नाइट शिफ्ट करने से कौन सी बीमारियां होती हैं? जानिए कितना नुकसानदायक है रात में जागना
Night Shift Side Effects For Health: नाइट शिफ्ट करना आसान नहीं होता, क्योंकि पूरी रात जागकर काम करना होता है. लंबे समय तक लगातार रात में जागने से शरीर को काफी नुकसान हो सकता है.
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फिल्म : बंदर
स्टारकास्ट: बॉबी देओल, सान्या मल्होत्रा, सपना पब्बी, सबा आज़ाद, इंद्रजीत सुकुमारन
डायरेक्टर: अनुराग कश्यप
स्टार : 4
अगर आप डेटिंग ऐप्स इस्तेमाल करते हैं, तो बंदर देखने के बाद शायद राइट स्वाइप करने से पहले 100 बार सोचेंगे। अनुराग कश्यप की यह फिल्म एक ऐसे विषय को उठाती है जो आज के दौर में बेहद प्रासंगिक है और कई सवाल खड़े करता है।
कहानी
फिल्म की कहानी एक ऐसे स्ट्रगलिंग एक्टर की है जिसकी मुलाकात डेटिंग ऐप पर एक लड़की से होती है। दोनों के बीच बातचीत शुरू होती है और फिर कुछ ऐसा होता है कि मामला रेप केस तक पहुंच जाता है। ले है?
इसके बाद कहानी एक दिलचस्प सवाल के इर्द-गिर्द घूमती है। क्या लड़का ये साबित कर पाएगा कि असल में वही विक्टिम है, या फिर सामने वाली लड़की सच कह रही है? वहीं क्लाइमैक्स ऐसा है कि फिल्म खत्म होने के बाद भी आप उसके बारे में सोचते रहते हैं।
निर्देशन
अनुराग कश्यप एक बार फिर साबित करते हैं कि उन्हें अलग तरह की कहानियां पर्दे पर उतारना बखूबी आता है। फिल्म का ट्रीटमेंट बेहद रियलिस्टिक है। कई बार ऐसा लगता है कि आप कोई फिल्म नहीं बल्कि किसी की असली जिंदगी देख रहे हैं।
कैमरा वर्क भी शानदार है। छोटे-छोटे डिटेल्स पर जिस तरह ध्यान दिया गया है, वह फिल्म को और खास बनाता है। अनुराग कश्यप का विजन हर फ्रेम में साफ दिखाई देता है।
जेल के कई सीन ऐसे हैं जिन्हें देखकर आपको घृणा आएगी। यही इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है। वहीं कलाकारों से भी इतना नैचुरल और ईमानदार काम करवाया गया है कि हर सीन पूरी तरह असली लगता है। यही वजह है कि फिल्म आपको भावनात्मक रूप से जोड़ने में सफल रहती है।
अभिनय
बॉबी देओल इस फिल्म की जान हैं। उन्होंने अपने किरदार को जिस तरह निभाया है, उसे देखकर कहना गलत नहीं होगा कि यह उनके करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक है। कई जगहों पर उनकी एक्टिंग इतनी नैचुरल लगती है कि आप किरदार और अभिनेता के बीच का फर्क ही भूल जाते हैं।
बॉबी देओल के अलावा इंद्रजीत सुकुमारन ने भी काफी इंप्रेसिव काम किया है। मलयालम सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में गिने जाने वाले इंद्रजीत अपने किरदार में पूरी तरह फिट बैठते हैं।
सबा आजाद और सपना पब्बी ने भी शानदार काम किया है। खास तौर पर सपना पब्बी अपनी मौजूदगी से हर सीन में असर छोड़ती हैं। वहीं सान्या मल्होत्रा भी अहम रोल में प्रभावित करती हैं। सपोर्टिंग कास्ट का काम भी काफी मजबूत है।
फाइनल वर्डिक्ट
बंदर कोई टिपिकल मसाला फिल्म नहीं है। यह एक डार्क, इंटेंस और सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्म है। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि कई सवाल भी छोड़ जाएं, तो यह फिल्म आपके लिए है।
बॉबी देओल की शानदार एक्टिंग, अनुराग कश्यप का दमदार निर्देशन और कहानी का सस्पेंस इसे देखने लायक बनाता है।
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