Maa-Behan: कैसे एक लाश को छिपाती हैं मां और दो बहनें? जानें लोगों को कैसी लगी माधुरी दिक्षित की फिल्म?
Maa-Behen: माधुरी दिक्षित (Madhuri Dixit), तृप्ति डिमरी (Tripti Dimri) और धरना दुर्गा (Dharna Durga) की मचअवेटेड फिल्म मां-बहन का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, जो अब खत्म हो चुका है. ये फिल्म 4 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज की जा चुकी है. जिन लोगों ने फिल्म देख ली है, उन्होंने अपना रिव्यू भी शेयर करना शुरू कर दिया है. तो चलिए जानते हैं, दर्शकों को कैसी लगी है ये फिल्म और क्या है इसकी कहानी.
कैसी लगी लोगों को माधुरी की फिल्म?
माधुरी दिक्षित की फिल्म को सोशल मीडिया पर लोग पसंद कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- 'आखिरकार मैंने 'मां बहन' देख ली और माधुरी दीक्षित के किरदार को निभाने का अंदाज मेरे दिमाग से निकल ही नहीं रहा.' दूसरे यूजर ने लिखा- 'सुरेश त्रिवेनी की फिल्म MaaBehen महिला सशक्तिकरण और मनोरंजन को एक साथ लाने का प्रयास करती है.' तीसरे ने लिखा- 'मां बहन पूरी तरह से सीटी बजाने वाली फिल्म है... और खासकर जब मां "मजा ही अलग है" गाने पर सीटी बजाती है.'
Finally watched Maa Behen and I can’t stop thinking about Madhuri Dixit’s portrayal of Rekha. She brought so much grace, strength, and emotion to the character that every scene felt authentic and memorable.@MadhuriDixit #MaaBehen pic.twitter.com/oa8cVwDhn1
— Piyumi ❤️ Madhuri (@__MDsPIYUMI__) June 4, 2026
Suresh Triveni’s #MaaBehen wants to combine female empowerment and fun, and the result is middling#MadhuriDixit plays the head of a family. She has two daughters, played by #TriptiiDimri and #DharnaDurga. And they get into a crazy situation with their neighbour, played by…
— Baradwaj Rangan (@baradwajrangan) June 4, 2026
This is it. #MaaBehen is totally a whistle maar movie... and specially when Mother is whistling to maza hi alag hy. #MaaBehenOnNetflix pic.twitter.com/0u7zYneQWW
— Sonaiyaah (@Mads__planet) June 4, 2026
कुछ लोगों को पसंद नहीं आई फिल्म
हालांकि कुछ लोगों को फिल्म पसंद भी नहीं आई. एक यूजर ने लिखा- 'मां बहन का नजरिया ताजा है और कुछ हिस्सों में मनोरंजक भी है, लेकिन कहानी आगे बढ़ने पर लड़खड़ा जाती है और अंत औसत दर्जे की फिल्म बनकर रह जाती है. माधुरीदीक्षित ने अपने शानदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया है. तृप्तिदिमरी ने प्रभावी एक्टिंग की है. धरनादुर्गा जब भी स्क्रीन पर आती हैं, चौंकाती और मनोरंजन करती हैं. वहीं, रवि किशन की एक्टिंग ठीक-ठाक है. वहीं, कई लोगों का कहना है कि फिल्म की कहानी कनेक्ट नहीं कर पा रही है और एंड भी बेकार है.
Rating: ⭐️⭐️½#MaaBehen has a REFRESHING take and even ENTERTAINS in parts, but falters in the SCREENPLAY as it moves ahead, and ends up being an average watch. #MadhuriDixit smashes the ball out of the park with her mind-blowing performance. #TriptiiDimri delivers an effective… pic.twitter.com/8IvldeOPEl
— Het Tanna (@HetTannaHere) June 4, 2026
क्या है फिल्म 'मां-बहन' की कहानी?
'मां-बहन' एक डार्क कॉमेडी थ्रिलर मूवी. इसमें दिखाया जाता है कि एक फैमिली है, जिसमें एक विधवा मां और उसकी दो बेटियां रहती हैं. मां का रोल माधुरी दिक्षित (रेखा) और बेटियों का रोल तृप्ति (जया) और धरना (सुष्मा) ने निभाया है. इस घर के किचन में अचानक से एक दिन लाश मिलती है. इसके बाद मां और बेटियां लाश को ठिकाने लगाने के लिए दिमाग लगाती है. इस दौरान तीनों को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. इसके साथ कहानी आगे बढ़ती है. फिल्म 'मां-बहन' की कहानी आपका दिमाग हिलाने वाली है.
फिल्म की स्टारकास्ट और बजट
डायरेक्टर सुरेश त्रिवेनी के निर्देशन में बनी 'मां बहन' को विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म में माधुरी, तृप्ति और धरना के अलावा रवि किशन, गितांजलि कुलकर्णी, शार्दुल भारद्वाज भी अहम रोल निभाते नजर आए हैं. फिल्म के बजट के बारे में बताए तो इसे लेकर कुछ सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे मिड-बजट नेटफ्लिक्स फिल्म माना जा रहा है.
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योग को बनाएं दैनिक जीवन का हिस्सा, ताड़ासन से मिलते हैं कई लाभ: आयुष मंत्रालय
नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। योग दिवस को देखते हुए आयुष मंत्रालय लगातार लोगों को योग के प्रति जागरूक करने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में मंत्रालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर योग के महत्व और ताड़ासन के लाभों के बारे में जानकारी दी।
आयुष मंत्रालय ने अपने पोस्ट में कहा, योग का मतलब मुश्किल आसन करना नहीं है। यह आसान और सहज गतिविधियों के बारे में है जो हमारे शरीर को लचीला बनाए रखती हैं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, इन योगासनों को हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा होना चाहिए। ताड़ासन या माउंटेन पोज़ योग के सबसे ज़रूरी शुरुआती आसनों में से एक है। यह पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देता है और शरीर के पोस्चर (मुद्रा) को बेहतर बनाता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, ताड़ासन पूरे शरीर को हल्का खिंचाव प्रदान करता है और शरीर की मुद्रा (पोश्चर) को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह योग की सबसे महत्वपूर्ण शुरुआती मुद्राओं में से एक मानी जाती है।
मंत्रालय की ओर से पोस्ट के साथ शेयर किए गए एक वीडियो में ताड़ासन करने की विधि भी बताई गई। वीडियो में बताया गया कि सबसे पहले सीधे खड़े हों और अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। इसके बाद पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचते हुए स्ट्रेच करें तथा कुछ समय तक इसी स्थिति में रहते हुए सामान्य रूप से श्वास लेते रहें।
इससे पहले, गुरुवार को मंत्रालय ने कहा था कि नियमित योगाभ्यास कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। भागदौड़ भरी जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग पीठ और कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं। आयुष मंत्रालय ने ऐसे लोगों के लिए योग को एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय बताया है। मंत्रालय के अनुसार, योग-युक्त रहें, रोग-मुक्त रहें का मंत्र अपनाकर लोग अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।
आयुष मंत्रालय ने पीठ और कमर दर्द से राहत पाने के लिए कुछ विशेष योगासनों और प्राणायाम के सुझाव भी दिए थे। इनमें अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम शामिल हैं। इन अभ्यासों को नियमित रूप से करने से पीठ की मांसपेशियों में मजबूती आती है और रीढ़ की लचक बेहतर होती है।
--आईएएनएस
पीएसके
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