RBI के बाद बाजार का मूड बदला: सेंसेक्स डे हाई से 650 अंक टूटा, निफ्टी भी 23300 के करीब; जानिए क्यों फिसला मार्केट
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआत शानदार रही, लेकिन दोपहर तक तस्वीर पूरी तरह बदल गई। सुबह तेजी के साथ खुले सेंसेक्स और निफ्टी ने अपने सारे शुरुआती फायदे गंवा दिए और लाल निशान में फिसल गए। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी जबकि बढ़ती महंगाई और धीमी आर्थिक वृद्धि के संकेतों ने भी बाजार का जोश ठंडा कर दिया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 357.56 अंक यानी 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 74717.57 पर पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी भी 99.8 अंक चढ़कर 23516.35 के स्तर तक पहुंचा। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। दोपहर करीब 1:50 बजे सेंसेक्स 270.33 अंक टूटकर 74,089.68 पर आ गया, जबकि निफ्टी 102.85 अंक गिरकर 23,313.70 पर कारोबार करता दिखा। यानी दिन के उच्चतम स्तर से सेंसेक्स 650 अंकों से ज्यादा टूट गया।
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह ऊंचे स्तरों पर हुई मुनाफावसूली रही। पिछले कुछ सत्रों में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी, ऐसे में निवेशकों ने बढ़त का फायदा उठाकर अपने मुनाफे को सुरक्षित करना बेहतर समझा। यही कारण रहा कि शुरुआती खरीदारी के बाद बिकवाली हावी हो गई।
इस बीच आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया, जो पहले 4.6 फीसदी था। केंद्रीय बैंक के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा है। मई से अब तक पेट्रोल 7.4 फीसदी और डीजल 8.4 फीसदी महंगा हो चुका है। रिजर्व बैंक का मानना है कि इसका असर आने वाले महीनों में उपभोक्ता महंगाई पर भी दिखाई देगा।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह भी कहा कि कमजोर मानसून और एल-नीनो की आशंका खाद्य महंगाई को बढ़ा सकती है। इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
महंगाई के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि को लेकर भी भारतीय रिजर्व बैंक का रुख बाजार को पसंद नहीं आया। केंद्रीय बैंक ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी कर दिया। यह फाइनेंशियल ईयर 2026 के अनुमानित 7.6 फीसदी विकास दर से भी कम है। इससे यह संकेत मिला कि आने वाले समय में अर्थव्यवस्था की रफ्तार कुछ धीमी रह सकती है।
वैश्विक संकेत भी बाजार के पक्ष में नहीं रहे। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी 1.3 फीसदी तक नीचे थे, जिसने निवेशकों की धारणा को और कमजोर किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI फिलहाल आर्थिक वृद्धि की बजाय महंगाई और रुपये की स्थिरता पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। हालांकि यह रणनीति लंबी अवधि में बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है, लेकिन निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
(प्रियंका कुमारी)
CMR Green Technologies IPO में निवेशकों की रिकॉर्ड खरीदारी: 3 बजे तक 122.93 गुना सब्सक्राइब; QIB ने मचाया धमाल
अगर आप IPO मार्केट को फॉलो कर रहे हैं तो CMR Green Technologies IPO ने अंतिम दिन जबरदस्त सुर्खियां बटोरी हैं। कंपनी का ₹630.88 करोड़ का IPO निवेशकों के बीच भारी लोकप्रियता हासिल कर चुका है। शुक्रवार (5 जून 2026) को दोपहर 3:33 बजे तक यह इश्यू कुल 122.93 गुना सब्सक्राइब हो गया।
सबसे बड़ी बात यह रही कि संस्थागत निवेशकों (QIB) ने आखिरी दिन जोरदार दांव लगाया, जिससे सब्सक्रिप्शन आंकड़े में बड़ी छलांग देखने को मिली। वहीं रिटेल निवेशकों ने भी IPO में शानदार भागीदारी दिखाई है।
3:33 PM तक का लेटेस्ट सब्सक्रिप्शन स्टेटस
| कैटेगरी | सब्सक्रिप्शन |
| QIB | 262.00 गुना |
| NII | 169.41 गुना |
| Retail | 24.87 गुना |
| Employee | 17.24 गुना |
| कुल | 122.93 गुना |
करीब 30.79 लाख आवेदन इस IPO में प्राप्त हुए हैं, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
GMP ने बढ़ाई लिस्टिंग गेन की उम्मीद
ग्रे मार्केट में CMR Green Technologies IPO का GMP करीब ₹70 प्रति शेयर बताया जा रहा है। यदि शेयर ऊपरी प्राइस बैंड ₹192 पर अलॉट होता है और GMP इसी स्तर पर बना रहता है, तो संभावित लिस्टिंग कीमत लगभग ₹262 प्रति शेयर हो सकती है।
इस आधार पर निवेशकों को करीब 36% तक संभावित लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि GMP केवल बाजार की धारणा दर्शाता है और वास्तविक लिस्टिंग मूल्य इससे अलग हो सकता है।
IPO की प्रमुख जानकारी
- इश्यू साइज: ₹630.88 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹182-₹192 प्रति शेयर
- लॉट साइज: 78 शेयर
- न्यूनतम निवेश: ₹14,976
- एक्सचेंज: NSE और BSE
महत्वपूर्ण तारीखें
- IPO खुला: 3 जून 2026
- IPO बंद: 5 जून 2026
- अलॉटमेंट: 8 जून 2026
- शेयर क्रेडिट: 9 जून 2026
- संभावित लिस्टिंग: 10 जून 2026
कंपनी क्या करती है?
CMR Green Technologies Limited भारत की प्रमुख नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों में से एक है। कंपनी सेकेंडरी एल्युमीनियम और जिंक अलॉय उत्पाद बनाती है, जिनका उपयोग मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल सेक्टर में किया जाता है।
इसके प्रमुख ग्राहकों में मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो, होंडा और रॉयल एनफील्ड जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी का राजस्व FY24 के ₹5,952 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹6,666 करोड़ पहुंच गया। साथ ही कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लाभप्रदता में भी सुधार दर्ज किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
IPO को मिले रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन से साफ है कि निवेशकों का कंपनी पर भरोसा मजबूत है। हालांकि निवेश का निर्णय लेते समय केवल GMP या सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर निर्भर न रहें। कंपनी के फंडामेंटल, बिजनेस मॉडल और जोखिमों का भी मूल्यांकन जरूर करें।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार और IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
FAQs
CMR Green Technologies IPO का आखिरी दिन कब है?
IPO में आवेदन करने का आखिरी दिन 5 जून 2026 है।
CMR Green Technologies IPO का GMP कितना है?
ग्रे मार्केट में GMP करीब ₹70 प्रति शेयर बताया जा रहा है।
IPO का लॉट साइज कितना है?
एक लॉट में 78 शेयर शामिल हैं।
CMR Green Technologies IPO की लिस्टिंग कब होगी?
शेयरों की संभावित लिस्टिंग 10 जून 2026 को NSE और BSE पर हो सकती है।
क्या CMR Green Technologies का IPO पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया है?
हां, तीसरे दिन सुबह 11 बजे तक IPO 11.59 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
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