प्रज्ञानानंदा नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने:फाइनल राउंड में जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराया; वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार हराया
भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीत लिया है। 20 साल के प्रज्ञानानंदा इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल राउंड में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। टूर्नामेंट के आखिरी दिन प्रज्ञानानंदा 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे। उन्होंने क्लासिकल मुकाबला जीतकर 3 अंक हासिल किए और कुल 18 अंकों के साथ खिताब अपने नाम कर लिया। आखिरी राउंड में पलटी बाजी, वेस्ली टाईब्रेकर जीतने के बावजूद हारे टूर्नामेंट के आखिरी राउंड में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 15.5 अंकों के साथ टॉप पर थे। लेकिन उनका मुकाबला ड्रॉ रहा और फैसला आर्मागेडन टाईब्रेकर में गया। इससे प्रज्ञानानंदा के लिए खिताब जीतने का रास्ता खुल गया। वेस्ली सो ने टाईब्रेकर तो जीत लिया, लेकिन उन्हें केवल 1.5 अंक मिले। इस तरह उनके कुल 17 अंक हुए, जो प्रज्ञानानंदा से एक कम थे। फ्रांस के अलीरजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। आखिरी दौर में मैग्नस कार्लसन ने गुकेश को हराया, लेकिन वह भी खिताब नहीं जीत सके। कार्लसन 13 अंकों के साथ 5वें स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार हराया इस टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में प्रज्ञानानंदा का प्रदर्शन साधारण रहा, लेकिन बाद के मुकाबलों में उन्होंने शानदार वापसी की। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक वर्ल्ड नंबर-1 और सात बार के नॉर्वे चेस चैंपियन मैग्नस कार्लसन को दो बार क्लासिकल मुकाबलों में हराना रहा। आनंद और गुकेश भी नहीं जीत सके थे नॉर्वे चेस खिताब प्रज्ञानानंदा ने वह कर दिखाया जो भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद भी नहीं कर पाए थे। मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश भी अब तक यह टूर्नामेंट नहीं जीत सके हैं। 2013 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में पहली बार किसी भारतीय ने खिताब जीता है। प्रज्ञानानंदा दूसरी बार नॉर्वे चेस में खेल रहे थे। गुकेश 8 अंकों के साथ छठे (आखरी) स्थान पर रहे। क्या है नॉर्वे चेस का अर्मागेडन फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट हर साल होने वाले दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और रोमांचक चेस टूर्नामेंट्स में से एक है। इस साल यह टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून 2026 तक पहली बार नॉर्वे की राजधानी, ओस्लो में आयोजित किया गया था। इसमें ओपन और महिला कैटेगरी, दोनों में केवल 6-6 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जो आपस में दो-दो बार भिड़े। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है तो फैसला सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने पाकिस्तान को अंडर-18 हॉकी एशिया कप में हराया: आखिरी 15 मिनट में 3 गोल कर सेमीफाइनल जीता भारतीय अंडर-18 मेंस हॉकी टीम ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने एशिया कप के फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल में भारत का सामना शनिवार को जापान से होगा। पूरी खबर पढ़ें…
भारत-अफगानिस्तान में एकमात्र टेस्ट आज से:अफगान स्पिनर्स के सामने भारतीय बैटर्स का स्किल टेस्ट, अफ्रीका-न्यूजीलैंड ने क्लीन स्वीप किया था
भारतीय क्रिकेट टीम करीब 8 महीने बाद कोई टेस्ट मैच खेलेगी। टीम का मुकाबला शनिवार को अफगानिस्तान से होगा। यह मैच सुबह 9:30 बजे से मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मुकाबले में अफगानी स्पिनर्स भारतीय बैटर्स का स्किल टेस्ट भी लेंगे। विराट कोहली, रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा के रिटायरमेंट के बाद से भारत का बैटिंग ऑर्डर नया है। इसमें केएल राहुल के अलावा, किसी ने भी 50 मैच नहीं खेले हैं। पिछली सीरीज में टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका ने 2-0 से क्लीन स्वीप किया था। कोलकाता और गुवाहाटी की पिचों पर भारतीय बैटर्स स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते दिखे थे। गिल के सामने 2 सवाल? 1. नंबर-3 पर कौन उतरेगा? कप्तान शुभमन गिल को नंबर-3 के लिए बैटर तय करना होगा। क्योंकि, पुजारा के बाद टीम में इस पोजिशन के लिए कोई स्थायी बल्लेबाज नहीं है। टीम ने इस पोजिशन पर साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल जैसे बैटर्स को आजमाया है, लेकिन अब तक नंबर-3 पर कोई स्थायी बैटर नहीं मिला है। 2. जडेजा की जिम्मेदारी कौन संभालेगा? रवींद्र जडेजा को आराम दिया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि उनकी जिम्मेदारी कौन संभालेगा। कप्तान के पास राजस्थान के मानव सुथार और विदर्भ के हर्ष दुबे जैसे ऑप्शंस हैं। सुथार अपनी ट्रेडिशनल लेफ्ट आर्म स्पिन से प्रभावित कर रहे हैं, जबकि दुबे गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की क्षमता रखते हैं। भारत के पास 100% जीत का रिकॉर्ड भारत के नाम अफगानिस्तान के खिलाफ 100% जीत का रिकॉर्ड है। हालांकि, दोनों के बीच एक मैच ही खेला गया है। जोकि 2018 में बेंगलुरु के मैदान पर खेला गया था। यह अफगानिस्तान के करियर का पहला टेस्ट भी था। ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो... गिल और राहुल फॉर्म में, सिराज टॉप विकेट टेकर भारतीय कप्तान शुभमन गिल, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल अच्छे फॉर्म में हैं। गिल ने 1 जनवरी 2025 के बाद से अब तक 9 मैचों में 983 रन बनाए हैं। वहीं, राहुल के नाम 10 मैचों में 813 और यशस्वी जायसवाल के नाम 10 मैच में 745 रन हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा विकेट मोहम्मद सिराज ने झटके हैं। स्क्वॉड में शामिल कुलदीप यादव भी 20 विकेट ले चुके हैं। रहमत टॉप स्कोरर, राशिद को सबसे ज्यादा विकेट अफगानिस्तान ने एक जनवरी 2025 के बाद 2 मैच ही खेले हैं। इनमें सबसे ज्यादा रन रहमत शाह ने बनाए हैं। उन्होंने एक मैच की दो पारियों में 158 रन स्कोर किए हैं। जबकि राशिद खान 11 विकेट के साथ टॉप विकेट टेकर हैं। पहली बार टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा मुल्लांपुर स्टेडियम न्यू चंडीगढ़ स्थित मुल्लांपुर का महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम पहली बार टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। यहां अब तक 2 वनडे और एक टी-20 मैच खेले गए हैं। मौसम भी मैच का अहम फैक्टर बन सकता है। यहां गर्मी प्लेयर्स की परीक्षा लेगी। ट्रेनिंग में कई प्लेयर्स को मेन ग्राउंड से नेट्स तक पहुंचने के लिए भी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ा। यहां अगले 5 दिन तक बारिश के आसार नहीं हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI भारत: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल/साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे/मानव सुथार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। अफगानिस्तान- हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अब्दुल मलिक, सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह, रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह ओमरजई, अफसर जजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खारोटे, कायस अहमद और बिलाल सामी।
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