल्ला घुमाने वाला खिलाड़ी नहीं, बल्कि उसके पास एक सोच और तकनीक है।
वैभव स्लॉगर नहीं, उनके पास गेम सेंस
वैभव की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खूबी सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि खेल को समझने की क्षमता रही। उनकी तेज नजर, गेंद को जल्दी पढ़ने की क्षमता और मैच की समझ उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती। गुजरात टाइटंस ने उन्हें रोकने के लिए लगातार बाउंसर फेंकने की रणनीति अपनाई, लेकिन उन्होंने ऑफ साइड में शॉट खेलकर उसका जवाब दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में ऐसी मैच समझ बेहद दुर्लभ है।
हालांकि यह सफर पूरी तरह आसान नहीं रहा। क्वालिफायर-2 में गुजरात के खिलाफ उनकी 96 रन की पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। उसी मैच में उन्हें सिर पर गेंद भी लगी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि विरोधी टीमें अब उन्हें एक बच्चे की तरह नहीं, बल्कि सबसे बड़े खतरे की तरह देखती हैं।
Chalo, shuru karte hain! ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) May 27, 2026
Vaibhav Sooryavanshi kickstarts his six hitting ritual with yet another first over maximum!
Lijiye Bhojpuri commentary ka maza, sirf Jiohotstar par????️#TATAIPL Playoffs Eliminator ???? #SRHvRR | LIVE NOW ????https://t.co/AsF9BnOMCE pic.twitter.com/s9Xknsme7X
उनकी तुलना स्पेन के युवा फुटबॉल स्टार लामिन यामाल से की जा रही। यामाल ने 16 साल की उम्र में यूरो कप में गोल दागकर इतिहास रचा था जबकि वैभव ने आईपीएल में दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों को निशाना बनाया। हालांकि कम उम्र में मिली लोकप्रियता के साथ चुनौतियां भी आती हैं। पिछले साल भारत-पाकिस्तान के बीच हुए अंडर-19 विश्व कप फाइनल के दौरान आउट होने के बाद उनकी प्रतिक्रिया ने यह भी दिखाया कि उनमें अभी सीखने और परिपक्व होने की काफी गुंजाइश है।
वैभव भारतीय क्रिकेट की सोच बदल रहे
दूसरी तरफ वैभव का प्रभाव भारतीय क्रिकेट पर साफ दिखाई दे रहा। देश में अंडर-23 राज्य और यूनिवर्सिटी स्तर के कई टूर्नामेंट, जो पहले 50 ओवर के होते थे, अब टी20 फॉर्मेट की ओर बढ़ रहे। यह महज संयोग हो सकता, लेकिन वैभव ने बीसीसीआई और आईपीएल को यह जरूर दिखा दिया है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में कितनी बड़ी प्रतिभाएं छिपी हुई हैं।
उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता कि आईपीएल में लगभग सबसे तेज शतक लगाने के बाद सोशल मीडिया पर उनके बारे में तरह-तरह की कहानियां वायरल होने लगीं। कुछ पोस्ट में तो यहां तक दावा किया गया कि मुंबई इंडियंस उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के लिए प्राइवेट आयलैंड तक देने को तैयार थी।
14 years later, the record finally falls…to a 15-year-old. ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) May 27, 2026
Vaibhav Sooryavanshi rewrites history with 6️⃣5️⃣sixes, surpassing Chris Gayle’s iconic tally. ????#TATAIPL #SRHvRR pic.twitter.com/6hhWToYCI2
आज वैभव सूर्यवंशी सिर्फ एक युवा बल्लेबाज नहीं हैं। वह उस नई पीढ़ी का चमकदार चेहरा हैं, जो उम्र नहीं, क्षमता से पहचानी जाना चाहती। क्रिकेट इतिहास में कई महान खिलाड़ी आए, लेकिन 15 साल की उम्र में आईपीएल पर इस तरह राज करने का कोई उदाहरण शायद पहली बार देखने को मिला है।
बिहार के एक छोटे से गांव से निकले इस लड़के ने अब हजारों बच्चों और उनके माता-पिता को बड़े सपने देखने की हिम्मत दी है। वैभव की कहानी बताती है कि उम्र चाहे 15 साल हो, लेकिन सपनों की उड़ान उससे कहीं बड़ी हो सकती है।
इंग्लैंड का पूर्व कप्तान ऑस्ट्रेलिया में देगा कोचिंग, इस टीम से 2 साल के लिए किया करार
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ को बिग बैश लीग की टीम सिडनी थंडर का नया हेड कोच नियुक्त किया गया। मंगलवार को फ्रेंचाइजी ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। फ्लिंटॉफ ने टीम के साथ दो साल का करार किया है और यह यूनाइटेड किंगडम के बाहर उनका पहला कोचिंग कार्यकाल होगा।
सिडनी थंडर ने ट्रेवर बेलिस की जगह फ्लिंटॉफ को यह जिम्मेदारी सौंपी है। बेलिस पिछले पांच सीजन से टीम के कोच थे, लेकिन 2025-26 सीजन में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। सिडनी थंडर पूरे सीजन में सिर्फ दो मुकाबले जीत सकी और अंक तालिका में सबसे नीचे रही। पिछले तीन साल में यह दूसरी बार था जब टीम अंतिम स्थान पर रही।
Sydney Thunder are proud to announce Andrew 'Freddie' Flintoff | @flintoff11 as BBL Head Coach for until the end of BBL|17 ⚡️
— Sydney Thunder (@ThunderBBL) June 2, 2026
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फ्लिंटॉफ सिडनी थंडर के बने कोच
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेड कोच की दौड़ में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ियों शेन वॉटसन और डैन क्रिश्चियन के नाम भी शामिल थे, लेकिन आखिरकार फ्रेंचाइजी ने फ्लिंटॉफ पर भरोसा जताया।
कोचिंग ऑफर को लेकर उत्साहित हूं: फ्लिंटॉफ
नियुक्ति के बाद अपने पहले बयान में फ्लिंटॉफ ने इस अवसर को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि सिडनी थंडर का कोच बनना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने कहा, 'जब सिडनी थंडर को कोचिंग देने का मौका मिला तो मैं काफी उत्साहित हो गया। बचपन में टीवी पर सिडनी को देखा करता था, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि यहां आने और टीम का हेड कोच बनने का मौका मिलेगा।'
फ्लिंटॉफ ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ मैच जीतना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल बनाना है जहां खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस करें। उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि हर खिलाड़ी सीजन खत्म होने के बाद कहे कि यह साल का सबसे बेहतरीन हिस्सा था और यह ऐसी टीम है जिसके लिए वह दोबारा खेलना चाहेगा।'
फ्लिंटऑफ ने इंग्लैंड की कप्तानी भी की
47 वर्षीय फ्लिंटॉफ का अंतरराष्ट्रीय करियर शानदार रहा है। उन्होंने 1998 से 2009 के बीच इंग्लैंड के लिए 79 टेस्ट, 141 वनडे और 7 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजी और जुझारू रवैये के कारण वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय क्रिकेटरों में गिने जाते हैं।
कोचिंग की बात करें तो फ्लिंटॉफ इससे पहले द हंड्रेड टूर्नामेंट में नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के हेड कोच रह चुके हैं। अक्टूबर 2024 से वह इंग्लैंड लायंस टीम के प्रभारी भी हैं और ऑस्ट्रेलिया के दो दौरों में टीम का मार्गदर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा 2023 में उन्होंने इंग्लैंड की सीनियर व्हाइट-बॉल टीम के साथ भी कोचिंग स्टाफ में काम किया था।
अब सिडनी थंडर को उम्मीद है कि फ्लिंटॉफ के अनुभव और नेतृत्व में टीम अगले सीजन में शानदार वापसी करेगी और बीबीएल में फिर से मजबूत दावेदार बनकर उभरेगी।
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