राहुल गाँधी जिस इमरजेंसी के नाम पर डरा रहे हैं, क्या भारत के मौजूदा हालात में वो संभव है? जानिए संवैधानिक प्रक्रिया और इमरजेंसी लागू करने के सभी रास्ते
संविधान के तहत देशव्यापी आपातकाल के लिए केवल अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपातकाल) और अनुच्छेद 360 (आर्थिक आपातकाल) का ही प्रावधान है।
भारत का बड़ा दांव: विदेशी निवेशकों को टैक्स में बड़ी राहत, आसान सवाल-जवाबों से जानिए क्या बदलेगा?
विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया। सरकार ने इनकम टैक्स अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस, 2026 जारी कर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश से होने वाली ब्याज आय और कैपिटल गेन पर टैक्स से छूट दे दी। यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा। आइए सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि इसका क्या मतलब है और अब आगे क्या होगा?
सवाल: सरकार ने नया फैसला क्या लिया?
जवाब: अब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को सरकारी बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर आयकर नहीं देना होगा। इसका मकसद भारत के बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश बढ़ाना है।
सवाल: पहले विदेशी निवेशकों पर कितना टैक्स लगता था?
जवाब: पहले सरकारी प्रतिभूतियों से मिलने वाली ब्याज इनकम पर टैक्स लगता था। इसके अलावा सरकारी सिक्योरिटीज बेचने पर होने वाले शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर भी टैक्स देना पड़ता था। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 फीसदी तक टैक्स लागू था।
सवाल: यह छूट किन निवेशकों को मिलेगी?
जवाब: यह राहत उन विदेशी संस्थागत निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को मिलेगी जो सेबी में रजिस्टर्ड हैं और भारत की सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं।
सवाल: सरकार ऐसा क्यों कर रही?
जवाब: सरकार चाहती है कि भारत के सरकारी बॉन्ड बाजार में ज्यादा विदेशी पूंजी आए। इससे सरकारी उधारी की लागत कम हो सकती है, बाजार में तरलता बढ़ेगी और रुपये को भी मजबूती मिल सकती।
सवाल: सरकारी सिक्योरिटी होती क्या है?
जवाब: केंद्र या राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक कर्ज जुटाने के लिए जारी किए गए बॉन्ड और प्रतिभूतियों को सरकारी सिक्योरिटी कहा जाता है। इन्हें निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता।
सवाल: क्या इसमें लिस्टेड और अनलिस्टेड दोनों प्रतिभूतियां शामिल हैं?
जवाब: हां। सरकार ने साफ किया है कि लिस्टेड और गैर-सूचीबद्ध दोनों तरह की सरकारी प्रतिभूतियां इस छूट के दायरे में आएंगी।
सवाल: वर्तमान में विदेशी निवेश कितना है?
जवाब: 12 मई 2026 तक सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेशकों की कुल हिस्सेदारी लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपये थी। यह कुल बकाया सरकारी प्रतिभूतियों का करीब 3.34% हिस्सा है।
सवाल: इस फैसले का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ सकता?
जवाब: विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स छूट से विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ेगी। इससे सरकारी बॉन्ड बाजार में निवेश बढ़ सकता है, विदेशी पूंजी का फ्लो मजबूत हो सकता है और भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक डेस्टिनेशन बनाने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि यह कदम सिर्फ टैक्स राहत नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक ऋण बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार है।
(प्रियंका कुमारी)
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