अंग्रेजों ने कहा नो एंट्री तो भारतीयों ने बना दिया अपना क्लब, बहराइच के हवा महल की कहानी
बहराइच का करीब 100 साल पुराना पीतांबर टावर हवा महल, जिसे मकबूल क्लब के नाम से भी जाना जाता है, अंग्रेजों की रंगभेद नीति के खिलाफ भारतीयों के आत्मसम्मान का प्रतीक रहा है. 1933 में तैयार इस इमारत में भारतीय वकील खेल-कूद के साथ आजादी से जुड़ी रणनीतियों पर चर्चा करते थे. खास बात यह है कि इसके निर्माण में सीमेंट की जगह चूना, बेल के शरबत, राख और मौरंग के मिश्रण का इस्तेमाल किया गया था. आज यह ऐतिहासिक इमारत संरक्षण की जरूरत महसूस कर रही है.
अंग्रेजों की खौफनाक जेल में लगी थी IIT की पहली क्लास, बैरक में सिखाए गए थे टेक्निकल फॉर्मूले
First IIT Campus History Kharagpur Jail: क्या आप जानते हैं कि देश का पहला आईआईटी किसी भव्य इमारत में नहीं, बल्कि अंग्रेजों की एक कुख्यात जेल में शुरू हुआ था? जानिए हिजली डिटेंशन कैंप से आईआईटी खड़गपुर बनने की बेहद दिलचस्प कहानी, जिसने भारत में तकनीकी शिक्षा की नींव बदल दी.
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