Responsive Scrollable Menu

Independence Day Special: 15 अगस्त पर जियो हॉटस्टार पर देखें ये देशभक्ति फिल्में, हर कहानी में दिखेगा देश के लिए जज्बा

Independence Day Special: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर अगर आप घर बैठे देशभक्ति का माहौल महसूस करना चाहते हैं, तो थिएटर जाने की जरूरत नहीं है. ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार  पर कई ऐसी फिल्में मौजूद हैं, जिनमें देश के लिए लड़ते जवानों की बहादुरी, बलिदान और मुश्किल हालात की कहानी देखने को मिलेगी. इनमें बॉबी देओल की टैंगो चार्ली से लेकर अमिताभ बच्चन की कोहराम तक शामिल है. तो चलिए देखते हैं, लिस्ट में कौन-कौन सी फिल्में हैं.

1. टैंगो चार्ली (Tango Charlie) — 2005

साल 2005 को रिलीज हुई फिल्म टैंगो चार्ली बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवान तरुण चौहान की कहानी पर बेस्ड है. फिल्म में बॉबी देओल ने  एक नए जवान का रोल प्ले किया है जो धीरे-धीरे युद्ध की मुश्किलों से गुजरकर अनुभवी सैनिक बनता है. फिल्म की कहानी में साथ-साथ देश के अंदर होने वाली हिंसा और दंगों को भी दिखाया गया है. फिल्म में बॉबी के अलावा अजय देवगन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, तनिशा मुखर्जी और नंदना सेन लीड रोल में है. फिल्म को जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकता है.

2. कोहराम (Kohram)

जियो हॉटस्टार की देशभक्ति फिल्मों की लिस्ट में 1999 में आई कोहराम भी है. इस फिल्म में  अमिताभ बच्चन, नाना पाटेकर, जैकी श्रॉफ, तब्बू, जया प्रदा, डैनी डेंजोंगपा जैसे कलाकार है. इसकी कहानी ये है कि फिल्म में अमिताभ बच्चन एक आर्मी ऑफिसर कर्नल बलबीर सिंह सोढ़ी का किरदार निभाते हैं और एक आतंकी संगठन और उससे जुड़े एक मंत्री का पर्दाफाश करने के लिए वो अपनी मौत का नाटक करके नई पहचान अपना लेते हैं. वहीं, नाना पाटेकर ने मेजर अजीत आर्या का रोल प्ले किया है.

3. 1971: बियॉन्ड बॉर्डर्स (1971: Beyond Borders)

इस लिस्ट में 2017 में रिलीज हुई फिल्म 1971: बियॉन्ड बॉर्डर्स भी है. इस फिल्म में मोहनलाल, अरुणोदय सिंह, अल्लू सिरीश, मनोज बाजपेयी, रवि किशन, और पीयूष मिश्रा जैसे कलाकार नजर आए है. फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है. कहानी दो दौर में चलती है और सैनिकों के साहस, बलिदान और युद्ध के असर को दिखाती है. मोहनलाल इसमें दो रोल में नजर आए हैं. फिल्म के कुछ किरदारों को 1971 युद्ध के परमवीर चक्र विजेताओं से प्रेरित बताया गया है.

ये भी पढ़ें- Independence Day: स्कूल फंक्शन में बच्चों की परफॉर्मेंस के लिए चुनें ये शानदार देशभक्ति गाने, देखें पूरी लिस्ट

4. आई.एम.ए गुज्जु (I.M.A. Gujju)

जियो हॉटस्टार की देशभक्ति फिल्मों में आई.एम.ए गुज्जु भी शामिल है. साल 2018 में रिलीज हुई ये फिल्म गुजराती देशभक्ति ड्रामा है, जिसमें एक गुजराती युवक के सेना में शामिल होने और देश के लिए कुछ करने के जज्बे को दिखाया गया है. फिल्म का फोकस देशभक्ति के साथ गुजराती संस्कृति और युवाओं के जुनून पर है. फिल्म में रोहित रॉय, मनोज जोशी, सनी पंचोली, पार्थ ठाकर, श्रिया तिवारी अहम रोल में हैं.

5. वाघा (Wagah) 

विक्रम प्रभु और  रान्या राव की वाघा 2016 में रिलीज हुए बॉर्डर पर सेट रोमांटिक एक्शन फिल्म है. फिल्म की कहानी एक भारतीय सैनिक की है, जो पाकिस्तान में फंस जाता है. वो अपनी पाकिस्तानी प्रेमिका को उसके घर पहुंचाने की कोशिश में मुश्किल हालात में फंस जाता है. फिल्म में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर और दोनों देशों के बीच तनाव को कहानी का हिस्सा बनाया गया है. इसे भी आप जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं.

6. तिरंगा  (Tirangaa)  

1993 में रिलीज हुई फिल्म तिरंगा को भी आप इस 15 अगस्त पर जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं. इस फिल्म में राज कुमार, नाना पाटेकर, ममता कुलकर्णी, वर्षा उसगांवकर, हरीश कुमार और दीपक शिर्के जैसे कलाकार नजर आए हैं. फिल्म की कहानी ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह और इंस्पेक्टर शिवाजी राव वागले की है, जो एक खतरनाक आतंकवादी साजिश को रोकने के लिए साथ आते हैं. फिल्म में देश पर हमले और मिसाइल के जरिए तबाही की साजिश को रोकने की कहानी दिखाई गई है.

ये भी पढ़ें- Independence Day Special: देशभक्ति से लबरेज हैं ये टॉप 5 वेब सीरीज, इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देखें

Continue reading on the app

ट्रंप ने फिर दिया टैरिफ झटका, इस प्रोडक्ट पर लगेगा 100% शुल्क, भारत पर पड़ेगा ये असर

US Tariff on Drone: अमेरिका ने एक बार फिर टैरिफ का झटका दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रोन और उनके पार्ट्स के आयात पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका ड्रोन के लिए दूसरे देशों पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता की बात है.

व्हाइट हाउस के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील कुछ खास आकार और क्षमता वाले ड्रोनों पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा. वहीं, छोटे आकार के ड्रोनों पर 25% शुल्क लगेगा. यह टैरिफ अमेरिका के कुछ प्रमुख सहयोगी देशों से आने वाले ड्रोन और उनके घटकों पर भी लागू होगा.

इन देशों पर लगेगा 15 प्रतिशत टैरिफ

व्हाइट हाउस के मुताबिक, यूरोपीय संघ, जापान, लिकटेंस्टीन, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड और ताइवान से आने वाले ड्रोन और उनके पार्ट्स पर 15% टैरिफ लगाया जाएगा. वहीं, ब्रिटेन से आयात होने वाले ड्रोन पर 10% शुल्क लगेगा. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बाजार में विदेशी ड्रोन और उनके पार्ट्स की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है और अमेरिका इन चीजों के लिए दूसरे देशों पर बहुत ज्यादा निर्भर है. उनके मुताबिक, वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक की जांच में भी यही बात सामने आई है. हालांकि, ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर कुछ कानूनी चुनौतियां और आलोचनाएं हुई हैं, फिर भी उन्होंने इसे अपनी विदेश और व्यापार नीति का अहम हिस्सा बना रखा है.

क्यों लगाया टैरिफ?

ट्रंप ने कहा कि वाणिज्य सचिव लटनिक की जांच में पता चला है कि कुछ विदेशी कंपनियों से आने वाले ड्रोन और उनके पार्ट्स अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनियां देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में ड्रोन और उनके पार्ट्स का उत्पादन नहीं कर रही हैं. हालांकि माना जा रहा है कि ट्रंप ने यह सीधा कदम चीनी ड्रोन को देखते हुए उठाया है.

21 दिनों में लागू होगा शुल्क

व्हाइट हाउस के मुताबिक, ड्रोन पर लगाए गए नए टैरिफ 21 दिनों के बाद लागू होंगे. वहीं, ड्रोन के ऐसे पार्ट्स जो ज्यादा संवेदनशील नहीं हैं, उन पर टैरिफ 180 दिन बाद लगेगा. इसके अलावा, जिन ड्रोन या उपकरणों को पेंटागन की मंजूरी से FCC की ‘कवर्ड लिस्ट’ से छूट मिल जाएगी, उन पर भी टैरिफ 180 दिन बाद लागू होगा.

भारत पर क्या होगा असर?

अमेरिका के विदेशी ड्रोन पर भारी टैरिफ लगाने से भारतीय ड्रोन कंपनियों के लिए एक तरफ चुनौती तो दूसरी तरफ बड़ा मौका पैदा हो सकता है. अगर अमेरिका चीन पर अपनी ड्रोन निर्भरता कम करता है, तो भारतीय कंपनियां वहां अपनी मौजूदगी बढ़ाकर इस खाली जगह को भर सकती हैं. भारत में भी सरकार की PLI योजना और ड्रोन से जुड़े नियमों के चलते घरेलू मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में अमेरिकी बाजार में बढ़ती मांग भारतीय ड्रोन स्टार्टअप्स को निर्यात बढ़ाने और ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर दे सकती है. हालांकि, अमेरिका की व्यापक टैरिफ नीति और भारत-रूस तेल कारोबार को लेकर जारी तनाव इस कारोबारी अवसर को प्रभावित कर सकता है. 

Continue reading on the app

  Sports

Galle Test: Sri Lanka के खिलाफ शुभमन गिल की अगुआई में उतरेगी भारतीय टीम

भारतीय बल्लेबाजों की शनिवार से यहां शुरू हो रही दो टेस्ट मैच की श्रृंखला में स्पिन के खिलाफ कड़ी परीक्षा होगी और इस श्रृंखला का नतीजा मुख्य कोच गौतम गंभीर की देश के लाल गेंद क्रिकेट के प्रभारी के तौर पर भूमिका के लिए काफी अहम होगा। गंभीर के कार्यकाल में भारत सफेद गेंद (सीमित ओवरों का क्रिकेट) के क्रिकेट में लगभग अजेय टीम रहा है जिसका अंदाजा चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप और टी20 विश्व कप में उसके खिताबी अभियान से लगाया जा सकता है। लेकिन टेस्ट क्रिकेट की तस्वीर काफी निराशाजनक है।

न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर क्लीन स्वीप ने भारत की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। लगातार मिली इन नाकामियों और इसके बाद सहयोगी स्टाफ के दो सहायक कोच तथा एक क्षेत्ररक्षण कोच के जाने से गंभीर और टीम के लिए तत्काल नई ऊर्जा के संचार की जरूरत महसूस होने लगी है। इसका यह मतलब नहीं है कि अगर श्रीलंका में भारत जीत हासिल नहीं कर पाता है तो गंभीर को तुरंत हटा दिया जाएगा लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में आगे की रणनीति को लेकर सत्ता के गलियारों में निश्चित रूप से चर्चा तेज होगी।

हालांकि गॉल में खोई प्रतिष्ठा वापस हासिल करना किसी भी मेहमान टीम के लिए आसान काम नहीं है। अक्सर यहां पहुंचकर सपने टूटते रहे हैं। अगर यह बात महज अतिशयोक्ति लगे तो आंकड़े पर्याप्त हैं।

श्रीलंका ने 1998 से यहां खेले गए 49 टेस्ट में से 27 में जीत दर्ज की है। उसकी इस बादशाहत में चतुर स्पिनरों की बड़ी भूमिका रही है। मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ के स्वर्णिम दौर से श्रीलंका काफी आगे निकल चुका है लेकिन उसके पास अब भी प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस जैसे स्पिनर हैं, जिन्होंने गॉल को अपना किला बना रखा है।

इसे भी पढ़ें: India vs Sri Lanka Test: Washington Sundar के बाहर होने से Team India की बढ़ी मुश्किलें, लगा बड़ा झटका

यह स्थिति मौजूदा भारतीय टीम के लिए अनुकूल नहीं है जिसके बल्लेबाज हाल के समय में मिचेल सैंटनर और साइमन हार्मर जैसे स्पिनरों के खिलाफ बुरी तरह संघर्ष करते नजर आए हैं। हालांकि, मौजूदा टीम में उस भारतीय टीम की झलक दिखती है जो 2017 में पिछली बार टेस्ट श्रृंखला खेलने श्रीलंका आई थी। विराट कोहली की अगुआई वाली उस टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जो अपने करियर के मध्य चरण में थे।

भारत ने उस दौरे पर 3-0 से श्रृंखला जीती थी जिसमें गॉल में मिली जीत भी शामिल थी। इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के दबदबे का दौर शुरू हुआ था। मौजूदा टीम भी युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में करियर के मध्य चरण में पहुंच चुके अनुभवी खिलाड़ियों और अपनी जगह पक्की करने को बेताब युवा खिलाड़ियों से भरी है।

उसे भी ऐसी ही एक चिंगारी की जरूरत है जो शीर्ष पर वापसी के उसके सफर को गति दे सके। लेकिन इसके लिए भारत को स्पिन के इस जाल से निकलने के साथ-साथ कुछ खिलाड़ियों के खराब व्यक्तिगत दौर से बाहर निकलने की उम्मीद भी करनी होगी। खासकर ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल के लिए यह अहम समय है।

इसे भी पढ़ें: Ajinkya Rahane Test Debut as Commentator: मैदान के बाद अब Commentary Box में दिखेगा भारतीय दिग्गज का जलवा

जुरेल को सरफराज खान पर तरजीह मिल सकती है। इन दोनों का हालिया प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा है। मध्यक्रम के इन दोनों बल्लेबाजों के बल्ले से निकलने वाले रन और श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ उनका प्रदर्शन इस टेस्ट में बेहद महत्वपूर्ण होगा।

भारत को शीर्ष तीन बल्लेबाजों लोकेश राहुल, यशस्वी जायसवाल और देवदत्त पडिक्कल से भी बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। हालांकि गिल टीम की बल्लेबाजी के केंद्र में होंगे। पडिक्कल के पास साई सुदर्शन के पैर की अंगुली की चोट से वापसी करने पर भी नंबर तीन की जगह के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का सुनहरा मौका है।

भारतीय गेंदबाजों के लिए भी श्रीलंकाई पिचों पर अपनी लय हासिल करना उतना ही महत्वपूर्ण होगा। मेहमान टीम के यहां बाएं हाथ के तीन स्पिनरों कुलदीप यादव, मानव सुथार और रविंद्र जडेजा के साथ उतरने की उम्मीद है और इन सभी को सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी। गॉल की पिच के बेहद मुश्किल होने की उम्मीद नहीं है।

मैच आगे बढ़ने के साथ इसमें स्वाभाविक टूट-फूट आने की संभावना है। ऐसे में गेंदबाजों के लिए अपनी क्षमता पर भरोसा रखते हुए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण होगा। यहां स्पिनर गेंदबाजी का अधिकांश भार संभालेंगे लेकिन मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और उनके साथ संभावित रूप से खेलने वाले प्रसिद्ध कृष्णा को अपने छोर को नियंत्रण में रखना होगा और जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण सफलताएं दिलानी होंगी।

इसे भी पढ़ें: Cricket Rivalry से गहरी दोस्ती तक: Irfan Pathan ने 20 साल बाद बताया Sangakkara के साथ हुए उस विवाद का सच

वहीं श्रीलंका की कोशिश लंबे समय तक लाल गेंद के क्रिकेट से दूर रहने की कमी को पूरा करते हुए भारत को कड़ी चुनौती देने की होगी। मेजबान टीम ने जून-जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने से पहले करीब एक साल तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला था। कप्तान धनंजय डिसिल्वा को कैरेबियाई टीम से कहीं मजबूत भारतीय टीम के खिलाफ अपने खिलाड़ियों को एकजुट रखना होगा।

हालांकि टेस्ट क्रिकेट में अपना कुछ रुतबा गंवा चुका भारत भी कई मुश्किलों से जूझ रहा है और वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इन परेशानियों से बाहर निकलने की उम्मीद करेगा। मुश्किल दौर से गुजर रही दो टीमों के बीच मुकाबले ने अक्सर यादगार क्रिकेट को जन्म दिया है और इस श्रृंखल में भी ऐसा देखने को मिल सकता है। टीम इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), लोकेश राहुल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान।

श्रीलंका: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, कामिंदु मेंडिस, दिनेश चांदीमल, पासिंदु सूरियाबंडारा, सोनल दिनूषा, निरोशन डिकवेला, रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवंथा, मिलन रत्नायके, असिथ फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्व फर्नांडो और दिलशान मदुशंका। समय: मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा।

Fri, 14 Aug 2026 12:54:00 +0530

  Videos
See all

Balochistan Declares Independence Big Breaking LIVE: #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-14T07:44:22+00:00

News Ki Pathshala | Rubika Liyaquat:हाथों में टेडी और बंदर लेकर विपक्ष ने संसद परिसर में की नारेबाजी #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-14T07:45:42+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers