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अब तक छह बार बदल चुका है राष्ट्रीय झंडे का डिजाइन, समय के साथ बदलता गया रंग, जानें इसका इतिहास!

आज हम शान से भारतीय झंडे को फहराते हैं. तीन रंगों का ये झंडा हर भारतीय की शान है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारा झंडा अभी तक छह बार बदला जा चुका है. समय के साथ इसका रंग और डिजाइन भी बदलता गया. आइये जानते हैं हमारे झंडे का ये इतिहास.

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Partition Horrors Remembrance Day: बंटवारे के जख्म याद कर भावुक हुए PM मोदी, बोले- उजड़े परिवारों ने शून्य से खड़ी की जिंदगी

Partition Horrors Remembrance Day: 14 अगस्त को देश विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में उन लाखों लोगों को याद कर रहा है, जिन्होंने 1947 के बंटवारे के दौरान अपनों को खोया और अपना घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर हुए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस और संघर्ष को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि असहनीय पीड़ा और मुश्किलों के बावजूद लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी दोबारा खड़ी की और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

भारत की आजादी के साथ 1947 में देश के विभाजन का ऐसा दर्द भी जुड़ा, जिसे लाखों परिवार आज तक नहीं भूल पाए हैं। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन के दौरान जान गंवाने और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी ने कहा कि विभाजन ने कई परिवारों को उजाड़ दिया, लोगों को अपनों से अलग कर दिया और असहनीय पीड़ा दी। इसके बावजूद प्रभावित लोगों ने हिम्मत नहीं छोड़ी और कठिन परिस्थितियों में अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया।

PM मोदी ने याद किया बंटवारे का दर्द
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में कहा कि विभाजन का दौर ऐसा था, जिसने अनेक जिंदगियों को पूरी तरह बदल दिया। परिवार बिखर गए और लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया।

उन्होंने कहा कि इन मुश्किल परिस्थितियों से निकलकर लोगों ने शून्य से नई जिंदगी शुरू की। उन्होंने विपरीत हालात को अपनी ताकत बनाया और कठिनाइयों को सफलता में बदलते हुए देश की तरक्की में बड़ा योगदान दिया।

भाईचारे और सद्भाव का संकल्प लेने की अपील
पीएम मोदी ने विभाजन से प्रभावित लोगों की जीवन यात्रा को मानवीय जज्बे और साहस की मिसाल बताया। उन्होंने देशवासियों से भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें एकजुट रहने और मिलकर विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प मजबूत करने की प्रेरणा दे।

14 अगस्त को क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस?
भारत में हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापित परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और साहस को याद करना है।

देश के विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर और जमीन छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा था। इस दौरान हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और परिवार हमेशा के लिए बिछड़ गए।

आजादी के जश्न के साथ मिला था विभाजन का दर्द
भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गर्व और उत्सव का दिन है, लेकिन इसी दौर में विभाजन की त्रासदी ने लोगों को गहरा दर्द भी दिया।

आजादी के साथ हुए विभाजन ने लाखों लोगों को विस्थापन, हिंसा और अपनों से बिछड़ने का दर्द दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में इसी संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन लोगों की दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत ने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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  Sports

IND vs SL: ध्रुव जुरेल की जगह सरफराज खान को प्लेइंग-11 में रखना क्यों बेस्ट? सिर्फ बैटिंग नहीं, ये खूबी भी है

sarfaraz khan vs dhruv jurel: पूर्व भारतीय क्रिकेटर डब्ल्यूवी रमन ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए ध्रुव जुरेल की जगह सरफराज खान को टीम में शामिल करने की बात कही है. रमन का मानना है कि सरफराज स्पिन गेंदबाजी को बेहतर तरीके से खेलते हैं और उनका आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज श्रीलंका की परिस्थितियों में भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है. उन्होंने देवदत्त पडिक्कल को नंबर-3 पर खिलाने का भी समर्थन किया. Fri, 14 Aug 2026 18:36:13 +0530

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