साध्वी हर्षानंद ने शुरू की 11 दिन की मौन साधना, हिंदू राष्ट्र और विश्व शांति के लिए करेंगी यह कठिन तप!
धर्म और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ मॉडल से साध्वी बनीं हर्ष रिछारिया, जिन्हें अब साध्वी हर्षानंद गिरि के नाम से जाना जाता है, ने जबलपुर के पवित्र नर्मदा तट पर 11 दिन की एकांत और मौन साधना शुरू की है। दरअसल महाकुंभ में अपनी मौजूदगी को लेकर चर्चा में आईं साध्वी हर्षानंद गिरि ने शुक्रवार को मां नर्मदा तट स्थित गौरीघाट पर पूजा-अर्चना के बाद इस कठिन मौन व्रत और एकांतवास की शुरुआत की। यह साधना लगातार 11 दिनों तक चलेगी, जिसमें वह देश, समाज और विश्व कल्याण के लिए ध्यान और तपस्या करेंगी।
दरअसल एकांत साधना पर जाने से पहले साध्वी हर्षानंद गिरि ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय दुनिया युद्ध और अशांति के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता को बढ़ती महंगाई से राहत मिले और भारत एक हिंदू राष्ट्र के रूप में स्थापित हो, इसी कामना के साथ वह यह विशेष साधना कर रही हैं। साध्वी ने बताया कि वह अगले 11 दिनों तक पूरी तरह मौन रहेंगी और 15 जून को गौरीघाट पर साधना पूरी होने के बाद लोगों से फिर बातचीत करेंगी। उस समय वह अपने अनुभव और आगे की योजनाओं को भी साझा करेंगी।
साधना पूरी होने के बाद साध्वी हर्षानंद फिर गौरीघाट पहुंचेंगी
15 जून को 11 दिन की साधना पूरी होने के बाद शाम के समय साध्वी हर्षानंद फिर गौरीघाट पहुंचेंगी। वहां भव्य आरती होगी और प्रसाद वितरण के साथ उनकी यह तपस्या पूरी होगी। साध्वी का कहना है कि अगर उनके दो प्रमुख उद्देश्य पूरे हो जाते हैं, तो वह जल्द ही मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा पर निकलेंगी, जिसे वह अपने आध्यात्मिक सफर का अगला चरण मानती हैं।
जानिए साध्वी हर्षानंद गिरि ने क्या कहा?
एकांत साधना पर जाने से पहले साध्वी हर्षानंद गिरि ने मौजूद लोगों को संबोधित कहा कि जो व्यक्ति धर्म के रास्ते पर चलता है, उसे कभी-कभी एकांत में भी समय बिताना चाहिए। उनके अनुसार इस दौरान न मीडिया की जरूरत होती है, न सोशल मीडिया की और न ही समाज की भागदौड़ की। उन्होंने कहा कि एकांतवास और आत्मचिंतन से मन शांत होता है और आत्मा को शुद्ध होने का अवसर मिलता है। साध्वी ने दुनिया में चल रहे युद्धों पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है और सबसे ज्यादा परेशानी मध्यमवर्गीय परिवारों को हो रही है। उन्होंने इच्छा जताई कि दुनिया में युद्ध खत्म हों, शांति स्थापित हो, महंगाई कम हो और देश की जनता सुख-शांति से जीवन जी सके।
अपनी 11 दिन की मौन साधना के साथ साध्वी हर्षानंद गिरि ने 11 दिनों तक अन्न त्याग, जूते-चप्पल का त्याग और एकांत में रहकर मां नर्मदा के तट पर ध्यान साधना करने का भी संकल्प लिया है। इस कठिन तपस्या के पीछे उनके कई उद्देश्य हैं। पहला, अध्यात्म के रास्ते पर और गहराई से आगे बढ़ना। दूसरा, दुनिया में चल रहे युद्ध रुकें और भारत में आर्थिक संकट कम हो। तीसरा, भारत को संवैधानिक हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने की इच्छा। चौथा, गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाना। और पांचवां, देश की बेटियों को लव जिहाद जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने की कामना। इन सभी उद्देश्यों के साथ साध्वी हर्षानंद गिरि ने खुद को इस कठिन साधना में समर्पित कर दिया है, ताकि समाज और देश में सकारात्मक बदलाव आ सके।
सीहोर कलेक्टर का सख्त एक्शन, गेहूं खरीदी में गड़बड़ी पर वेयरहाउस को किया गया ब्लैकलिस्ट
सीहोर जिले में गेहूं खरीदी प्रक्रिया को साफ और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्ती दिखा रहा है। इसी के तहत सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने गेहूं खरीदी में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों के बाद एक वेयरहाउस पर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई भादाकुई स्थित ओम साईं वेयरहाउस पर की गई है, जिसे अगले एक रबी सीजन के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। कलेक्टर ने इस संबंध में वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक को पूरा मामला बताते हुए विस्तृत पत्र भी भेजा है।
दरअसल जांच के दौरान सामने आया कि ओम साईं वेयरहाउस में नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया था। जांच टीम को पता चला कि जिन किसानों की स्लॉट बुकिंग आगे की तारीखों के लिए थी, उनका गेहूं भी नियमों के खिलाफ पहले ही वेयरहाउस में जमा कर लिया गया था। यह काम खरीदी नियमों के सीधे उल्लंघन में किया गया। दरअसल स्लॉट सिस्टम इसलिए बनाया गया है ताकि खरीदी प्रक्रिया सही तरीके से और पारदर्शिता के साथ हो सके। इस तरह की गड़बड़ी से उन किसानों को परेशानी होती है, जिनकी बुकिंग सही तारीख पर थी और जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया
वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। वेयरहाउस संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। नोटिस में मिली गड़बड़ियों का पूरा जिक्र करते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। हालांकि वेयरहाउस संचालक की ओर से दिया गया जवाब प्रशासन को संतोषजनक नहीं लगा। जवाब में न तो गलती स्वीकार की गई और न ही सुधार को लेकर कोई ठोस बात रखी गई। इसके बाद कलेक्टर बालागुरू के. ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।
कलेक्टर बालागुरू के. ने मामले पर कड़ी नाराजगी जताई
दरअसल कलेक्टर बालागुरू के. ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि गेहूं खरीदी जैसे महत्वपूर्ण काम में किसी भी तरह की धांधली, गड़बड़ी या नियमों के खिलाफ काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बैक डेट में काम करने या आगे की तारीख की स्लॉट बुकिंग होने के बावजूद पहले खरीदी करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि ओम साईं वेयरहाउस को अगले रबी सीजन में खरीदी प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी दोबारा न हो।
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